प्रधानमंत्री आवास योजना के सपनों को झटका, आवास बनाने के लिए नहीं मिले ठेकेदार
इस योजना के तहत लोगों को सस्ते आवास मुहैया कराने की दिशा में काम चल रहा है। शहर में मेरठ विकास प्राधिकरण एवं आवास विकास परिषद इन आवासों को बना रहे हैं। एमडीए शहर भर में इसके लिए जगह तलाश रहा है। फिलहाल शताब्दीनगर में 384, लोहियानगर में 128 व सरायकाजी में 574 आवास बन रहे हैं।
नई जगह नहीं मिल रहे कांट्रेक्टर
बराल परतापुर में एमडीए ने नई जमीन लेकर उस पर निर्माण करने की योजना बनाई है। यह जमीन सरकारी है और एमडीए को ट्रांसफर कर दी गई है। यहां कुल 1432 आवास बनाए जाने हैं। इसके अलावा शोभापुर में 828 आवास बनाए जाने हैं पर यहां जमीन ही नहीं मिल पाई है।
हैरत की बात यह है कि बराल परतापुर में आवास बनाने के लिए एमडीए ने पहले चरण के लिए टेंडर डाले थे पर एक भी कांट्रेक्टर ने इसके लिए आवेदन नहीं किया। दरअसल कांट्रेक्टरों का मानना है कि इसमें पांच साल के मेंटेनेंस की जो शर्त हैं वह कांट्रेक्टरों के लिए भारी पड़ने वाली है। अन्य अड़चन भी बताई जा रही हैं।
अब दोबारा कवायद
बुधवार को फिर से यहां के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई। दरअसल शासन स्तर से भी कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना पर तत्काल काम शुरू करो। आवास विकास सरायकाजी में अलग से तैयारी कर रहा है। केवल एमडीए में ही 3029 लोगों ने इसके लिए आवेदन किए हैं और डूडा स्तर पर इनके सत्यापन का काम चल रहा है।
लाभकारी होगी योजना
पहले चरण में बराल परतापुर के लिए टेंडर खाली ही चले गए। अब फिर से टेंडर डाले गए हैं। इस बार यहां काम शुरू होने की पूरी उम्मीद है। यह लोगों के लिए काफी लाभकारी योजना साबित होगी। -राजीव कुमार, एक्सईएन एमडीए