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रैपिड रेल : परतापुर स्टेशन का कॉनकार्स लेवल बनना शुरू
Tue, 17 Aug 2021 02:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 02:15 AM IST
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तेजी से हो रहा है रैपिड निर्माण कार्य
- फोटो : Amar Ujala Meerut
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दिल्ली से मेरठ तक बन रहे रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए तेज गति से कार्य किया जा रहा है। अब स्टेशनों का निर्माण भी आकार लेने लगा है। इससे साफ है कि वर्ष-2023 तक मेरठ तक भी रैपिड रेल संचालन संभव है। मेरठ मेट्रो स्टेशन परतापुर के ऊपरी भाग यानी कॉनकोर्स लेवल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसके लिए प्री-कास्ट बीम डालकर कार्य किया जा रहा है। जमीन से सात मीटर ऊंचे परतापुर मेट्रो स्टेशन को 75 मीटर लंबा और 34 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। वहीं, कॉनकोर्स लेवल के लिए 48 प्री -कास्ट कंक्रीट बीम का उपयोग किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक बीम की लंबाई लगभग 10 मीटर है।
स्टेशन के निर्माण के लिए सड़क के बीच में चार और दोनों किनारों पर चार-चार पिलर का निर्माण किया गया है। यह एक दूसरे के समानांतर है। प्रत्येक भाग के चारों पिलर को प्री कास्ट बीम द्वारा आपस में जोड़ दिया गया है। प्रत्येक बीम का वजन लगभग 40 टन है।
इन पर स्टेशन का कॉनकार्स लेवल तैयार किया जा रहा है । बड़े आकार और वजन में भारी प्री कास्ट बीम को मुख्य सड़क के दोनों ओर स्थापित करना कठिन काम है। ये प्री कास्ट सेगमेंट आरआरटीएस के शताब्दी नगर स्थित कास्टिंग यार्ड में तैयार किए जा रहे हैं। जहां से इन्हें ट्रकों के माध्यम से साइट तक लाया जा रहा है। इसके बाद फिर उच्च क्षमता वाले क्रेन की मदद से निर्धारित स्थान पर फिक्स किया जा रहा है।
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सड़क के दोनों ओर से स्टेशन में प्रवेश
यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखते हुए सड़क के दोनों ओर से स्टेशन में आगमन एवं निकास के लिए द्वार रखे जा रहे हैं। यहां से यात्री सीढ़ियों, लिफ्ट और एस्कलेटर के जरिये स्टेशन के कॉनकार्स लेवल पर पहुंचेंगे। यहां सुरक्षा जांच, टिकट किओस्क और एएफ़सी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट के अलावा खानपान के काउंटर, शौचालय व अन्य यात्री केंद्रित सुविधाएं भी होंगी। उसके बाद यात्री आगे ट्रेन लेने के लिए प्लेटफ़ार्म लेवल तक जा सकेंगे।
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स्टेशन के निर्माण के लिए सड़क के बीच में चार और दोनों किनारों पर चार-चार पिलर का निर्माण किया गया है। यह एक दूसरे के समानांतर है। प्रत्येक भाग के चारों पिलर को प्री कास्ट बीम द्वारा आपस में जोड़ दिया गया है। प्रत्येक बीम का वजन लगभग 40 टन है।
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इन पर स्टेशन का कॉनकार्स लेवल तैयार किया जा रहा है । बड़े आकार और वजन में भारी प्री कास्ट बीम को मुख्य सड़क के दोनों ओर स्थापित करना कठिन काम है। ये प्री कास्ट सेगमेंट आरआरटीएस के शताब्दी नगर स्थित कास्टिंग यार्ड में तैयार किए जा रहे हैं। जहां से इन्हें ट्रकों के माध्यम से साइट तक लाया जा रहा है। इसके बाद फिर उच्च क्षमता वाले क्रेन की मदद से निर्धारित स्थान पर फिक्स किया जा रहा है।
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सड़क के दोनों ओर से स्टेशन में प्रवेश
यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखते हुए सड़क के दोनों ओर से स्टेशन में आगमन एवं निकास के लिए द्वार रखे जा रहे हैं। यहां से यात्री सीढ़ियों, लिफ्ट और एस्कलेटर के जरिये स्टेशन के कॉनकार्स लेवल पर पहुंचेंगे। यहां सुरक्षा जांच, टिकट किओस्क और एएफ़सी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट के अलावा खानपान के काउंटर, शौचालय व अन्य यात्री केंद्रित सुविधाएं भी होंगी। उसके बाद यात्री आगे ट्रेन लेने के लिए प्लेटफ़ार्म लेवल तक जा सकेंगे।