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Meerut News: दौराला में रामलीला शुरू, संगीत सोम ने एकजुटता का आह्वान
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दौराला - शिव मंदिर रेलवे स्टेशन के मैदान पर चल रही रामलीला में मंचन करते कलाकार। स्रोत : आयोजक
दौराला। शिव मंदिर रेलवे स्टेशन के मैदान पर शनिवार को रामलीला का मंचन हुआ। इसमें बाली वध, सुग्रीव के राजतिलक और लंका दहन के प्रसंग दिखाए गए। पूर्व भाजपा विधायक ठाकुर संगीत सोम ने रामलीला का शुभारंभ किया।
संगीत सोम, कृष्ण पाल तोमर उर्फ निक्की, ओमप्रकाश पाल, ललित राणा, आशीष प्रताप सिंह और राजीव चौहान ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। संगीत सोम ने भगवान राम के जीवन को मर्यादा, त्याग और आदर्शों की सीख बताया। उन्होंने सनातनियों से एकजुट रहने का आह्वान किया। अध्यक्ष ठाकुर हरपाल सिंह ने बताया कि बाली वध के बाद सुग्रीव किष्किंधा के राजा बने। अंगद को युवराज घोषित किया गया। सीता की खोज में देरी पर लक्ष्मण के क्रोधित होने का दृश्य दिखाया गया। सुग्रीव ने भगवान राम से क्षमा मांगी।
वानर सेना समुद्र तट पर पहुंची, जहां संपाती से सीता के लंका में होने की जानकारी मिली। हनुमान समुद्र लांघकर अशोक वाटिका पहुंचे और माता सीता को भगवान राम की अंगूठी देकर संदेश सुनाया। अशोक वाटिका में उत्पात मचाने पर रावण ने अक्षय कुमार को युद्ध के लिए भेजा, जिसका हनुमान ने वध कर दिया। मेघनाद ने हनुमान को बंदी बनाया। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगाई गई, जिसके बाद उन्होंने सोने की लंका में आग लगा दी।
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संगीत सोम, कृष्ण पाल तोमर उर्फ निक्की, ओमप्रकाश पाल, ललित राणा, आशीष प्रताप सिंह और राजीव चौहान ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। संगीत सोम ने भगवान राम के जीवन को मर्यादा, त्याग और आदर्शों की सीख बताया। उन्होंने सनातनियों से एकजुट रहने का आह्वान किया। अध्यक्ष ठाकुर हरपाल सिंह ने बताया कि बाली वध के बाद सुग्रीव किष्किंधा के राजा बने। अंगद को युवराज घोषित किया गया। सीता की खोज में देरी पर लक्ष्मण के क्रोधित होने का दृश्य दिखाया गया। सुग्रीव ने भगवान राम से क्षमा मांगी।
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वानर सेना समुद्र तट पर पहुंची, जहां संपाती से सीता के लंका में होने की जानकारी मिली। हनुमान समुद्र लांघकर अशोक वाटिका पहुंचे और माता सीता को भगवान राम की अंगूठी देकर संदेश सुनाया। अशोक वाटिका में उत्पात मचाने पर रावण ने अक्षय कुमार को युद्ध के लिए भेजा, जिसका हनुमान ने वध कर दिया। मेघनाद ने हनुमान को बंदी बनाया। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगाई गई, जिसके बाद उन्होंने सोने की लंका में आग लगा दी।
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