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सोने पर 5 प्रतिशत जीएसटी का विरोध
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सोने पर पांच प्रतिशत जीएसटी का विरोध
मेरठ। जीएसटी परिषद ने सोने एवं चांदी पर जीएसटी टैक्स की दर को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। यूनाइटेड ज्चेलर्स एंड मैनुफैकचर्स फेडरेशन के अनुसार आभूषण व्यापार ( सोना-चांदी ) बहूत ही नकरात्मक रूप से प्रभावित करेगा। क्योंकि सोना-चांदी कीमती वस्तु है। इस कारण 3 प्रतिशत कर दर भी अत्याधिक है। अगर सरकार ये दर बढ़ाकर 5 प्रतिशत करती है तो आभूषण व्यापार ध्वस्त हो जाएगा।
यूनाइटेड ज्वेलर्स एंड मैनुफैकचर्स फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ संजीव अग्रवाल ने कहा कि सोने-चांदी पर जीएसटी की दरों में बढ़ोतरी का असर किसी के हित में नहीं है। व्यावसायिक पक्ष जो पहले ही आर्थिक मंदी से तनावग्रस्त है। वितीय बोझ को यह निर्णय बढ़ा देगा। जीएसटी दर बड़ाई गयी तो इसे आभूषणों की कीमत और बढ़ जाएगी, जिससे मार्किट में और ज्यादा सुस्ती की संभावना है।
विशेष रूप से एमएसएमई व्यवसायों के मामले में कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को प्रभावित करेगा। जो उद्योग का 90 प्रतिशत हिस्सा है। उपभोक्ता पक्ष पर इससे आभूषणों की कीमतों में वृद्धि होगी। इससे खपत को नुकसान होगा। अध्यक्ष डॉ संजीव अग्रवाल ने कहा की जीएसटी परिषद इस क्षेत्र के पूर्ण पतन को रोकने, आशा और निश्चितता का माहौल बनाए रखने के लिए अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्र एवं प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा गया है।
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मेरठ। जीएसटी परिषद ने सोने एवं चांदी पर जीएसटी टैक्स की दर को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। यूनाइटेड ज्चेलर्स एंड मैनुफैकचर्स फेडरेशन के अनुसार आभूषण व्यापार ( सोना-चांदी ) बहूत ही नकरात्मक रूप से प्रभावित करेगा। क्योंकि सोना-चांदी कीमती वस्तु है। इस कारण 3 प्रतिशत कर दर भी अत्याधिक है। अगर सरकार ये दर बढ़ाकर 5 प्रतिशत करती है तो आभूषण व्यापार ध्वस्त हो जाएगा।
यूनाइटेड ज्वेलर्स एंड मैनुफैकचर्स फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ संजीव अग्रवाल ने कहा कि सोने-चांदी पर जीएसटी की दरों में बढ़ोतरी का असर किसी के हित में नहीं है। व्यावसायिक पक्ष जो पहले ही आर्थिक मंदी से तनावग्रस्त है। वितीय बोझ को यह निर्णय बढ़ा देगा। जीएसटी दर बड़ाई गयी तो इसे आभूषणों की कीमत और बढ़ जाएगी, जिससे मार्किट में और ज्यादा सुस्ती की संभावना है।
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विशेष रूप से एमएसएमई व्यवसायों के मामले में कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को प्रभावित करेगा। जो उद्योग का 90 प्रतिशत हिस्सा है। उपभोक्ता पक्ष पर इससे आभूषणों की कीमतों में वृद्धि होगी। इससे खपत को नुकसान होगा। अध्यक्ष डॉ संजीव अग्रवाल ने कहा की जीएसटी परिषद इस क्षेत्र के पूर्ण पतन को रोकने, आशा और निश्चितता का माहौल बनाए रखने के लिए अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्र एवं प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा गया है।
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