फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   protest in saraykaji for land matter

सरायकाजी में श्मशान की जमीन को लेकर हंगामा, धरने पर बैठे लोग

Sun, 01 Aug 2021 02:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Aug 2021 02:27 AM IST
विज्ञापन
protest in saraykaji for land matter
सरायकाजी में जमीन के विवाद पर हंगामा, प्रदर्शन
विज्ञापन

मेरठ। मेडिकल थाना क्षेत्र के सरायकाजी में श्मशान की जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद दो पक्षों में हंगामा हो गया। एक पक्ष श्मशान की भूमि होने का दावा करता रहा तो दूसरे पक्ष ने ट्रस्ट की जमीन बताया। इस विवाद को लेकर काफी देर तक हंगामा चला और प्रदर्शन किया गया। हंगामे के दौरान पुलिस के साथ भी नोकझोंक हुई। एसीएम के पहुंचने के बाद मामला शांत हो पाया।
नगर निगम वार्ड-18 के सरायकाजी में एक स्थल पर कई साल से शवों का अंतिम संस्कार होता रहा है। चार दिन पहले यहां एक युवक के शव का अंतिम संस्कार हुआ, लेकिन बारिश होने के कारण व्यवस्था प्रभावित हो गई। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि सब मिलकर यहां दो नए चबूतरों का निर्माण करेंगे, साथ ही उन पर शेड भी डालेंगे।
विज्ञापन

शनिवार सुबह कुछ लोगों ने सफाई शुरू की। किसी ने पुलिस को सूचना दी। इंस्पेक्टर मेडिकल प्रमोद कुमार गौतम फोर्स के साथ पहुंचे और काम रुकवा दिया। इसके बाद पुलिस की ग्रामीणों की नोंकझोक शुरु हो गई। तभी एसीएम सिविल लाइन चंद्रेश कुमार और सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह भी आ गए। ग्रामीणों से बात की तो वह चबूतरे और शेड का निर्माण कराने की बात पर अड़ गए। क्षेत्रीय पार्षद रविंद्र सिंह को भी बुला लिया गया। हंगामे के दौरान ग्रामीण इसे श्मशान की जमीन बता रहे थे, जबकि दूसरा पक्ष इसे ट्रस्ट की होने का दावा करता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक पक्ष जमीन को पूरनचंद मनोहरी देवी मेमोरियल ट्रस्ट की जमीन बता रहा था, वहीं पूर्व पार्षद जगपाल सिंह बौद्ध ने बताया कि यह जमीन औरंगशाहपुर डिग्गी निवासी माया देवी के नाम थी, जिन्होंने प्लॉट काटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में उसे बेच दिया था। इसी में से 650 मीटर जमीन उनके द्वारा इस ट्रस्ट को दी गई थी। यह भी बताया गया कि यह जमीन सरायकाजी का रकबा नहीं है। यह कमालपुर में आती है। जबरन लोग इस पर शवों का दहन कर रहे थे, जबकि इनके लिए चाणक्यपुरी व जागृति विहार एक्सटेंशन क्षेत्र में श्मशान बने हैं।
--
क्षेत्रीय पार्षद बोले, मैं जनता के साथ
नगर निगम वार्ड-18 के पार्षद रविंद्र सिंह ने कहा कि कुछ लोग अनावश्यक विवाद बढ़ाने में जुटे हैं। 100 साल से अधिक समय से यहां शवों का अंतिम संस्कार होता आ रहा है। फिर क्यों इसे रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह जनता के साथ हैं। उधर, सामाजिक कार्यकर्ता पवन गुर्जर न भी इसे साजिश बताया। उन्होंने कहा कि जिस ट्रस्ट से इस जमीन को जोड़ा जा रहा है, वह विवादित है। जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है।

----
कुछ लोग अनावश्यक निर्माण का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें समझाकर लौटा दिया गया। दरअसल, कागजों में भी यह जमीन श्मशान की जमीन नहीं है। पटवारी को बुलाकर स्थिति स्पष्ट कर दी गई, जिसके बाद ग्रामीण खुद लौट गए। फिर भी कोई माहौल खराब करने का प्रयास करता है तो कार्रवाई की जाएगी। - देवेश सिंह, सीओ सिविल लाइन।
---
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed