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Meerut News: सेट बैक के विरोध में महिलाओं का धरना जारी, राहत की मांग
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शास्त्रीनगर सेक्टर 3 में धरना देती महिलाएं। संवाद
- सेक्टर-2 व सेक्टर-3, 4 के चौराहे पर लगातार चल रहा धरना
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में सेट बैक के खिलाफ महिलाओं का धरना रविवार को भी जारी रहा। सेक्टर-2 तथा गोल मंदिर के पास सेक्टर-3, 4 के चौराहे पर दोनों स्थानों पर महिलाओं ने धरना दिया। महिलाओं का कहना है कि पिछले चालीस साल से रह रहे हैं, लेकिन अब एकाएक सेट बैक को लेकर आवास एवं विकास परिषद नोटिस भेज रहा है। महिलाओं ने हनुमान चालीसा का पाठ कर भजन कीर्तन कर अपने घर बचाने की प्रार्थना की।
सेट बैक छोड़ने के विरोध में सेक्टर-2 में महिलाओं ने मई माह मेंधरना शुरू किया था। उन्होंने लगातार धरना देते हुए अपने कारोबार की तेरहवीं तक कर हवन-यज्ञ किया था। बाद में सांसद अरुण गोविल ने उनके बीच पहुंच आश्वासन दिया था, जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया था। सांसद के प्रयास के बाद महिलाएं पूर्व पार्षद संजीव पुंडीर की अगुवाई में दिल्ली गईं। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विवेक नारायण शर्मा से भी मिलीं और दस्तावेज सौंपे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से दाखिल की गई हस्तक्षेप याचिका को स्वीकार नहीं किया गया। बाद में महिलाओं ने फिर से धरना शुरू कर दिया। इसके बाद से लगातार धरना चल रहा है।
महिलाओं का कहना है कि अधिकांश भवन अल्प और दुर्बल आय वर्ग के हैं। मौजूदा हालात के कारण हजारों गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार भय, असुरक्षा एवं मानसिक तनाव की स्थिति में जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। परिवारों का कहना है कि जिन मकानों में वे कई दशकों से निवास कर रहे हैं, उन्हीं मकानों को अब सेट बैक नियमों के नाम पर विवादित बनाकर उनके आशियानों पर संकट पैदा किया जा रहा है।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में सेट बैक के खिलाफ महिलाओं का धरना रविवार को भी जारी रहा। सेक्टर-2 तथा गोल मंदिर के पास सेक्टर-3, 4 के चौराहे पर दोनों स्थानों पर महिलाओं ने धरना दिया। महिलाओं का कहना है कि पिछले चालीस साल से रह रहे हैं, लेकिन अब एकाएक सेट बैक को लेकर आवास एवं विकास परिषद नोटिस भेज रहा है। महिलाओं ने हनुमान चालीसा का पाठ कर भजन कीर्तन कर अपने घर बचाने की प्रार्थना की।
सेट बैक छोड़ने के विरोध में सेक्टर-2 में महिलाओं ने मई माह मेंधरना शुरू किया था। उन्होंने लगातार धरना देते हुए अपने कारोबार की तेरहवीं तक कर हवन-यज्ञ किया था। बाद में सांसद अरुण गोविल ने उनके बीच पहुंच आश्वासन दिया था, जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया था। सांसद के प्रयास के बाद महिलाएं पूर्व पार्षद संजीव पुंडीर की अगुवाई में दिल्ली गईं। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विवेक नारायण शर्मा से भी मिलीं और दस्तावेज सौंपे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से दाखिल की गई हस्तक्षेप याचिका को स्वीकार नहीं किया गया। बाद में महिलाओं ने फिर से धरना शुरू कर दिया। इसके बाद से लगातार धरना चल रहा है।
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महिलाओं का कहना है कि अधिकांश भवन अल्प और दुर्बल आय वर्ग के हैं। मौजूदा हालात के कारण हजारों गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार भय, असुरक्षा एवं मानसिक तनाव की स्थिति में जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। परिवारों का कहना है कि जिन मकानों में वे कई दशकों से निवास कर रहे हैं, उन्हीं मकानों को अब सेट बैक नियमों के नाम पर विवादित बनाकर उनके आशियानों पर संकट पैदा किया जा रहा है।
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