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चेहल्लुम पर जुलूस ए ताजिया निकाला गया
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मेरठ। जुमे की नमाज के बाद इमामबारगाह छोटी कर्बला में शोहदा ए करबला के चेहल्लुम की मजलिस हुई। मजलिस के बाद इमाम बारगाह छोटी कर्बला लाला बाजार से जुलूस ए ताजिया निकाला गया।
घंटाघर स्थित अजाखाना शाह ए कर्बला से होता हुआ रेलवे रोड स्थित कर्बला वक्फ मनसबिया और कब्रिस्तान हाजी साहब में पहुंच कर समाप्त हुआ। गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। हजरत ोमोहम्मद को उनके नाती और उनके साथियों का पुरसा पेश किया। दानिश आबिदी ने सोजख्वानी की। उस्ताद अनवर ज़हीर ने सलाम ए अक़ीदत पेश किया और ईरान से आए मौलाना हाफिज हसन रजा ने मजलिस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इंसान दुनिया में जिसका अनुसरण करता है कयामत के दिन वही उसका इमाम होगा। अपने ज़माने के इमाम के ज्ञान के बिना सारी इबादत बेकार है।
वहीं, शहर सहित जै़दी फार्म, लोहिया नगर में इमामबारगाहों और अजाखानों में मजलिसे हुईं और जुलूस निकाले गए। मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने बताया कि अल-हुसैनी फाउंडेशन की जानिब से जैदी नगर सोसायटी स्थित चौक पर सबील इमाम हुसैन में पर्यावरण और इंसानियत को बचाने के लिए एक पौधा इमाम हुसैन के नाम से लगाने के लिये पौधे और फल वितरित किए गए। आलिम मौलाना सैयद शेर अली जै़दी ने मजलिस को खिताब करते हुए इमाम हुसैन और 71 जानिसारों की शहादत के बाद असीराने कर्बला पर हुए जुल्मो सितम बयां किए। सैय्यद शाह अब्बास सफवी ने सोजख्वानी की।
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घंटाघर स्थित अजाखाना शाह ए कर्बला से होता हुआ रेलवे रोड स्थित कर्बला वक्फ मनसबिया और कब्रिस्तान हाजी साहब में पहुंच कर समाप्त हुआ। गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। हजरत ोमोहम्मद को उनके नाती और उनके साथियों का पुरसा पेश किया। दानिश आबिदी ने सोजख्वानी की। उस्ताद अनवर ज़हीर ने सलाम ए अक़ीदत पेश किया और ईरान से आए मौलाना हाफिज हसन रजा ने मजलिस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इंसान दुनिया में जिसका अनुसरण करता है कयामत के दिन वही उसका इमाम होगा। अपने ज़माने के इमाम के ज्ञान के बिना सारी इबादत बेकार है।
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वहीं, शहर सहित जै़दी फार्म, लोहिया नगर में इमामबारगाहों और अजाखानों में मजलिसे हुईं और जुलूस निकाले गए। मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने बताया कि अल-हुसैनी फाउंडेशन की जानिब से जैदी नगर सोसायटी स्थित चौक पर सबील इमाम हुसैन में पर्यावरण और इंसानियत को बचाने के लिए एक पौधा इमाम हुसैन के नाम से लगाने के लिये पौधे और फल वितरित किए गए। आलिम मौलाना सैयद शेर अली जै़दी ने मजलिस को खिताब करते हुए इमाम हुसैन और 71 जानिसारों की शहादत के बाद असीराने कर्बला पर हुए जुल्मो सितम बयां किए। सैय्यद शाह अब्बास सफवी ने सोजख्वानी की।
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