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लॉकडाउन में रमजान : खजूर के दाम छू रहे आसमान
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लॉकडाउन में रमजान : खजूर के दाम छू रहे आसमान
मेरठ। रमजान के महीने में खजूर की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि खजूर से रोजा इफ्तार सुन्नत माना जाता है। लॉकडाउन के समय में खजूर के दाम आसमान छू रहे हैं। जिसके कारण मंडी के थोक विक्रेताओं ने खजूर मंगाना बंद कर दिया है। स्टॉक में रखी किस्म का खजूर ही रोजेदारों तक पहुंचाने की कोशिश है।
फल मंडी विक्रेता मोहम्मद साकिब ने बताया खजूर की दो लाख वाली गाड़ी पांच लाख की हो गई है, जबकि पांच लाख में मिलने वाली गाड़ी 10 से 12 लाख रुपये की हो गई है। इतनी महंगी खजूर कौन मंगाएगा। स्टाक में रखी कट्टे वाली खजूर और ईरानी खजूर ही ठेले वाले और दुकानदार बेच रहे हैं। कीमिया नाम की ईरानी खजूर 200 से 300 रुपये किलो हो गई है, जबकि 100 रुपये वाली खजूर 200 रुपये किलो तक बिक रही है। ऐसे में फल मंडी के थोक विक्रेताओं के सामने खजूर की आपूर्ति करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
- स्टाक खत्म होने के बाद नहीं बेचेंगे खजूर
इस्लामाबाद के दुकानदार फजरुद्दीन ने बताया कि रमजान में खजूर बेचने के लिए लाए हैं। हर बार रमजान में खजूर बेचते हैं। लेकिन इस बार खजूर से काम नहीं चलेगा। क्योंकि मंडी से माल मिला ही नहीं। दो ही किस्म की खजूर बेचनी पड़ रही है, जबकि स्टाक भी कम है। ऐसे में दो या तीन दिन खजूर बेचकर काम बदल देंगे।
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- खजूर न मिलने पर फल से इफ्तार करें
विकासपुरी मस्जिद के इमाम मुफ्ती वाजिद अली ने बताया कि खजूर से रोजा इफ्तार करना सुन्नत है। लेकिन लॉकडाउन के समय में खजूर महंगी होती है या बाजार से गायब हो जाती है। ऐसे में किसी अन्य फल से रोजा इफ्तार किया जा सकता है। फल नहीं मिले तो पानी पीकर भी रोजा इफ्तार किया जा सकता है।
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लॉकडाउन के नियमों का पालन रोजेदारों को देगा ताकत
मेरठ। लॉकडाउन का समय रोजेदारों के लिए बेहतर और इबादत करने वाला है। नायब शहरकाजी जैनुर राशिद्दीन ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से लॉकडाउन जारी है। जिसमें लोगों को समय पास करने में बड़ी परेशानी हो रही थी। लेकिन आज (शनिवार) से रमजान महीने की शुरुआत होने के साथ अब रोजेदार इसका सदुपयोग कर पाएंगे। क्योंकि रोजा 15 घंटे से ज्यादा का होगा। जिस कारण रोजेदारों को बाहर निकलने में परेशानी होती। पहले रोजे के बाद प्रतिदिन गर्मी बढ़ेगी। रोजेदारों के लिए गर्मी में रोजा रखकर बाहर निकलना मुश्किल भरा होता है। जिसमें लॉकडाउन के चलते लोगों को घरों में रहकर इबादत और नमाज पढ़ने का भरपूर मौका मिलेगा। 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है। रोजेदारों को सकारात्मक रवैया अपनाते हुए लॉकडाउन के नियमों का पालन करना है। घर पर रहकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़नी है।
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हॉट स्पॉट में रोजेदारों के लिए सामग्री पहुंचाना चुनौती
मेरठ। शास्त्रीनगर सेक्टर-13, हुमायूं नगर, लखीपुरा में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद इन क्षेत्रों को हॉट स्पॉट बनाया गया है। हॉट स्पॉट क्षेत्रों में खाद्य सामग्री पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौती भरा होगा। शास्त्रीनगर सेक्टर-13 के लोगों की शिकायत है कि कॉलोनी में दूध और सब्जी अच्छी नहीं आ रही है। शास्त्रीनगर निवासी मौ. शाहिद ने बताया कि रमजान महीने में कॉलोनी के एक आदमी को बाहर जाने की अनुमति हो। ताकि मनपसंद सब्जी या अन्य सामान खरीदा जा सके। अनुमति से दूध और सब्जी बेचने वाले सामान अच्छा नहीं दे रहे हैं। कई बार वह पुलिसकर्मियों से शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में कोरोना के केस अब सामान्य हो गए हैं। जबकि कई मरीज ठीक भी हो गए हैं। प्रशासन को हॉट स्पॉट हटाने पर विचार करना चाहिए। स्थानीय निवासी गुलजार अहमद ने बताया कि रमजान में लोग रोजा रखेंगे। ऐसे में प्रशासन को विशेष इंतजाम करने चाहिए।
