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प्रधान पर खड़ी फसल ट्रैक्टर से जोतने का आरोप
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प्रधान पर खड़ी फसल ट्रैक्टर से जोतने का आरोप
लावड़। गांव महल में पट्टे की जमीन पर खेती कर रहे किसानों ने खड़ी फसल पर ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों पर ट्रैक्टर से फसल जोतने का आरोप लगाया है। मंगलवार को भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत के नेतृत्व में किसानों ने थाने पहुंचकर प्रधान व उनके तीन साथियों की शिकायत की।
महल निवासी सलीम, इस्लाम, सहदेव, सहंसरपाल, गुलफाम, सरवरी, बाबू, ओमप्रकाश, उमर, महेश, मदन आदि ने बताया कि सन 1982 में 18 परिवारों को सरकार ने पट्टे की जमीन आवंटित की थी। 2009 में पट्टों को निरस्त कर दिया गया। 2017 में उन्होंने इसको लेकर कमिश्नर कोर्ट में याचिका डाली, जो विचारधीन है। कोर्ट में मामला होने के कारण वह लगातार पट्टे की जमीन पर फसल उगाकर अपने परिवारों का भरण पोषण कर रहे हैं। आरोप है कि सोमवार को ग्राम प्रधान ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर बिना किसी अधिकारी का आदेश दिखाए व नोटिस दिए बिना उनकी खड़ी फसल ट्रैक्टर से जोत दी।
मंगलवार को जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत के साथ पीड़ित इंचौली थाने पहुंचे और पुलिस को जानकारी देते हुए तहरीर दी। कार्रवाई न होने पर पीड़ितों ने आंदोलन की चेतावनी दी। ग्राम प्रधान प्रियंका का कहना है कि एसडीएम व तहसीलदार की मौजूदगी में कार्य हुआ है। जमीन पहले ही खारिज हो चुकी है। गोचर की भूमि है। अधिकारियों ने कब्जा हटवाया। लगाए गए आरोप गलत हैं।
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लावड़। गांव महल में पट्टे की जमीन पर खेती कर रहे किसानों ने खड़ी फसल पर ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों पर ट्रैक्टर से फसल जोतने का आरोप लगाया है। मंगलवार को भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत के नेतृत्व में किसानों ने थाने पहुंचकर प्रधान व उनके तीन साथियों की शिकायत की।
महल निवासी सलीम, इस्लाम, सहदेव, सहंसरपाल, गुलफाम, सरवरी, बाबू, ओमप्रकाश, उमर, महेश, मदन आदि ने बताया कि सन 1982 में 18 परिवारों को सरकार ने पट्टे की जमीन आवंटित की थी। 2009 में पट्टों को निरस्त कर दिया गया। 2017 में उन्होंने इसको लेकर कमिश्नर कोर्ट में याचिका डाली, जो विचारधीन है। कोर्ट में मामला होने के कारण वह लगातार पट्टे की जमीन पर फसल उगाकर अपने परिवारों का भरण पोषण कर रहे हैं। आरोप है कि सोमवार को ग्राम प्रधान ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर बिना किसी अधिकारी का आदेश दिखाए व नोटिस दिए बिना उनकी खड़ी फसल ट्रैक्टर से जोत दी।
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मंगलवार को जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत के साथ पीड़ित इंचौली थाने पहुंचे और पुलिस को जानकारी देते हुए तहरीर दी। कार्रवाई न होने पर पीड़ितों ने आंदोलन की चेतावनी दी। ग्राम प्रधान प्रियंका का कहना है कि एसडीएम व तहसीलदार की मौजूदगी में कार्य हुआ है। जमीन पहले ही खारिज हो चुकी है। गोचर की भूमि है। अधिकारियों ने कब्जा हटवाया। लगाए गए आरोप गलत हैं।
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