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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Raghunandan Jewellers' fraud: Script of fraud worth Rs 1 crore written in Mumbai, everyone's roles were fixed

रघुनंदन ज्वेलर्स में ठगी: मुंबई में लिखी एक करोड़ की ठगी की पटकथा, तय थे सबके रोल, 80 लाख के जेवर समेत 3 पकड़े

Sun, 08 Mar 2026 11:39 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Sun, 08 Mar 2026 11:39 AM IST
सार

Meerut News: मेरठ के रघुनंदन ज्वेलर्स से 18 फरवरी को ठगों ने एक करोड़ के गहने ठग लिए थे। भगवान बुक डिपो संचालक को मोहरा बनाकर एक करोड़ रुपये की पेमेंट करा दी थी। पुलिस ने खुलासा तो कर दिया, लेकिन अभी भी तीन आरोपी फरार हैं। 

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Raghunandan Jewellers' fraud: Script of fraud worth Rs 1 crore written in Mumbai, everyone's roles were fixed
गिरफ्तार तीन आरोपी, बरामद जेवर व नगदी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फिल्मी स्टाइल में 18 फरवरी को आबू प्लाजा स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स से हुई ठगी का पुलिस ने खुलासा कर दिया। खुद वेस्ट बंगाल निवासी और सेना का मेजर बताकर कृष्णा तिवारी ने अपने साथियों की मदद से भगवान बुक डिपो संचालक प्रवीण शर्मा को जाल में फंसाकर एक करोड़ रुपये लेकर रघुनंदन ज्वेलर्स पर भेजा था। हिसार के पंकज भारद्वाज ने तन्मय को व्हाट्सएप कॉल कर ठगी का शिकार बनाया था। पुलिस ने जिले व दूसरे प्रदेशों में एक हजार से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद खुलासा किया है।
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पुलिस ने मामले में हिसार हरियाणा निवासी पंकज भारद्वाज, हापुड़ पिलखुवा निवासी राजावीर सिंह और निशांत तोमर उर्फ राजा व सरधना निवासी सचिन कुमार को गिरफ्तार किया है। वारदात में शामिल हापुड़ कालंद गांव निवासी मुकुल उर्फ सुच्चा, कृष्णा तिवारी और सचिन दत्त शर्मा को तलाश किया जा रहा है।
 
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एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और सीओ कैंट नवीना शुक्ला ने बताया कि गिरोह ने योजनाबद्ध ढंग से सटीक टाइमिंग के जरिये रघुनंदन ज्वेलर्स से एक करोड़ के गहने ठग लिए थे। हिसार निवासी पंकज भारद्वाज सोने की ठगी में माहिर है। पंकज ने ही कृष्णा बनकर ज्वेलर्स तन्मय अग्रवाल को कॉल की और अपना भतीजा बताकर मुकुल उर्फ सुच्चा को एक करोड़ के गहने खरीदने के लिए रघुनंदन ज्वेलर्स पर भेजा था।
 
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इधर कृष्णा तिवारी जीएसटी में छूट दिलाने के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाता है। कृष्णा तिवारी ने अपने परिचित दिल्ली में रहने वाले बिहार निवासी राजवीर की मदद से भगवान बुक डिपो संचालक प्रवीण शर्मा के साथी पुष्पेंद्र चौधरी से संपर्क किया था। पुष्पेंद्र चौधरी ने उससे कहा था कि उनके मित्र प्रवीण शर्मा को एक संपत्ति खरीदने के लिए एक करोड़ रुपये अपनी फर्म के खाते में जमा कराने हैं। पुष्पेंद्र चौधरी के कहने पर प्रवीण शर्मा ने खाते में रुपये जमा कराने के लिए ज्वेलर्स तन्मय को एक करोड़ रुपये दिए थे। तभी पंकज ने तन्मय को व्हाट्सएप कॉल कर कहा कि उसने गहने के रुपये अपने साथी प्रवीण के हाथ भेज दिए हैं। रुपये लेने के बाद तन्मय ने मुकुल उर्फ सुच्चा को गहने दे दिए और वह वहां से भाग गया।
 

