फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Protests continue against the removal of encroachment from Panchayat land in Dungar village.

Meerut News: डूंगर गांव में पंचायत की भूमि से हटाए गए कब्जे का विरोध जारी

Sat, 20 Dec 2025 07:13 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Dec 2025 07:13 PM IST
विज्ञापन
Protests continue against the removal of encroachment from Panchayat land in Dungar village.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

रोहटा। ब्लॉक क्षेत्र के डूंगर गांव में ग्राम पंचायत की जमीन से प्रशासन के सहयोग से हटवाए गए कब्जे को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। कब्जाधारक आए दिन अधिकारियों के कार्यालयों में जाकर कब्जा मुक्त कराए गए रास्ते पर सड़क निर्माण का विरोध जता रहे हैं। शनिवार को जिलाधिकारी के आदेश पर एक टीम गांव डूंगर पहुंची और मौके का मुआयना किया।
बताया गया कि गांव डूंगर में ग्राम प्रधान आशा सांगवान द्वारा पंचायत की जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को हटवाने का अभियान चलाया जा रहा है। गत माह ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी से शिकायत कर ग्रामीण मंगल सैन और सुरेंद्र द्वारा सार्वजनिक रास्ते की जमीन पर दीवार बनाकर किए गए अवैध कब्जे को हटवाने की मांग की थी। शिकायत के बाद तहसील प्रशासन ने तीन थानों की पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए रास्ते को कब्जा मुक्त कराया था।
विज्ञापन

ग्राम प्रधान ने डूंगर से पूठ गांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग सहित कब्जा मुक्त किए गए रास्ते की जर्जर स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत व विधायक निधि से आरसीसी सड़क निर्माण का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा था। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। जैसे ही सड़क निर्माण की जानकारी कब्जाधारकों को मिली तो उन्होंने जिलाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी और विधायक गुलाम मोहम्मद से मिलकर निर्माण का विरोध किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कब्जाधारकों ने कोर्ट से संबंधित स्थगन आदेश का हवाला देकर अधिकारियों को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने वस्तुस्थिति की जांच के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश देते हुए टीम गठित की। शनिवार को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी प्रवेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से बातचीत की और मौके का निरीक्षण किया। प्रवेंद्र कुशवाहा ने बताया कि कोर्ट के स्टे से संबंधित सभी तथ्यों की गहन जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

ग्राम प्रधान आशा सांगवान का कहना है कि जिन लोगों के कब्जे हटाए गए हैं वहीं लोग निजी रंजिश के चलते सड़क निर्माण का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गांव का अधिकांश हिस्सा सड़क निर्माण के पक्ष में है। कब्जाधारकों द्वारा दिखाया गया स्टे कृषि भूमि से संबंधित है न कि सार्वजनिक रास्ते से। अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed