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हवा में तैयारी, दावे हकीकत से कोसों दूर
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मेरठ। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के लिए अब तीन महीने से भी कम समय बचा है। प्रदेश की बाकी नगर निगमों ने देश में बेहतरीन रैंक हासिल करने की तैयारी जोरों से शुरू कर दी है, लेकिन महानगर का हाल देखकर नहीं लगता है कि इस बार भी नगर निगम सूची में कहीं जगह बना पाएगा।
नगर निगम के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक पाना चुनौती बन गया है, क्योंकि इसके लिए तैयारियां हवा में चल रही हैं और जो दावे हैं वह हकीकत से कोसों दूर दिखाई दे रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में सर्वाधिक अंक दिलाने वाले कूड़ा निस्तारण के संबंध में अभी तक ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। जबकि नगर निगम 160 कूड़ा गाड़ियों के दम पर शहर के सभी वार्डों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का दंभ भर रहा है। वहीं, सर्वेक्षण की दूसरी शर्त गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्रित करने का काम नहीं हो रहा है। हालांकि नगर आयुक्त ने गीला और सूखा कूड़े के अतिरिक्त मेडिकल वेस्ट और सेनेटरी वेस्ट अलग-अलग नहीं देने पर जुर्माना लगाने के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन अभी तक इसकी कार्रवाई भी नहीं हो सकी है।
इसके अतिरिक्त अच्छी रैंक के लिए यूजर चार्ज की वसूली भी बहुत जरूरी है, परंतु अभी तक इस दिशा में भी कार्रवाई नहीं की गई है। इस तरह से शहर को कूड़ा मुक्त नहीं बनने तक अच्छी रैंक हासिल नहीं हो सकती है। इसके साथ ही सिटीजन फीडबैक में ज्यादा से ज्यादा वोट हासिल करना बेहद जरूरी है। अब तक 129 शहरवासियों ने ही फीडबैक दिया है। इसे बढ़ाने के लिए नगर निगम की तरफ से भी विशेष इंतजाम नहीं किए गए हैं। निगम अधिकारी इसके लिए अधिकारी व्यापारिक संगठनों, एनजीओ, सामाजिक संगठनों, स्कूल और कॉलेज आदि से संपर्क करने की बात कर रहे हैं परंतु हकीकत इससे इतर है।
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नहीं हो सका लीगेसी कूड़े का निस्तारण
शहर से रोजाना करीब 900 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन निस्तारण के नाम पर केवल 150 टन कूड़े को ही अलग किया जा रहा है। मंगतपुरम, लोहियानगर, मार्शल पिच, नंगलाताशी आदि इलाकों के डंपिंग ग्राउंड पर लीगेसी कूड़ा जमा है। इसका निस्तारण नहीं होना स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग के हक में अच्छा नहीं है।
यहां दे सकते हैं फीडबैक
सर्वेक्षण के संबंध में स्वच्छतासर्वेक्षण2021डॉटओआरजी/सिटीजनफीडबैक के अलावा स्वच्छ भारत एप, मेरी सरकार पोर्टल, वोट फॉर योर सिटी एप या 1969 पर कॉल करके फीडबैक दे सकते हैं।
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नगर निगम के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक पाना चुनौती बन गया है, क्योंकि इसके लिए तैयारियां हवा में चल रही हैं और जो दावे हैं वह हकीकत से कोसों दूर दिखाई दे रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में सर्वाधिक अंक दिलाने वाले कूड़ा निस्तारण के संबंध में अभी तक ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। जबकि नगर निगम 160 कूड़ा गाड़ियों के दम पर शहर के सभी वार्डों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का दंभ भर रहा है। वहीं, सर्वेक्षण की दूसरी शर्त गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्रित करने का काम नहीं हो रहा है। हालांकि नगर आयुक्त ने गीला और सूखा कूड़े के अतिरिक्त मेडिकल वेस्ट और सेनेटरी वेस्ट अलग-अलग नहीं देने पर जुर्माना लगाने के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन अभी तक इसकी कार्रवाई भी नहीं हो सकी है।
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इसके अतिरिक्त अच्छी रैंक के लिए यूजर चार्ज की वसूली भी बहुत जरूरी है, परंतु अभी तक इस दिशा में भी कार्रवाई नहीं की गई है। इस तरह से शहर को कूड़ा मुक्त नहीं बनने तक अच्छी रैंक हासिल नहीं हो सकती है। इसके साथ ही सिटीजन फीडबैक में ज्यादा से ज्यादा वोट हासिल करना बेहद जरूरी है। अब तक 129 शहरवासियों ने ही फीडबैक दिया है। इसे बढ़ाने के लिए नगर निगम की तरफ से भी विशेष इंतजाम नहीं किए गए हैं। निगम अधिकारी इसके लिए अधिकारी व्यापारिक संगठनों, एनजीओ, सामाजिक संगठनों, स्कूल और कॉलेज आदि से संपर्क करने की बात कर रहे हैं परंतु हकीकत इससे इतर है।
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नहीं हो सका लीगेसी कूड़े का निस्तारण
शहर से रोजाना करीब 900 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन निस्तारण के नाम पर केवल 150 टन कूड़े को ही अलग किया जा रहा है। मंगतपुरम, लोहियानगर, मार्शल पिच, नंगलाताशी आदि इलाकों के डंपिंग ग्राउंड पर लीगेसी कूड़ा जमा है। इसका निस्तारण नहीं होना स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग के हक में अच्छा नहीं है।
यहां दे सकते हैं फीडबैक
सर्वेक्षण के संबंध में स्वच्छतासर्वेक्षण2021डॉटओआरजी/सिटीजनफीडबैक के अलावा स्वच्छ भारत एप, मेरी सरकार पोर्टल, वोट फॉर योर सिटी एप या 1969 पर कॉल करके फीडबैक दे सकते हैं।