रिकाॅर्ड तोड़ गर्मी: तपिश से झुलसा जनजीवन, रोजाना 25 लाख का ग्लूकोज पी रहे मेरठवासी, अस्पतालों में बढ़े मरीज
राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं से वेस्ट यूपी की धरती तप रही है। 28 वर्ष में ऐसा पहली बार है जब तापमान 44 डिग्री पहुंच गया। गर्मी से बचने के लिए मेरठवासी प्रतिदिन 25 लाख रुपये का ग्लूकोज पी रहे हैं।
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मई में मेरठ का तापमान रिकॉर्ड 44 डिग्री तक पहुंच गया है। तापमान बढ़ रहा और गर्म हवाएं चल रही हैं। गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। उल्टी, दस्त के साथ पेट दर्द की शिकायतें बढ़ गई हैं।
शरीर में पानी की कमी हो रही है, जिसकी भरपाई करने के लिए पिछले 10 दिनों में ग्लूकोज, एनर्जी ड्रिंक और ओआरएस की मांग अप्रैल के मुकाबले चार गुना से भी अधिक बढ़ गई है। जिला ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के मुताबिक हर रोज जिले में करीब 25 लाख रुपये का ग्लूकोज और उससे जुड़े दूसरे पेय पदार्थ दवा स्टोरों पर बिक रहे हैं।
केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल ने बताया कि खैरनगर में 100 मेडिकल स्टोर हैं जो हॉल सेल में ग्लूकोज़, एनर्जी ड्रिंक और ओआरएस बेचते हैं, इनकी हर रोज की बिक्री करीब 15 लाख रुपये है।
इसके अलावा करीब 250 मेडिकल स्टोर ऐसे हैं जो ओआरएस-ग्लूकोज हॉल सेल में बेचते हैं, उनकी बिक्री हर रोज की 10 लाख रुपये से ज्यादा है। यह बिक्री तो हॉल सेल की है। रिटेल में जाकर यह और भी ज्यादा कीमत में लोगों तक पहुंच रहा होगा। ग्लूकोज और ओआरएस की मांग बहुत बढ़ गई है।
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में भी अब हर दिन ऐसे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है, जो उल्टी दस्त से परेशान हैं। हालात यह हो गए हैं कि ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़कर 15 फीसदी से ज्यादा हो गई है। बुधवार को दोनों अस्पतालों में 500 से ज्यादा ऐसे मरीज पहुंचे। इनमें काफी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं।
क्यों देते हैं डॉक्टर ओआरएस घोल पीने की सलाह
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट यानी ओआरएस की मदद से दस्त के दौरान शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी को पूरा किया जाता है। दस्त के साथ-साथ उल्टी और अधिक पसीना आने की स्थिति में भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा को संतुलित बनाए रखने के लिए खासकर बच्चों को ओआरएस का घोल दिया जाता है।
दिन में आसमान से बरसी आग, शाम को छाए बादल
गर्मी का रौद्र रूप कम नहीं हो रहा है। बुधवार को मौसम के तेवर दिन भर तल्ख रहे और शाम होते-होते आसमान पर बादल छा गए। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आगामी दो दिन में दो से तीन डिग्री तापमान गिर सकता है।
इस समय चल रहे नौतपा से गर्मी का असर कम होता नहीं दिख रहा है। गर्मी ने दिन-रात में जीना मुहाल कर दिया। सुबह से ही आसमान से बरस रही, आग का असर शाम को सूरज ढलने के बाद भी कम नहीं हो रहा है। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 42 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया।
बुधवार को मेरठ का एक्यूआई 200 दर्ज किया गया। जयभीमनगर 231, गंगानगर 199, पल्लवपुरम 170, दिल्ली रोड 207, बेगमपुल 212 दर्ज किया गया। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि इस समय गर्मी और उमस के बीच लो प्रेशर के बनने के चलते बारिश होने के आसार है। आगामी दो दिन में तराई क्षेत्रों और पहाड़ों पर बारिश होने से वेस्ट यूपी में भी तापमान कम होगा।