फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   ravindra jain

रविंद्र जैन को कभी नहीं भूल सकेगा मेरठ

Sat, 10 Oct 2015 02:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 10 Oct 2015 02:57 AM IST
विज्ञापन
ravindra jain

रामायण, महाभारत जैसे धारावाहिकों को अपनी आवाज़ से सजाकर अजर-अमर करने वाले गीतकार, संगीतकार और गायक स्वर्गीय रविंद्र जैन की स्मृतियां मेरठ के मानस पटल पर सदैव भीनी महक बिखेरेंगी। रविंद्र जैन ने 23 नवंबर 2014 को मेरठ को यश गीत ‘मेरे मेरठ, मेरे शहर...’ की सौगात दी। मेरठ जैन समाज ने उन्हें जैन रत्न की उपाधि से नवाजा। यूपी फिल्म्स जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने भी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से उन्हें सम्मानित किया।

विज्ञापन


सदर निवासी अजराड़ा घराने के मशहूर तबला वादक पंडित प्रेमप्रकाश जौहरी से रविंद्र जैन के दोस्ताना ताल्लुकात रहे। अलीगढ़ में उनके पड़ोसी रहे स्वर्गीय प्रेमप्रकाश जौहरी के बेटे राकेश जौहरी व परिवार से मिलने भी कई बार रविंद्र मेरठ आए। जैन समाज के आयोजनों, शिवरात्रि समारोहों में प्रस्तुतियां देने रविंद्र जैन यहां पधारे।
विज्ञापन


रामायण की चौपाइयों से लेकर परंपरागत कश्मीरी संगीत को अपनी कला के जादू से संवारने वाले रविंद्र जैन ने कुरान की आयतों को भी संगीतबद्ध किया। 2014 नवंबर में मेरठ में एक समारोह में बातचीत के दौरान रविंद्र जैन ने अपने आगामी प्रोजेक्ट के बारे में बताया था। इसके लिए वे देवबंद के उलेमाओं से भी मिले थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


 मेरठ की मेहमाननवाजी उन्हें हमेशा लुभाती रही। यहां की चाट उन्हें पसंद थी। शहर में पुराने दिनों में होने वाले संगीत के आयोजनों में भी रविंद्र ने कई बार उपस्थिति दर्ज कराई। धर्म, लोक संगीत और शास्त्रीय संगीत पर उनकी पकड़ थी।  

मंदाकिनी के गीतों को दिया था संगीत
मेरठ के कलाकारों के कॅरियर में भी रविंद्र जैन का उल्लेखनीय सहयोग रहा। मेरठ की मंदाकिनी को उनकी पहली फिल्म राम तेरी गंगा मैली ने रातों रात स्टार बना दिया था। इस फिल्म का संगीत रविंद्र जैन ने ही दिया था। वहीं रामायण में राम बने मेरठ के अरुण गोविल पर भी रविंद्र जैन की चौपाइयोें का खूब फिल्मांकन किया गया।

- मेरे पिताजी रविंद्र जैन जी के बचपन के दोस्त थे। वे जब भी घर आते, मम्मी के हाथ का साग और मक्के की रोटी खाते। उनके साथ एक बार मंच साझा करने का अवसर मिला था, जो अविस्मरणीय है।
- राकेश जौहरी, संगीत शिक्षक व सुपुत्र स्वर्गीय प्रेमप्रकाश जौहरी

मेरठ के साथ रविंद्र जैन जी का गहरा नाता रहा। यहां उन्होंने प्रस्तुतियां भी दीं। यहां के कलाकारों को हमेशा सराहा। शहर ने भी उन्हें भरपूर प्यार दिया। संगीत जगत में उनका स्थान अब कभी नहीं भर सकता।

 - ज्ञान दीक्षित, वरिष्ठ फोटोग्राफर

जैन समाज की ओर से रविंद्र जी को सम्मानित किया गया था। वे समाज का गौरव और शान थे। संगीत जगत में उनकी कमी पूरी नहीं होगी। मेरठ जैन समाज की ओर से उन्हें विशेष नमन और श्रृद्धांजलि।  
- सुरेश जैन रितुराज, उन्यासकार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed