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ऋषभ एकेडमी की प्रिंसिपल गिरफ्तार, जमानत खारिज
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ऋषभ एकेडमी की प्रिंसिपल गिरफ्तार, जमानत खारिज
मेरठ। ऋषभ एकेडमी में गोपनीय दस्तावेज जलाने के मामले में नामजद प्रिंसिपल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिसको लेकर खूब हंगामा हुआ। अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। पुलिस पर आरोप लगाए गए हैं।
सदर बाजार क्षेत्र के कैंट स्थित ऋषभ एकेडमी में करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला फिर चर्चा में हैं। स्कूल के चेयरमैन रंजीत जैन और संजय जैन के बीच विवाद है। करोड़ों रुपये के घोटाले के दस्तावेज जलाने के मामले में सदर बाजार थाने में स्कूल की प्रिंसिपल याचना भारद्वाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचक ने कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लिया। बुधवार को सदर पुलिस ने प्रिंसिपल याचना भारद्वाज को कैंट स्थित दीवान स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया। अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने बताया कि संजय जैन ने याचना भारद्वाज, रंजीत जैन पर धोखाधड़ी, फर्जी कागजात बनाकर स्कूल में गबन करने और सुबूत नष्ट करने का आरोप लगाया था। सीजेएम विनय प्रकाश सिंह की अदालत में प्रिंसिपल को पेश किया गया। प्रिंसिपल याचना भारद्वाज के अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। प्रिंसिपल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि गिरफ्तारी वारंट लेने के बाद ही प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
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इंस्पेक्टर छुट्टी पर, पुलिस पर लगे आरोप
इंस्पेक्टर सदर बाजार एक दिन की छुट्टी पर गए हुए हैं और विवेचक ने ऋषभ एकेडमी की प्रिंसिपल पर कार्रवाई की। प्रिंसिपल की गिरफ्तारी के बाद उनके परिजनों ने सदर थाना पुलिस पर दूसरे पक्ष के साथ मिलीभगत करके प्रिंसिपल को झूठे केस में जेल भेजने का आरोप लगाया। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। प्रिंसिपल की गिरफ्तारी के बाद परिवार के लोगों ने कचहरी में भी हंगामा किया।
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ऋषभ एकेडमी प्रबंधन के विवाद से खतरे में छात्रों का भविष्य
मेरठ। ऋषभ एकेडमी में प्रबंधन के आपसी विवाद और भ्रष्टाचार के बीच छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। एक ही छात्र के नाम पर दो-दो पंजीयन करा दिए गए। ऐसे में इन छात्रों के पंजीयन फर्जी मानकर उनका प्रवेश निरस्त हो सकता है। सीबीएसई के नियमों का पालन नहीं होने व फर्जीवाड़े होने के चक्कर में स्कूल की मान्यता भी खत्म हो सकती है। स्कूल की मान्यता गई तो अन्य छात्रों का भविष्य भी खतरे में आ जाएगा।
प्रिंसिपल पर अहम सुबूतों को नष्ट करने का आरोप है। फर्जीवाड़ा, घोटाला और गड़बड़ियों के चलते स्कूल की मान्यता पर संकट है। सीबीएसई की टीम पहले ही स्कूल में जांच के लिए आ चुकी है। जिसमें शिक्षिकाओं से पूछताछ से लेकर कई अहम साक्ष्यों को टीम अपने साथ ले गई है। सीबीएसई की ओर से साक्ष्यों की जांच जारी है। स्कूल में दो प्रबंध समिति को लेकर, तो कभी शिक्षकों का वेतन, तो कभी छात्रों की फीस व पंजीकरण का विवाद होता रहता है।
पहली कक्षा से लेकर अन्य में फर्जीवाड़ा
बताया जा रहा है कक्षा प्रथम में पढ़ने वाले छात्र के पंजीकरण नंबर पर कक्षा 11, 12, नौ के छात्र का भी पंजीकृत हैं। यानि एक पंजीकरण नंबर पर दो-दो छात्र का प्रवेश है। मान्यता के कागजों में भी गड़बड़ी की बात सामने आई है। शिक्षकों को वेतन देने को लेकर और फीस जमा करने को लकर हमेशा विवाद रहा है। करोड़ों के गबन पर थानों में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज है।
स्कूल संचालकों, छात्रों में रही चर्चा
ऋषभ की प्रिंसिपल याचना भारद्वाज के गिरफ्तार होने के बाद शहर के पब्लिक स्क्ूलों, छात्रों और अभिभावकों में दिनभर चर्चा होती रही। स्कूल संचालकों के बीच ऑनलाइन मीटिंग हुई, लेकिन पुलिस केस, कोर्ट और मैनेजमेंट के विवादों में स्कूल संचालक चुप है। अभिभावकों बच्चों के भविष्य के लिए परेशान हैं। दो अभिभावक एसोसिएशन में भी सोशल ग्रुप पर छात्रों की पढ़ाई को लेकर चिंता दिखी। हालांकि स्कूल में अभी वार्षिक परीक्षाएं हुई और छात्र नही आ रहे हैं, लेकिन परीक्षा होने के बाद रिजल्ट तैयार हो रहा है।
