फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   power crisis of whole UP can be overcome by sugar mills, just one thing is lacking

यूपी: पूरे प्रदेश का बिजली संकट दूर कर सकती हैं चीनी मिलें, बस एक चीज की है कमी

Tue, 05 Feb 2019 01:08 PM IST
दुष्यंत शर्मा राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Tue, 05 Feb 2019 01:08 PM IST
विज्ञापन
power crisis of whole UP can be overcome by  sugar mills, just one thing is lacking
चीनी मिल
को-जनरेशन (गन्ने की खोई से बिजली उत्पादन) के माध्यम से बिजली उत्पादन कर रहीं प्रदेश की शुगर मिलों को अगर प्रोत्साहन मिले, तो शुगर इंडस्ट्री ही प्रदेश का बिजली संकट दूर कर सकती है। सीजन में अपने लिए बिजली उत्पादित करने वाली चीनी मिलें बची हुई बिजली को यूपी ग्रिड को बेच देती हैं। सकारात्मक नीति से न केवल को-जनरेशन प्लांट की क्षमता बढ़ाई जा सकती है, बल्कि कोयला आधारित प्लांट लगाकर भरपूर बिजली उत्पादित की जा सकती है। 
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश बिजली के मामले में आत्मनिर्भर नहीं है। राज्य विद्युत उत्पादन प्लांटों और केंद्रीय ग्रिड के अलावा निजी विद्युत उत्पादन कंपनियों से बिजली लेने के बावजूद मांग और आपूर्ति में अंतर रहता है। उत्तर प्रदेश में निजी क्षेत्र की 101 चीनी मिलें है। इनमें से करीब 60 शुगर मिल गन्ना पेराई सीजन में (लगभग पांच महीने) करीब 1050 मेगावाट बिजली उत्पादित करती हैं। करीब 40 फीसदी बिजली यूज करने के बाद 60 फीसदी राज्य ग्रिड को बेच दी जाती है।
विज्ञापन

मेरठ में नहीं होगी कटौती
मेरठ जनपद की दौराला, किनौनी, मवाना और नगलामल चीनी मिल सीजन में 120 मेगावाट बिजली उत्पादित करती हैं। प्रोत्साहन मिलने पर चारों शुगर मिलों की बिजली उत्पादन क्षमता 200 मेगावाट तक बढ़ाई जा सकती है। मेरठ में बिजली आपूर्ति और मांग में करीब 200 मेगावाट का अंतर है।

इस अंतर को ये चारों मिल आसानी से भर सकती हैं। वर्तमान में इन चारों मिलों का भी प्रदेश सरकार पर बकाया चल रहा है। मोहिउद्दीनपुर मिल में भी 15 मेगावाट का प्लांट लगा है। हालांकि यहां अभी ग्रिड की लाइन नहीं बनने से 10 मेगावाट बिजली की बिक्री नहीं हो पा रही है। शुगर मिल में केवल 5 मेगावाट बिजली यूज हो रही है।   

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के अनुसार, वर्तमान में शुगर मिलों का प्रदेश सरकार पर को-जनरेशन का करोड़ों रुपया बकाया है। अगर सरकार बिजली बकाये का समय से भुगतान करे और प्लांट लगाने पर अनुदान देने के अलावा पावर स्टेशन लगाने में मदद करे, तो चीनी मिल करीब 8 हजार मेगावाट तक बिजली उत्पादित कर सकती है। 

नई शुगर मिल छूट नीति से बढ़ सकता है उत्पादन
उत्तर प्रदेश सरकार ने नए शुगर मिल लगाने पर छूट नीति जारी की है। इसमें को-जनरेशन प्लांट में छूट के अलावा कोयला आधारित विद्युत प्लांट लगाने का भी विकल्प रखा गया है। इस प्लांट से सीजन के बाद भी बिजली उत्पादन किया जा सकता है। 

...हालांकि बढ़ेगा प्रदूषण
यदि मिलों को बिजली उत्पादन के लिए कोयला उपलब्ध कराया गया, तो इससे बिजली बनाने में प्रदूषण फैलेगा। हालांकि मिलों का दावा है कि ऐसे उपकरण आ गए हैं, जिनसे कोयला जलाने पर नाममात्र के लिए ही प्रदूषण फैलेगा। 

बिजली बनाने वाली शुगर मिलें


 मेरठ    5,  बागपत  2, गाजियाबाद  1,  मुरादाबाद    1, रामपुर     1, बदायूं     1, बिजनौर     5, जेपीनगर    1, बरेली     2, मुजफ्फरनगर    8, सहारनपुर     4
जनपद     संख्या
 बाराबंकी     2,  गौंडा     4, पीलीभीत     4, सीतापुर      3, बलरामपुर     1, लखीमपुर खीरी     6, अंबेडकरनगर     1, फैजाबाद     1, शाहजहांपुर    2, बहराइच     2,  हरदोई      2
 

विज्ञापन

प्लांट लगाने में सहयोग करे सरकार
बगास से बिजली तैयार होने पर पेराई सीजन में ही बिजली का उत्पादन हो पाता है। अगर मिलों द्वारा पूर्व में दी गई बिजली का भुगतान किया जाए। साथ ही बिजली प्लांट लगाने में सरकार सहयोग करे, तो भरपूर बिजली का उत्पादन किया जा सकता है। - दीपक गुप्तारा, जनरल सेक्रेटरी, इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन

इस दिशा में काम हो
मिलों द्वारा को-जनरेशन से जो बिजली बनाई जाती है, वह प्रदेश की विद्युत की खपत को पूरा करने में बेहद मददगार है। लेकिन इसका उत्पादन सीजनल है, जो पांच-छह महीनों में ही हो पाता है। अगर मिलें सालभर बिजली का उत्पादन करेंगी, तो बिजली का संकट ही दूर हो जाएगा। इस दिशा में काम किया जाना चाहिए। - आशुतोष निरंजन, पीवीवीएनएल एमडी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed