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Meerut News: ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन कर पुतला दहन किया
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सरधना। ई-पंजीकरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने राजस्व मंत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। ई-पंजीकरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में चल रहा अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। आंदोलन को समर्थन देने के लिए किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी धरना स्थल पर पहुंचे। अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और किसानों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन कर सरकार का पुतला फूंककर विरोध जताया।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना पर्याप्त तैयारी के व्यवस्था लागू कर रही है। इससे बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। बार एसोसिएशन सरधना के अध्यक्ष सैयद आरिफ अली और भाकियू किसान क्रांति के जिलाध्यक्ष निखिल राव ने कहा कि किसानों का संगठन अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की मांगों के समर्थन में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त रूप से पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। हड़ताल के कारण उप-पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री संबंधी कार्य प्रभावित रहे, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने में बार एसोसिएशन के महामंत्री संजीव पंवार, दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सचिव छोटन लाल जैन समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और किसान मौजूद रहे। निजीकरण के विरोध में धरना 20 जून तक जारी रहेगा।
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सरधना। ई-पंजीकरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में चल रहा अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। आंदोलन को समर्थन देने के लिए किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी धरना स्थल पर पहुंचे। अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और किसानों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन कर सरकार का पुतला फूंककर विरोध जताया।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना पर्याप्त तैयारी के व्यवस्था लागू कर रही है। इससे बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। बार एसोसिएशन सरधना के अध्यक्ष सैयद आरिफ अली और भाकियू किसान क्रांति के जिलाध्यक्ष निखिल राव ने कहा कि किसानों का संगठन अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की मांगों के समर्थन में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त रूप से पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। हड़ताल के कारण उप-पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री संबंधी कार्य प्रभावित रहे, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने में बार एसोसिएशन के महामंत्री संजीव पंवार, दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सचिव छोटन लाल जैन समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और किसान मौजूद रहे। निजीकरण के विरोध में धरना 20 जून तक जारी रहेगा।
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