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देवबंद में फ्रांस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, उलमा बोले- पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं
Fri, 30 Oct 2020 04:46 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 30 Oct 2020 04:46 PM IST
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फ्रांस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी किए जाने के विरोध में सहारनपुर में शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद नगर के मोहल्ला बड़जियाउलहक के मैदान में विरोध प्रदर्शन हुआ। इसमें बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। उलमा ने फ्रांस के राष्ट्रपति की निंदा की। साथ ही फ्रांस के उत्पादों के बहिष्कार का एलान किया गया।
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फ्रांस में हजरत मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी के बाद से दुनिया भर में मुस्लिम समाज में आक्रोश बना हुआ है। जुमा की नमाज के बाद फ्रांस के विरोध में हुए जलसे में दारुल उलूम के कार्यवाहक मोहतमिम कारी उस्मान मंसूरपुरी के बेटे व प्रसिद्ध आलिम मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने कहा कि मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। गुस्ताख रसूल फ्रांस ने अपनी इस्लाम और मुस्लिम दुश्मनी की नापाक शक्ल को पेश किया है। दुनिया भर का मुसलमान फ्रांस की इस हरकत का विरोध कर रहा है। कहा कि मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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पूर्व विधायक माविया अली ने कहा कि ये कोई राजनीतिक मामला नहीं है, हमारी आन-बान-शान हजरत मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी का मामला है। इसमें हर मुसलमान को चाहिए कि वे घरों से बाहर निकले और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराए। क्योंकि मोहम्मद साहब से बढ़कर मुसलमानों के लिए न कुछ था और न ही कुछ हो सकता है।
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दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, मौलाना मुफ़्ती आरिफ कासमी और अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने संयुक्त रूप से कहा कि तारीख गवाह है जब जिस मुल्क और जिस शख्स ने हजरत मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी की उसको उसकी सख्त सजा मिली है। आज जान बूझकर इस्लाम और मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे मुसलमानों को घबराना नहीं चाहिए। जरूरत इस बात की है कि एकजुट होकर गुस्ताख रसूल फ्रांस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर पुरजोर तरीके से कार्रवाई की मांग करें।
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