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फ्लोर मिल में छापा मारा, निम्न स्तर का गेहूं मिला

Fri, 08 Jan 2021 01:47 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 01:47 AM IST
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Raid in floor mill, low level wheat found
मेरठ। सदर स्थित रामा फ्लोर मिल में राशन का गेहूं प्रयोग होने की शिकायत पर बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन, खाद्य आपूर्ति विभाग और आरटीओ ने छापा मारा। जांच में टीम को गेहूं राशन का नहीं मिला लेकिन गेहूं की गुणवत्ता निम्न स्तर की पाई गई। वहीं सूचना के बाद भी खराब गेहूं की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम नहीं पहुंची।
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शहर की कई फ्लोर मिलों में लंबे समय से राशन का गेहूं प्रयोग होने की शिकायतें आ रही हैं। राशन एजेंसियों के साथ उनकी साठगांठ बताई जाती है। बृहस्पतिवार सुबह डीएम के. बालाजी को सूचना मिली कि सदर स्थित रामा फ्लोर मिल पर राशन का गेहूं पहुंचा है। डीएम के आदेश पर एसीएम सुनीता सिंह और डीएसओ नीरज सिंह के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। वहां दो ट्रकों से गेहूं उतारा जा रहा था। टीम ने दस्तावेजों के साथ मिल के स्टॉक की जांच की। फ्लोर मिल मालिक नीरज और अभिषेक ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों समेत मप्र और महाराष्ट्र से गेहूं मंगवाते हैं। रोजाना 400 से 600 क्विंटल आटा तैयार होता है।
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बाद में मौके पर पहुंचे एआरटीओ दिनेश कुमार ने जांच के बाद ट्रक में मानक के अनुरूप वजन होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि गाड़ी में मानक से ज्यादा वजन होता तो टोल पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता। टोल की पर्ची में ओवरलोड शुल्क नहीं लिया गया है। डीएसओ नीरज सिंह ने बताया कि ट्रक से उतारी जा रहीं गेहूं की बोरी काफी पुरानी थीं। उन पर सरकारी मोहर भी नहीं थी। जांच में राशन का गेहूं नहीं मिला।
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खराब गेहूं से बना रहे आटा, सूजी और मैदा
शहर की कई फ्लोर मिलों में अच्छे और खराब गेहूं को मिलाकर आटा, सूजी और मैदा तैयार किया जा रहा है। शिकायत मिलने पर विभागीय अधिकारी जांच के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभी तक शहर में कोई कार्रवाई नहीं की है। व्यापारियों और कुछ मिल संचालकों से के अनुसार 100 क्विंटल साफ गेहूं में 200 क्विंटल खराब गेहूं मिलाया जाता है। शहर की कई मिलें 1000 से 1200 बोरी तक प्रतिदिन आटा तैयार कर रही हैं।
राशन एजेंसियों से पहुंच रहा गेहूं
मिल संचालकों की कई राशन एजेंसियों से साठगांठ है। एजेंसी संचालक चोरी-छिपे वहां अनाज पहुंचाते हैं। यह अनाज उन्हें बाजार भाव से आधे दाम पर मिल जाता है। राशन की दुकानों पर गेहूं का भाव 2-3 रुपये प्रति किलो है, जबकि गेहूं का बाजार भाव 1600-1700 रुपये प्रति क्विंटल है।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन करेगा कार्रवाई
मामला अभी संज्ञान में नहीं हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग और जिला प्रशासन ने सदर स्थित एक मिल में जांच की है। विभागीय अधिकारी शहर की मिलों में अनाज की गुणवत्ता की जांच करेंगे।

- अर्चना धीरान, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन
पेट की बीमारी हो सकती है
पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यार्थ चौधरी का कहना है कि खराब गेहूं के आटे को खाने से समस्या हो सकती है। इसकी वजह से अपच, दस्त, पेट फूलना और स्किन से जुड़ी समस्या हो सकती है।
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