{"_id":"688cc3eb7385ad5e16049da1","slug":"potholes-along-the-bhadrakali-road-of-madhya-ganga-canal-have-become-life-threatening-mawana-news-c-228-1-mwn1001-103485-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्य गंग नहर के भद्रकाली मार्ग किनारे गड्ढे बने जानलेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्य गंग नहर के भद्रकाली मार्ग किनारे गड्ढे बने जानलेवा
विज्ञापन
भद्रकाली मार्ग पर बनी खाई स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। कस्बे की मध्य गंग नहर किनारे से होकर प्राचीन भद्रकाली सिद्धपीठ मंदिर तक जाने वाली सड़क किनारे कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे और खाई बन गई हैं जहां पर हादसों का अंदेशा बना हुआ है।
कस्बे से कई गांवों को जोड़ने वाली मध्य गंग नहर मार्ग से होकर भद्रकाली सिद्धपीठ मंदिर मार्ग पर हर रोज हजारों लोगों का आवागमन रहता है। इस मार्ग पर सुबह से देर रात तक आवागमन जारी रहता है। बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क किनारे की मिट्टी बह गई है तो कई स्थानों से स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मिट्टी उठा ली गई है। वहीं, अब बरसात होने पर मिट्टी कटान चलते गहरी खाई बन गई है। इन गड्ढों और खाई के कारण हादसे का अंदेशा बना हुआ है।
गांव लुकाधड़ी निवासी दलजीत सिंह ने बताया कि गांव तक जाते हुए कई स्थानों से सड़क किनारे पर क्षतिग्रस्त हो गई है। यहां गहरे गड्ढे बन गए हैं। रात के समय यह कम ही नजर आते हैं। यहां अन्जान व्यक्ति के साथ में किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। इस मामले में अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कस्बे से कई गांवों को जोड़ने वाली मध्य गंग नहर मार्ग से होकर भद्रकाली सिद्धपीठ मंदिर मार्ग पर हर रोज हजारों लोगों का आवागमन रहता है। इस मार्ग पर सुबह से देर रात तक आवागमन जारी रहता है। बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क किनारे की मिट्टी बह गई है तो कई स्थानों से स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मिट्टी उठा ली गई है। वहीं, अब बरसात होने पर मिट्टी कटान चलते गहरी खाई बन गई है। इन गड्ढों और खाई के कारण हादसे का अंदेशा बना हुआ है।
विज्ञापन
गांव लुकाधड़ी निवासी दलजीत सिंह ने बताया कि गांव तक जाते हुए कई स्थानों से सड़क किनारे पर क्षतिग्रस्त हो गई है। यहां गहरे गड्ढे बन गए हैं। रात के समय यह कम ही नजर आते हैं। यहां अन्जान व्यक्ति के साथ में किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। इस मामले में अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए।
विज्ञापन