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मेरठ। ऋषभ एकेडमी में गोपनीय दस्तावेज जलाने के मामले में नामजद प्रिंसिपल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिसको लेकर खूब हंगामा हुआ। अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। पुलिस पर आरोप लगाए गए हैं।
सदर बाजार क्षेत्र के कैंट स्थित ऋषभ एकेडमी में करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला फिर चर्चा में हैं। स्कूल के चेयरमैन रंजीत जैन और संजय जैन के बीच विवाद है। करोड़ों रुपये के घोटाले के दस्तावेज जलाने के मामले में सदर बाजार थाने में स्कूल की प्रिंसिपल याचना भारद्वाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचक ने कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लिया। बुधवार को सदर पुलिस ने प्रिंसिपल याचना भारद्वाज को कैंट स्थित दीवान स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया। अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने बताया कि संजय जैन ने याचना भारद्वाज, रंजीत जैन पर धोखाधड़ी, फर्जी कागजात बनाकर स्कूल में गबन करने और सुबूत नष्ट करने का आरोप लगाया था। सीजेएम विनय प्रकाश सिंह की अदालत में प्रिंसिपल को पेश किया गया। प्रिंसिपल याचना भारद्वाज के अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। प्रिंसिपल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि गिरफ्तारी वारंट लेने के बाद ही प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
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इंस्पेक्टर छुट्टी पर, पुलिस पर लगे आरोप
इंस्पेक्टर सदर बाजार एक दिन की छुट्टी पर गए हुए हैं और विवेचक ने ऋषभ एकेडमी की प्रिंसिपल पर कार्रवाई की। प्रिंसिपल की गिरफ्तारी के बाद उनके परिजनों ने सदर थाना पुलिस पर दूसरे पक्ष के साथ मिलीभगत करके प्रिंसिपल को झूठे केस में जेल भेजने का आरोप लगाया। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। प्रिंसिपल की गिरफ्तारी के बाद परिवार के लोगों ने कचहरी में भी हंगामा किया।
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ऋषभ एकेडमी प्रबंधन के विवाद से खतरे में छात्रों का भविष्य
मेरठ। ऋषभ एकेडमी में प्रबंधन के आपसी विवाद और भ्रष्टाचार के बीच छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। एक ही छात्र के नाम पर दो-दो पंजीयन करा दिए गए। ऐसे में इन छात्रों के पंजीयन फर्जी मानकर उनका प्रवेश निरस्त हो सकता है। सीबीएसई के नियमों का पालन नहीं होने व फर्जीवाड़े होने के चक्कर में स्कूल की मान्यता भी खत्म हो सकती है। स्कूल की मान्यता गई तो अन्य छात्रों का भविष्य भी खतरे में आ जाएगा।
प्रिंसिपल पर अहम सुबूतों को नष्ट करने का आरोप है। फर्जीवाड़ा, घोटाला और गड़बड़ियों के चलते स्कूल की मान्यता पर संकट है। सीबीएसई की टीम पहले ही स्कूल में जांच के लिए आ चुकी है। जिसमें शिक्षिकाओं से पूछताछ से लेकर कई अहम साक्ष्यों को टीम अपने साथ ले गई है। सीबीएसई की ओर से साक्ष्यों की जांच जारी है। स्कूल में दो प्रबंध समिति को लेकर, तो कभी शिक्षकों का वेतन, तो कभी छात्रों की फीस व पंजीकरण का विवाद होता रहता है।
पहली कक्षा से लेकर अन्य में फर्जीवाड़ा
बताया जा रहा है कक्षा प्रथम में पढ़ने वाले छात्र के पंजीकरण नंबर पर कक्षा 11, 12, नौ के छात्र का भी पंजीकृत हैं। यानि एक पंजीकरण नंबर पर दो-दो छात्र का प्रवेश है। मान्यता के कागजों में भी गड़बड़ी की बात सामने आई है। शिक्षकों को वेतन देने को लेकर और फीस जमा करने को लकर हमेशा विवाद रहा है। करोड़ों के गबन पर थानों में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज है।
स्कूल संचालकों, छात्रों में रही चर्चा
ऋषभ की प्रिंसिपल याचना भारद्वाज के गिरफ्तार होने के बाद शहर के पब्लिक स्क्ूलों, छात्रों और अभिभावकों में दिनभर चर्चा होती रही। स्कूल संचालकों के बीच ऑनलाइन मीटिंग हुई, लेकिन पुलिस केस, कोर्ट और मैनेजमेंट के विवादों में स्कूल संचालक चुप है। अभिभावकों बच्चों के भविष्य के लिए परेशान हैं। दो अभिभावक एसोसिएशन में भी सोशल ग्रुप पर छात्रों की पढ़ाई को लेकर चिंता दिखी। हालांकि स्कूल में अभी वार्षिक परीक्षाएं हुई और छात्र नही आ रहे हैं, लेकिन परीक्षा होने के बाद रिजल्ट तैयार हो रहा है।