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मेरठ। रमजान के महीने में खजूर की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि खजूर से रोजा इफ्तार सुन्नत माना जाता है। लॉकडाउन के समय में खजूर के दाम आसमान छू रहे हैं। जिसके कारण मंडी के थोक विक्रेताओं ने खजूर मंगाना बंद कर दिया है। स्टॉक में रखी किस्म का खजूर ही रोजेदारों तक पहुंचाने की कोशिश है।
फल मंडी विक्रेता मोहम्मद साकिब ने बताया खजूर की दो लाख वाली गाड़ी पांच लाख की हो गई है, जबकि पांच लाख में मिलने वाली गाड़ी 10 से 12 लाख रुपये की हो गई है। इतनी महंगी खजूर कौन मंगाएगा। स्टाक में रखी कट्टे वाली खजूर और ईरानी खजूर ही ठेले वाले और दुकानदार बेच रहे हैं। कीमिया नाम की ईरानी खजूर 200 से 300 रुपये किलो हो गई है, जबकि 100 रुपये वाली खजूर 200 रुपये किलो तक बिक रही है। ऐसे में फल मंडी के थोक विक्रेताओं के सामने खजूर की आपूर्ति करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
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- स्टाक खत्म होने के बाद नहीं बेचेंगे खजूर
इस्लामाबाद के दुकानदार फजरुद्दीन ने बताया कि रमजान में खजूर बेचने के लिए लाए हैं। हर बार रमजान में खजूर बेचते हैं। लेकिन इस बार खजूर से काम नहीं चलेगा। क्योंकि मंडी से माल मिला ही नहीं। दो ही किस्म की खजूर बेचनी पड़ रही है, जबकि स्टाक भी कम है। ऐसे में दो या तीन दिन खजूर बेचकर काम बदल देंगे।
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- खजूर न मिलने पर फल से इफ्तार करें
विकासपुरी मस्जिद के इमाम मुफ्ती वाजिद अली ने बताया कि खजूर से रोजा इफ्तार करना सुन्नत है। लेकिन लॉकडाउन के समय में खजूर महंगी होती है या बाजार से गायब हो जाती है। ऐसे में किसी अन्य फल से रोजा इफ्तार किया जा सकता है। फल नहीं मिले तो पानी पीकर भी रोजा इफ्तार किया जा सकता है।
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लॉकडाउन के नियमों का पालन रोजेदारों को देगा ताकत
मेरठ। लॉकडाउन का समय रोजेदारों के लिए बेहतर और इबादत करने वाला है। नायब शहरकाजी जैनुर राशिद्दीन ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से लॉकडाउन जारी है। जिसमें लोगों को समय पास करने में बड़ी परेशानी हो रही थी। लेकिन आज (शनिवार) से रमजान महीने की शुरुआत होने के साथ अब रोजेदार इसका सदुपयोग कर पाएंगे। क्योंकि रोजा 15 घंटे से ज्यादा का होगा। जिस कारण रोजेदारों को बाहर निकलने में परेशानी होती। पहले रोजे के बाद प्रतिदिन गर्मी बढ़ेगी। रोजेदारों के लिए गर्मी में रोजा रखकर बाहर निकलना मुश्किल भरा होता है। जिसमें लॉकडाउन के चलते लोगों को घरों में रहकर इबादत और नमाज पढ़ने का भरपूर मौका मिलेगा। 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है। रोजेदारों को सकारात्मक रवैया अपनाते हुए लॉकडाउन के नियमों का पालन करना है। घर पर रहकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़नी है।
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हॉट स्पॉट में रोजेदारों के लिए सामग्री पहुंचाना चुनौती
मेरठ। शास्त्रीनगर सेक्टर-13, हुमायूं नगर, लखीपुरा में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद इन क्षेत्रों को हॉट स्पॉट बनाया गया है। हॉट स्पॉट क्षेत्रों में खाद्य सामग्री पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौती भरा होगा। शास्त्रीनगर सेक्टर-13 के लोगों की शिकायत है कि कॉलोनी में दूध और सब्जी अच्छी नहीं आ रही है। शास्त्रीनगर निवासी मौ. शाहिद ने बताया कि रमजान महीने में कॉलोनी के एक आदमी को बाहर जाने की अनुमति हो। ताकि मनपसंद सब्जी या अन्य सामान खरीदा जा सके। अनुमति से दूध और सब्जी बेचने वाले सामान अच्छा नहीं दे रहे हैं। कई बार वह पुलिसकर्मियों से शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में कोरोना के केस अब सामान्य हो गए हैं। जबकि कई मरीज ठीक भी हो गए हैं। प्रशासन को हॉट स्पॉट हटाने पर विचार करना चाहिए। स्थानीय निवासी गुलजार अहमद ने बताया कि रमजान में लोग रोजा रखेंगे। ऐसे में प्रशासन को विशेष इंतजाम करने चाहिए।