मेरठ: रैपिड रेल के लिए लगवाया सबसे ऊंचा ट्रांसमिशन टावर, शहर के सभी स्टेशनों पर निर्माण कार्य शुरू
400 केवी इलेक्ट्रिक हाईटेंशन (ईएचटी) लाइन को शिफ्ट करने के लिए एनसीआरटीसी ने सबसे ऊंचा पावर ट्रांसमिशन टावर स्थापित किया है। इस पावर ट्रांसमिशन की ऊंचाई 77 मीटर यानी 25 मंजिला इमारत के बराबर है।
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आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के निर्माण में कोई समस्या न आए, इसको देखते हुए विद्युत उपकरणों के शिफ्टिंग-मोडिफिकेशन के कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। कार्य में अड़चन के चलते अब 400 केवी इलेक्ट्रिक हाईटेंशन (ईएचटी) लाइन को शिफ्ट करने के लिए एनसीआरटीसी ने मेरठ साउथ में सबसे ऊंचा पावर ट्रांसमिशन टावर स्थापित किया है। ये लाइन दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के रास्ते में आ रही थी।
इस पावर ट्रांसमिशन की ऊंचाई 77 मीटर यानी 25 मंजिला इमारत के बराबर है। जहां इसे मोडीफाई किया गया है, वहां पर आरआरटीएस कॉरिडोर का एलाइनमेंट डीएमई (दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे) और डीएफसी (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) के ऊपर से जा रहा है, इसलिए एलिवेटेड वायडक्ट के निर्माण और आरआरटीएस ट्रेनों के परिचालन सुनिश्चित करने के लिए टावर की ऊंचाई बढ़ाना आवश्यक था।
शहर के सभी स्टेशनों का निर्माण कार्य शुरू
शहर में रैपिड रेल के सभी स्टेशनों पर काम शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की ओर से एलएंडटी और एफकॉन्स कंपनी को कार्य के लिए चयनित किया गया है। कंपनियों ने कार्य तेज कर दिया है। शॉप्रिक्स मॉल चौराहे से बेगमपुल तक रैपिड रेल का कार्य तेजी से चल रहा है। एनसीआरटीसी वर्ष-2025 तक रैपिड रेल संचालन का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
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दिल्ली से मेरठ तक 82 किमी के रैपिड रेल कॉरिडोर में मेरठ शहर में मेट्रो और रैपिड रेल के लिए स्टेशनों का निर्माण कार्य चल रहा है। सबसे प्रमुख कार्य शहर की बीच आबादी के बीच चुनौती भरा रहने वाला है। इसके लिए भी कंपनियों की ओर से आसानी से कार्य को कर दिया गया है। जिससे तय लक्ष्य पर कार्य को पूरा किया जा सके।
भैसाली स्टेशन पर बनाए गए यार्ड
भूमिगत स्टेशन पर कार्य की रफ्तार तेज करने के लिए स्टेशन निर्माण कार्य स्थल पर ही यार्ड तैयार किए गए हैं, जिससे स्टील सहित अन्य सामान को रखा जा सके। इसके अलावा रात के समय कई मशीनें एक साथ कार्य करने में जुट गई हैं। सदर तहसील से लेकर भैसाली बस अड्डे कार्यशाला तक की जमीन को समतल कर कार्य किया जा रहा है।
ये हैं जिले के स्टेशन
परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, डौरली मेट्रो, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम
शहर के बीच आबादी के स्टेशन
परतापुर - एलीवेटेड, रिठानी - एलीवेेटेड, शताब्दी नगर - एलीवेटेड, ब्रह्मपुरी - एलीवेटेड, मेरठ सेंट्रल - भूमिगत, भैसाली - भूमिगत, बेगमपुल - भूमिगत