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अमर उजाला विशेष : कोरोना की दूसरी लहर में रिकॉर्ड तोड़ मौतें, मेरठ में 20 दिन में ही बने 1017 मृत्यु प्रमाणपत्र 

Sun, 23 May 2021 08:24 AM IST
Dimple Sirohi राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 23 May 2021 08:24 AM IST
सार

करीब तीन साल पहले केंद्रीय आनलाइन सिस्टम लागू होने के बाद सरकारी अस्पतालों के साथ कुछ निजी अस्पतालों को भी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार दिया गया है। जिस अस्पताल में मृत्यु हुई है, यदि उसे अधिकार मिला है तो प्रमाणपत्र वही जारी करेगा।

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Record deaths in second wave of Corona, more than thousand death certificates in twenty days in Meerut
कोरोना से मौत - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कोरोना की दूसरी लहर में मेरठ शहर में रिकॉर्ड तोड़ मौतें हुई हैं। इसकी गवाही नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आए आवेदन दे रहे हैं। अप्रैल में जहां 859 मृत्यु प्रमाणपत्र बने थे, वहीं 20 मई तक 1017 मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन निगम कार्यालय पहुंच गए हैं। इसमें से करीब 800 प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। 31 मई तक यह आंकड़ा 1600 तक पहुंचने की आशंका है।
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नगर निगम से मिले मौत के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरोना की दूसरी लहर काफी डरावनी है। इससे सैकड़ों घर तबाह हो गए हैं। पिछले साल मार्च से मई तक तीन महीने में 962 मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के आवेदन आए थे।
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इस साल एक मार्च से 20 मई तक 71 दिनों में ही 2732 आवेदन पहुंच चुके हैं। रोजाना औसतन 38 से ज्यादा आवेदन पहुंच रहे हैं, जो पिछले साल की तुलना में करीब तीन गुना अधिक हैं।
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ये है प्रमाणपत्र जारी करने का नियम 
करीब तीन साल पहले केंद्रीय आनलाइन सिस्टम लागू होने के बाद सरकारी अस्पतालों के साथ कुछ निजी अस्पतालों को भी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार दिया गया है। जिस अस्पताल में मृत्यु हुई है, यदि उसे अधिकार मिला है तो प्रमाणपत्र वही जारी करेगा।

नगर निगम उन मामलों में प्रमाणपत्र जारी करेगा, जहां मौत घर पर हुई हो या उस अस्पताल को प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार न हो। प्रमाणपत्र तभी जारी होगा जब उसके लिए मृतक के परिवार का व्यक्ति आवेदन करेगा, क्योंकि मृत्यु के समय अस्पताल सिर्फ डेथ स्लिप देते हैं। सरकार से अधीकृत प्रमाणपत्र नहीं। डेथ स्लिप के आधार पर अस्पताल बाद में प्रमाणपत्र जारी करते हैं।

पोर्टल पर करें आवेदन
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल सीआरएसओआरजीआई डॉट जीओवी डॉट इन पर घर बैठे ही कर सकते हैं। आवेदन के दौराना पार्षद का संस्तुति पत्र, वहां के सफाई नायक की रिपोर्ट, मृतक व आवेदक का आधार कार्ड की फोटो प्रति व फोटो आदि दस्तावेज लगाने होंगे। 21 दिन के अंदर प्रमाणपत्र जारी हो जाता है। नगर निगम के हेल्पलाइन नंबरों 8395881830, 9149360654 और 9119011323 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। 

आंकड़ों पर नजर 
वर्ष 2021 में जारी मृत्यु प्रमाणपत्र 
मार्च                  856 
अप्रैल                859
20 मई तक      1017

वर्ष 2020 में जारी मृत्यु प्रमाणपत्र 
मार्च                301
अप्रैल              309
मई                 352
नोट: आंकड़ा नगर निगम के जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सेल से लिया गया है। 
 
पिछले साल के मुकाबले इस साल ढाई से तीन गुना मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन अधिक आए हैं। मई में 20 दिन में ही एक हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। स्टाफ जन्म प्रमाणपत्र की बजाय मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में लगा है। - डॉ. गजेंद्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सेल

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