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बारिश से पश्चिमी यूपी का हाल बेहाल, सहारनपुर में फसलों सहित आम जनजीवन प्रभावित

Wed, 29 Aug 2018 02:29 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 29 Aug 2018 02:29 PM IST
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Rainfall in western UP affected normal life including crops in Saharanpur
गंगा नदी में बढ़ा जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पश्चिमी यूपी के सहारनपुर जिले में खादर क्षेत्र में बाढ़ के हालात में कोई सुधार नहीं है। मंगलवार रात को बारिश होने के कारण यहां स्थिति और भी मुश्किल हो गई है। ग्रामीणों  के सामने समस्याएं जस की तस बनी हैं। पशुओं के चारे के साथ-साथ बीमार परिजनों को इलाज के लिए ले जाना सबसे बड़ी समस्या बनी है। जिले में हो रही बारिश और जलभराव के कारण खादर क्षेत्र के कई गांवों में धान सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है, जबकि नदियों में पानी के तेज बहाव के चलते नदी क्षेत्र में लगाई सब्जियों से लेकर गन्ना, धान आदि फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। 
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जिले ग्रामीणों के मकानों में पानी भरने से नुकसान हुआ है। वहीं नदी के खादर क्षेत्र में बारिश के बाद हुए जलभराव और पानी के तेज बहाव के चलते फसलों को काफी नुकसान है। इसमें धान, गन्ना,घास सहित अन्य फसलें शामिल हैं। कई क्षेत्रों में बारिश के बाद आई हवा से धान आदि फसल नीचे गिर गई और वहां हुए जलभराव से खराब हो गई। चिलकाना क्षेत्र के गांव  पाज बांगर, सुल्तानपुर, चिलकाना, नल्हेडा, नथमलपुर, दानतपुर आदि  गांव के खादर के कुछ रकबे में मसखरा नदी का पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। नकुड़ के नसरुल्लापुर काजीबांस, टाबर, मल्हामजरा, धुंधा माजरा आदि में भी नुकसान की सूचना है। 

इसके अलावा लखनौती के कुंडा कलां, हलवाना, बेगी, डबकोला, सराजपुर, बल्लामजरा, बानूखेडी सहित अन्य के गांव में कुछ स्थानों पर फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा नदियों में आए पानी के तेज बहाव के चलते नदी क्षेत्र में लगाई गई सब्जियों आदि की फसल भी बह गई थीं। उप निदेशक कृषि राजीव कुमार ने बताया कि उनके पास अभी फसलों के अधिक नुकसान की सूचना नहीं है। इस बारे में जिले भर से रिपोर्ट मांगी गई है।
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विधानसभा में उठा ढमोला नदी का मामला 
नगर विधायक संजय गर्ग ने महानगर के बीचों बीच बह रही ढमोला नदी द्वारा किए जा रहे कटाव को रोकने और जलभराव के चलते होने वाले नुकसान पर अंकुश लगाने बनाए जा रहे बंधे के लिए शासन से रिवाइज इस्टीमेट को भिजवाने की मांग की है।  उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से नियम 301 के तहत सरकार से मांग की है।

नगर विधायक ने सदन में  कहा कि शहर के बीच में बह रही ढमोला नदी में जल स्तर के अचानक बढ़ने के कारण गत वर्षों में  देवपुरम, संत नगर, ब्रजेश नगर और पंजाबी बाग में जलभराव हो गया था। जिससे जान और माल का नुकसान हुआ था।  कटाव और जलभराव की समस्या से निबटने के लिए सिंचाई निर्माण  खंड की ओर से 568.08 लाख की एक परियोजना  शासन को प्रेषित की थी। जिसमें  रेलवे से अनापत्ति पत्र मिलने पर ब्रजेश नगर में रेलवे की भूमि पर बांध बनाने का कार्य सम्मिलित करने की वांछना भी की गई थी।  लेकिन शासन द्वारा अभी तक रिवाइज इस्टीमेट विभाग द्वारा नहीं भेजा गया है। उन्होंने लोक महत्व के मुद्दे पर कार्रवाई कराने की मांग की। 
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