मुंबई में लिखी पटकथा में हर आरोपी का अलग किरदार
ठगी की वारदात में गिरोह के हर सदस्य का अलग किरदार था। किसी ने ज्वेलर्स को जाल में फंसाने की जिम्मेदारी संभाली तो किसी ने प्रवीण शर्मा को झांसा देकर एक करोड़ रुपये लेकर रघुनंदन ज्वेलर्स पर भेजा। गहने लेकर भागने, ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी अन्य आरोपियों को सौंपी गई। इस वारदात साजिश कुछ दिन पहले मुंबई में मुलाकात के दौरान रची पंकज, कृष्णा, राजावीर और सचिन दत्त शर्मा ने मिलकर रची। दिल्ली में रहने वाले राजवीर और पुष्पेंद्र चौधरी को पुलिस ने आरोपी नहीं बनाया है।
 

पूर्व बैंककर्मी पंकज भारद्वाज ने ऐसे बुना ठगी का जाल
पंकज भारद्वाज (40) पहले निजी बैंक में काम कर चुका है। बैंक में धोखाधड़ी करने पर उसे वहां से निकाल दिया गया था। इसके बाद वह लोगों को ठगी के जाल में फंसाने का काम करने लगा। इस वारदात में पंकज भारद्वाज ने खुद को दिल्ली का आभूषण कारोबारी कृष्णा बताकर ज्वेलर्स तन्मय को कॉल की। मुकुल को रघुनंदन ज्वेलर्स पर भेजकर उसने तन्मय से कहा कि वह फिलहाल अपने साथियों से नकद रुपये भेज रहा है। बाद में रुपये मंगाकर उनके खाते में रुपये हस्तांतरित कर अपनी नकदी मंगा लेगा।
 

कृष्णा बोला- काला धन सफेद कराना उसका बाएं हाथ का खेल
कृष्णा तिवारी जिन लोगों से मिलता था वह उनसे कहता था कि वह सेना में मेजर है और कई लोगों से संपर्क हैं। जीएसटी छूट और काला धन सफेद कराना उसके बाएं हाथ का खेल है। वारदात से कुछ दिन पहले ही उसकी मुलाकात दिल्ली में शादी के कार्ड बेचने का काम करने वाले राजवीर से हुई और उसने उसे भी यही झांसा दिया। राजवीर का मेरठ में आना जाना था। उसने अपने परिचित पुष्पेंद्र चौधरी से ऐसा व्यक्ति बताने के लिए कहा। तब पुष्पेंद्र चौधरी से प्रवीण शर्मा से संपर्क कर रुपये जमा कराने की बात कही। वारदात के दिन वह दिल्ली एयरपोर्ट से वेस्ट बंगाल चला गया था। हालांकि वह सेना से जुड़ा है या नहीं इसकी पुलिस पड़ताल कर रही है।
 

निगम के निलंबित बाबू सचिन ने संभाला गहने खपाने का जिम्मा
इस वारदात में जिस सचिन दत्त शर्मा की पुलिस को तलाश है। वह मूलरूप से अजमेर निवासी और वहीं के नगर निगम का बाबू बताया गया है। फर्जीवाड़ा करने पर ही उसे निलंबित किया गया था। वह दिल्ली में सक्रिय रहता है। सचिन दत्त शर्मा ने ठगे गए गहनों को बेचने की जिम्मेदारी संभाली थी। वारदात के बाद पंकज ने गहने दिल्ली लेकर पहुंचा लेकिन उसने सचिन को कुछ गहने दिए। यही गहने अभी बरामद नहीं हो पाए हैं। सचिन की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसने शेष गहने बेचे हैं या नहीं।
 

