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Meerut News: बारिश में फिर डूबे रेलवे अंडरपास

Tue, 07 Jul 2026 09:08 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 09:08 PM IST
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Railway underpasses submerged again in the rain.
खरखौदा के उलधन रोड पर मेरठ बुलंदशहर रेलवे ट्रैक पर बने अंडरपास में हुआ जल भराव व रेलवे ट्रैक को
- 5 से 7 फीट पानी भरने से कई गांवों का संपर्क टूटा, जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करते रहे लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। मेरठ-खुर्जा रेलखंड पर रेलवे द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई अंडरपास व्यवस्था पहली ही तेज बारिश में फिर बेपटरी नजर आई। बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद अधिकांश अंडरपास में पांच से सात फीट पानी भर गया। कई गांवों का मुख्य संपर्क मार्ग बंद हो गया। लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करने को मजबूर हो गए। गत वर्ष प्रत्येक अंडरपास पर करीब एक-एक करोड़ रुपये खर्च कर रीबोर (जल निकासी) प्रणाली विकसित की गई थी जो पहली ही बारिश में ध्वस्त हो गई।
रेलवे ने वर्षों पहले सुरक्षा के लिहाज से मेरठ-खुर्जा रेलखंड पर सभी मानव रहित फाटकों को बंद कर करोड़ों रुपये की लागत से अंडरपास बनाए थे। उद्देश्य था कि सड़क और रेल यातायात सुरक्षित रहे और लोगों को फाटक पर रुकना न पड़े। मेरठ से हापुड़ के बीच करीब नौ अंडरपास बनाए गए लेकिन निर्माण के बाद से ही बरसात के मौसम में इनमें जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है। हर वर्ष बारिश आते ही ये अंडरपास आवागमन के बजाय लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन जाते हैं।
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ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की लगातार शिकायतों के बाद रेलवे विभाग ने पिछले वर्ष इस समस्या के स्थायी समाधान का दावा किया था। प्रत्येक अंडरपास पर करीब एक-एक करोड़ रुपये की लागत से गहरे कंक्रीट रीबोर कुएं और आधुनिक जल निकासी प्रणाली तैयार कराई गई। अधिकारियों ने दावा किया कि अब किसी भी स्थिति में अंडरपास में पानी नहीं भरेगा लेकिन बुधवार की बारिश ने विभाग के सभी दावों की पोल खोल दी। अधिकांश अंडरपास में रीबोर सिस्टम काम नहीं कर सका और कुछ ही घंटों में पांच से सात फीट तक पानी भर गया।
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ग्रामीणों को परेशान होना पड़ा
पांची, धनतला, धनौटा, खंदावली, चांदसारा सहित कई गांवों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन गांवों का मुख्य संपर्क मार्ग यही अंडरपास हैं, वहां लोगों का शहर और मुख्य मार्गों से संपर्क लगभग टूट गया। ग्रामीणों ने बताया कि यदि किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना पड़े तो ऐसी स्थिति में समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना भी मुश्किल हो जाता है।

ट्रैक पार करते दिखे ग्रामीण
जलभराव के कारण अंडरपास बंद होने पर लोग मजबूरी में सीधे रेलवे ट्रैक से निकलते रहे। बाइक, साइकिल और पैदल राहगीर लगातार ट्रैक पार करते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति कभी भी बड़े रेल हादसे का कारण बन सकती है। रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है, जब लोग अंडरपास छोड़कर ट्रैक पार करने को विवश हो जाएं।

कोट....
समस्या जायज है। इस मामले में संबंधित विभाग से जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी और समस्या का समाधान किया जाएगा। -महेश यादव, सीनियर डीसीएम, मुरादाबाद रेल मंडल
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