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निजी चिकित्सक भी करेंगे सरकारी अस्पतालों में इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 May 2017 02:05 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सरकारी अस्पतालों में अब निजी चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देंगे। डॉक्टरों की कमी को देखते हुए शासन ने यह कदम उठाया है। सभी जिलों के सीएमओ से ऐसे प्राइवेट चिकित्सकों की सूची मांगी गई है जो स्वेच्छा से अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। अगर ऐसा हुआ तो मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक पर चिकित्सकों की कमी है। खासकर विशेषज्ञ चिकित्सक तो बेहद कम हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि निजी चिकित्सक अगर अपनी इच्छा से सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर कुछ घंटे मरीजों को देख लें तो बेहतर होगा। इससे चिकित्सकों की कमी की भरपाई करने में भी मदद मिलेगी, साथ ही विशेषज्ञों जैसे-न्यूरो सर्जन (मस्तिष्क से संबंधित शल्य विशेषज्ञ), नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी रोग विशेषज्ञ), प्लास्टिक सर्जरी करने वाले आदि के मिलने की भी संभावना है। सीएमओ वीपी सिंह ने बताया कि शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जल्द ही आईएमए के चिकित्सकों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें इच्छुक चिकित्सकों की सूची मांगी जाएगी।
100 से अधिक चिकित्सकों की कमी
मेरठ में सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य केंद्रों में 100 से ज्यादा चिकित्सकों की कमी है। मेडिकल कॉलेज में मानक से 70 चिकित्सक कम हैं, जबकि जिला अस्पताल में 25। इसी तरह सीएचसी और पीएचसी पर भी 20 चिकित्सकों की कमी चल रही है। अगर निजी चिकित्सकों ने सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देने पर सहमति जताई तो यह मरीजों के लिए अच्छी खबर होगी।
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जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक पर चिकित्सकों की कमी है। खासकर विशेषज्ञ चिकित्सक तो बेहद कम हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि निजी चिकित्सक अगर अपनी इच्छा से सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर कुछ घंटे मरीजों को देख लें तो बेहतर होगा। इससे चिकित्सकों की कमी की भरपाई करने में भी मदद मिलेगी, साथ ही विशेषज्ञों जैसे-न्यूरो सर्जन (मस्तिष्क से संबंधित शल्य विशेषज्ञ), नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी रोग विशेषज्ञ), प्लास्टिक सर्जरी करने वाले आदि के मिलने की भी संभावना है। सीएमओ वीपी सिंह ने बताया कि शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जल्द ही आईएमए के चिकित्सकों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें इच्छुक चिकित्सकों की सूची मांगी जाएगी।
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100 से अधिक चिकित्सकों की कमी
मेरठ में सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य केंद्रों में 100 से ज्यादा चिकित्सकों की कमी है। मेडिकल कॉलेज में मानक से 70 चिकित्सक कम हैं, जबकि जिला अस्पताल में 25। इसी तरह सीएचसी और पीएचसी पर भी 20 चिकित्सकों की कमी चल रही है। अगर निजी चिकित्सकों ने सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देने पर सहमति जताई तो यह मरीजों के लिए अच्छी खबर होगी।
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