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Meerut News: महात्मा गांधी के शिक्षा और अहिंसा के विचारों को याद किया
Sat, 31 Jan 2026 02:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 31 Jan 2026 02:48 AM IST
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सीसीएसयू के इतिहास विभाग में हुआ कार्यक्रम
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय में संवाद परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बापू के जीवन, शिक्षा दर्शन और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीन ऑफ एजुकेशन प्रो. राकेश कुमार शर्मा ने गांधीजी की शिक्षा के प्रति गहरी रुचि और उसके व्यावहारिक क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने बालक को शिक्षित करने को एक व्यक्ति की शिक्षा और बालिका को शिक्षित करने को पूरे परिवार की शिक्षा का माध्यम बताया। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विघ्नेश कुमार ने बताया कि यशोदा रियासत के चौधरी रघुवीर नारायण सिंह से गांधीजी की गहरी स्नेहपूर्ण निकटता थी। गांधीजी कई बार उनके घर पधारे और स्थानीय लोगों से जुड़े। विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्णकांत शर्मा ने कहा कि गांधी बनना अत्यंत कठिन है, लेकिन उनके देशहित में किए गए कार्यों के लिए पूरा देश सदैव कृतज्ञ रहेगा। लीगल स्टडी के समन्वयक डॉ. विवेक त्यागी ने गांधीजी को एक महान व्यक्तित्व बताते हुए उनकी लिखी पुस्तकों के गहन अध्ययन पर बल दिया। डॉ. कुलदीप कुमार त्यागी ने उनके विचारों को सर्वकालिक और सार्वभौमिक करार दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा ने किया।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीन ऑफ एजुकेशन प्रो. राकेश कुमार शर्मा ने गांधीजी की शिक्षा के प्रति गहरी रुचि और उसके व्यावहारिक क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने बालक को शिक्षित करने को एक व्यक्ति की शिक्षा और बालिका को शिक्षित करने को पूरे परिवार की शिक्षा का माध्यम बताया। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विघ्नेश कुमार ने बताया कि यशोदा रियासत के चौधरी रघुवीर नारायण सिंह से गांधीजी की गहरी स्नेहपूर्ण निकटता थी। गांधीजी कई बार उनके घर पधारे और स्थानीय लोगों से जुड़े। विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्णकांत शर्मा ने कहा कि गांधी बनना अत्यंत कठिन है, लेकिन उनके देशहित में किए गए कार्यों के लिए पूरा देश सदैव कृतज्ञ रहेगा। लीगल स्टडी के समन्वयक डॉ. विवेक त्यागी ने गांधीजी को एक महान व्यक्तित्व बताते हुए उनकी लिखी पुस्तकों के गहन अध्ययन पर बल दिया। डॉ. कुलदीप कुमार त्यागी ने उनके विचारों को सर्वकालिक और सार्वभौमिक करार दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा ने किया।
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