राजावीर ने कमीशन का लालच देकर शामिल किए आरोपी
आरोपी राजावीर (31) नोएडा में रहता है। उसके पिता मुंबई में नौकरी करते हैं। वहां जाने के दौरान ही उसकी पंकज आदि से मुलाकात हुई थी। राजावीर ने कमीशन का लालच देकर अपने रिश्तेदार निशांत उर्फ राजा (26) को वारदात में शामिल किया। राजवीर ने उसे गहने ठिकाने पर ले जाने के दस लाख रुपये मिलेंगे। राजावीर और निशांत की मदद से ही कमीशन का लालच देकर मुकुल और सरधना के सचिन (40) को शामिल किया गया। हालांकि इनमें बाद में सभी के दस-दस लाख रुपये मांगने पर विवाद भी हुआ। राजावीर ने इनसे कहा कि दस लाख रुपये में ही सभी को आपस में बांटने हैं।

मुकुल ने ऐसे निभाया पंकज के भतीजे का किरदार
मुकुल बेगमपुल से पैदल आकर रघुनंदन ज्वेलर्स पर पहुंचा। यहां से गहने वह ई रिक्शा में लेकर कंकरखेड़ा फ्लाईओवर के पास पहुंचा। यहां उसे सचिन मिला। सचिन के साथ वह दिल्ली-देहरादून हाईवे पर ईओन कार लेकर खड़े पंकज और राजावीर के पास पहुंचे। गहने सौंपने और कुछ रुपये लेकर मुकुल और सचिन लौट गए और पंकज व राजावीर दिल्ली सचिन दत्त शर्मा और कृष्णा तिवारी के पास चले गए।
 

होटलों में की पार्टी, राजावीर की महिला मित्र रही साथ
वारदात के बाद आरोपी दिल्ली, मुंबई, गुजरात के होटल में रुके थे और पुलिस की कार्रवाई की भी निगरानी रख रहे थे। राजावीर अपनी महिला मित्र को साथ लेकर गया था। उसको लेकर वह होटल में रुका। आरोपी शेष गहने ठिकाने के लिए अजमेर सचिन दत्त शर्मा के पास गए थे लेकिन पुलिस की भनक लगने पर सचिन वहां से भाग गया। आरोपी शनिवार सुबह गहने का बंटवारा करने के लिए कैंट स्टेशन के पास खंडहर में आए थे। तभी चारों को पुलिस ने दबोच लिया।
 

ये हुई बरामदगी, 89 लाख भी केस प्रॉपर्टी बनाए
पुलिस ने इस मामले में 80 लाख के गहने, 89500 रुपये, दस स्मार्ट मोबाइल फोन, 4 की-पैड मोबाइल, वारदात में प्रयोग की गई ईओन कार, बरामद की है। वहीं, प्रवीण शर्मा द्वारा तन्मय को दिए गए एक करोड़ रुपये में से 89 लाख रुपये लेकर केस प्रॉपर्टी में शामिल किए हैं। बड़ी आर्थिक अपराध होने के कारण इस मामले की जांच ईडी और आयकर विभाग भी कर सकते हैं।
 

वाराणसी में ठगी कर चुके हैं, पहले भी मुंबई में हुई गिरफ्तारी
पंकज भारद्वाज और सचिन दत्त शर्मा वाराणसी में वर्ष 2020 और 2022 में हुई ठगी की वारदात में शामिल रहे हैं। आरोपियों ने सोने चांदी बिक्री का केंद्र माने जाने वाले ठठेरी व चौक बाजार से भी करोड़ों रुपये के सोने की ठगी की थी। इसके बाद चेतगंज थाना क्षेत्र रेशम फर्म के मैनेजर से जीएसटी में छूट दिलाने के नाम पर 1.87 करोड़ की ठगी की थी। आरोपियों को वाराणसी पुलिस ने पंकज को मुंबई के होटल और सचिन को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था। इन पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गई थी। जेल से जमानत पर आने के बाद आरोपी फिर से ठगी करने लगे।
 
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