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Meerut News: शब्बीरपुर में नहीं निकली शोभायात्रा, दिन भर डेरा डाले रहे अफसर
Mon, 26 Feb 2024 12:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 26 Feb 2024 12:59 AM IST
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बड़गांव। गांव शब्बीरपुर में इस बार रविदास जयंती पर शोभायात्रा नहीं निकल सकी। आयोजक जहां परंपरागत मार्ग से शोभायात्रा निकालने पर अड़े रहे वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि वे हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित रूट से ही यात्रा निकालने देंगे। आखिर में आयोजकों ने शोभायात्रा निकालने से इंकार कर दिया।
पांच मई 2017 में शब्बीरपुर में भड़की जातीय हिंसा में दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने हाइकोर्ट के निर्देशों पर शोभायात्रा के लिए मार्ग निर्धारित किया था। इसके खिलाफ आयोजक कोर्ट भी गए थे, लेकिन कोर्ट ने निर्देश दिए कि प्रशासन द्वारा तय गए किए मार्ग से ही यात्रा निकलेगी। इसके बाद गत वर्ष भी प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग से ही शोभायात्रा निकाली गई थी। लेकिन इस बार आयोजक परंपरागत मार्ग से यात्रा निकालने की मांग कर रहे थे। इसी की अनुमति मांगी गई थी जिस पर प्रशासन ने साफ कर दिया था कि कोर्ट द्वारा तय रूट से ही यात्रा निकलने दी जाएगी। इसी की अनुमति जारी की गई थी।
शोभायात्रा के मद्देनजर गांव में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। एसपी देहात सागर जैन, एसडीएम रामपुर मनिहारन मानवेंद्र सिंह, एसडीएम बेहट दीपक कुमार, तहसीलदार रामपुर मनिहारन राधेश्याम शर्मा, सीओ अशोक कुमार सिसौदिया, एक कंपनी पीएसी और पुलिस बल के साथ दिन भर गांव में डटे रहे। एडीएम ई डाॅ. अर्चना द्विवेदी भी थाने पर कैंप करती रहीं।
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रविवार को शोभायात्रा के आयोजक फिर से परंपरागत मार्ग से ही यात्रा निकालने की जिद पर अड़ते हुए अनुमति की मांग करने लगे, लेकिन अधिकारियों ने इनकार कर दिया। इसके बाद शोभायात्रा नहीं निकाली गई। शोभायात्रा आयोजक सुदेश, अग्निभास्कर आदि कहना है कि परंपरागत यानि पुराने रूट से शोभायात्रा नहीं निकलने देना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। इसलिए या तो पुराने रूट से यात्रा निकालने दी जाए या फिर वे शोभायात्रा का आयोजन नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने फिर से न्यायालय में पुराने रूट से ही शोभायात्रा निकालने की अनुमति देने की गुहार लगाई है।
- आयोजक पुराने मार्ग से शोभायात्रा निकालने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए ऐसा करने से मना कर दिया। इसके बाद गांव में शोभायात्रा नहीं निकाली गई। - सागर जैन, एसपी देहात सहारनपुर
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पांच मई 2017 में शब्बीरपुर में भड़की जातीय हिंसा में दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने हाइकोर्ट के निर्देशों पर शोभायात्रा के लिए मार्ग निर्धारित किया था। इसके खिलाफ आयोजक कोर्ट भी गए थे, लेकिन कोर्ट ने निर्देश दिए कि प्रशासन द्वारा तय गए किए मार्ग से ही यात्रा निकलेगी। इसके बाद गत वर्ष भी प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग से ही शोभायात्रा निकाली गई थी। लेकिन इस बार आयोजक परंपरागत मार्ग से यात्रा निकालने की मांग कर रहे थे। इसी की अनुमति मांगी गई थी जिस पर प्रशासन ने साफ कर दिया था कि कोर्ट द्वारा तय रूट से ही यात्रा निकलने दी जाएगी। इसी की अनुमति जारी की गई थी।
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शोभायात्रा के मद्देनजर गांव में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। एसपी देहात सागर जैन, एसडीएम रामपुर मनिहारन मानवेंद्र सिंह, एसडीएम बेहट दीपक कुमार, तहसीलदार रामपुर मनिहारन राधेश्याम शर्मा, सीओ अशोक कुमार सिसौदिया, एक कंपनी पीएसी और पुलिस बल के साथ दिन भर गांव में डटे रहे। एडीएम ई डाॅ. अर्चना द्विवेदी भी थाने पर कैंप करती रहीं।
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रविवार को शोभायात्रा के आयोजक फिर से परंपरागत मार्ग से ही यात्रा निकालने की जिद पर अड़ते हुए अनुमति की मांग करने लगे, लेकिन अधिकारियों ने इनकार कर दिया। इसके बाद शोभायात्रा नहीं निकाली गई। शोभायात्रा आयोजक सुदेश, अग्निभास्कर आदि कहना है कि परंपरागत यानि पुराने रूट से शोभायात्रा नहीं निकलने देना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। इसलिए या तो पुराने रूट से यात्रा निकालने दी जाए या फिर वे शोभायात्रा का आयोजन नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने फिर से न्यायालय में पुराने रूट से ही शोभायात्रा निकालने की अनुमति देने की गुहार लगाई है।
- आयोजक पुराने मार्ग से शोभायात्रा निकालने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए ऐसा करने से मना कर दिया। इसके बाद गांव में शोभायात्रा नहीं निकाली गई। - सागर जैन, एसपी देहात सहारनपुर