{"_id":"619951a87f02ba2a8e76c42c","slug":"ready-to-go-in-kisan-panchayat-meerut-news-mrt565671558","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि कानून वापसी पर भी नहीं माने किसान, लखनऊ पंचायत कल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि कानून वापसी पर भी नहीं माने किसान, लखनऊ पंचायत कल
विज्ञापन
कृषि कानून वापसी पर भी नहीं माने किसान, लखनऊ पंचायत कल
मेरठ। तीन कृषि कानून वापसी की घोषणा से बुलंद हुए हौसलों के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने पूर्व निर्धारित सभी कार्यक्रमों को जारी रखने का एलान कर दिया है। इस क्रम में सोमवार को लखनऊ में किसान महापंचायत होने जा रही है। पंचायत में भाग लेने के लिए पश्चिमी यूपी से भी हजारों किसान आज लखनऊ के लिए कूच करेंगे। मेरठ जनपद से भी करीब 300 किसानों के पहुंचने का दावा किया गया है। इसके लिए भाकियू ने नौचंदी एक्सप्रेस में बोगी लगाने की मांग की हुई है। किसानों का कहना है कि बोगी लगाने का इंतजाम रेलवे को करना है।
तीन कृषि कानून वापसी की घोषणा के साथ पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों से आंदोलन खत्म कर घर लौटने की अपील की थी। लेकिन किसान संगठनों ने कृषि कानूूनों की वापसी का तो स्वागत करते हुए खुशियां मनाई, लेकिन कानूनों के संसद से रद्द होने और एमएसपी पर कानूनी गारंटी मिले बगैर वापसी से इंकार करते हुए इसका निर्णय संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक पर छोड़ दिया था। शनिवार को मोर्चा की कोर बैठक में तब तक घर वापसी नहीं करने का निर्णय लिया गया जब तक एमएसपी को कानूूूनी जामा नहीं पहनाया जाता और पराली व संशोधित बिजली बिल को वापस नहीं लिया जाएगा।
इसके साथ ही मोर्चा ने पहले से तय कार्यक्रमों को करने की भी घोषणा कर दी। इस क्रम में 22 नवंबर को लखनऊ में होने वाली किसान महापंचायत पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार होने की बात कही है। रविवार को पश्चिमी यूपी के किसान लखनऊ पंचायत के लिए कूच करेंगे। भाकियू के जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी ने बताया कि सहारनपुर, शामली, मुजफ्फनगर और मेरठ के किसानों के पास लखनऊ जाने की व्यवस्था नौचंदी एक्सप्रेस है। इस ट्रेन से ही किसान लखनऊ रवाना होंगे। ट्रेन में अतिरिक्त कोच की मांग करते हुए स्टेशन अधीक्षक को पहले ही पत्र दिया जा चुका है। मेरठ जनपद से करीब 300 किसानों ने जाने के लिए अपने नाम दिए हैं। शाम छह बजे तक सभी किसान सिटी स्टेशन पहुंच जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। तीन कृषि कानून वापसी की घोषणा से बुलंद हुए हौसलों के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने पूर्व निर्धारित सभी कार्यक्रमों को जारी रखने का एलान कर दिया है। इस क्रम में सोमवार को लखनऊ में किसान महापंचायत होने जा रही है। पंचायत में भाग लेने के लिए पश्चिमी यूपी से भी हजारों किसान आज लखनऊ के लिए कूच करेंगे। मेरठ जनपद से भी करीब 300 किसानों के पहुंचने का दावा किया गया है। इसके लिए भाकियू ने नौचंदी एक्सप्रेस में बोगी लगाने की मांग की हुई है। किसानों का कहना है कि बोगी लगाने का इंतजाम रेलवे को करना है।
तीन कृषि कानून वापसी की घोषणा के साथ पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों से आंदोलन खत्म कर घर लौटने की अपील की थी। लेकिन किसान संगठनों ने कृषि कानूूनों की वापसी का तो स्वागत करते हुए खुशियां मनाई, लेकिन कानूनों के संसद से रद्द होने और एमएसपी पर कानूनी गारंटी मिले बगैर वापसी से इंकार करते हुए इसका निर्णय संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक पर छोड़ दिया था। शनिवार को मोर्चा की कोर बैठक में तब तक घर वापसी नहीं करने का निर्णय लिया गया जब तक एमएसपी को कानूूूनी जामा नहीं पहनाया जाता और पराली व संशोधित बिजली बिल को वापस नहीं लिया जाएगा।
विज्ञापन
इसके साथ ही मोर्चा ने पहले से तय कार्यक्रमों को करने की भी घोषणा कर दी। इस क्रम में 22 नवंबर को लखनऊ में होने वाली किसान महापंचायत पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार होने की बात कही है। रविवार को पश्चिमी यूपी के किसान लखनऊ पंचायत के लिए कूच करेंगे। भाकियू के जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी ने बताया कि सहारनपुर, शामली, मुजफ्फनगर और मेरठ के किसानों के पास लखनऊ जाने की व्यवस्था नौचंदी एक्सप्रेस है। इस ट्रेन से ही किसान लखनऊ रवाना होंगे। ट्रेन में अतिरिक्त कोच की मांग करते हुए स्टेशन अधीक्षक को पहले ही पत्र दिया जा चुका है। मेरठ जनपद से करीब 300 किसानों ने जाने के लिए अपने नाम दिए हैं। शाम छह बजे तक सभी किसान सिटी स्टेशन पहुंच जाएंगे।
विज्ञापन