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Meerut News: गोशाला में मरे चार गोवंश का रात में कराया पोस्टमार्टम
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र के बस्तौरा नारंग गांव में जिला पंचायत द्वारा संचालित गोशाला में बुधवार सुबह चार मरे गोवंश देर रात में पोस्टमार्टम कराया गया।
बस्तौरा नारंग गांव स्थित गोशाला में करीब 54 गोवंश हैं। बुधवार को अचानक चार गोवंश मृत पाए गए, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर जिला पंचायत के अवर अभियंता रोहित कुमार मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक तौर पर मामला संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की बात कही गई। इसके बाद नायब तहसीलदार सचिन चौधरी, सीओ मवाना पंकज लवानिया, थाना पुलिस तथा पशु चिकित्सक डॉ. ओम प्रीति की मौजूदगी में देर रात मृत गोवंश का पोस्टमार्टम कराया गया।
बृहस्पतिवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप शर्मा ने गोशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ से मृत्यु होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। ठंड के कारण मौत की आशंका पर उन्होंने कहा कि अत्यधिक सर्दी भी एक संभावित कारण हो सकती है। उन्होंने बताया कि गोशाला में गोवंश की संख्या के अनुपात में स्थान कम है, जिससे व्यवस्था पर दबाव पड़ता है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
वहीं ग्रामीणों ने गोशाला की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गोवंश के आश्रय स्थल में ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे, जबकि इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
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हस्तिनापुर। क्षेत्र के बस्तौरा नारंग गांव में जिला पंचायत द्वारा संचालित गोशाला में बुधवार सुबह चार मरे गोवंश देर रात में पोस्टमार्टम कराया गया।
बस्तौरा नारंग गांव स्थित गोशाला में करीब 54 गोवंश हैं। बुधवार को अचानक चार गोवंश मृत पाए गए, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर जिला पंचायत के अवर अभियंता रोहित कुमार मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक तौर पर मामला संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की बात कही गई। इसके बाद नायब तहसीलदार सचिन चौधरी, सीओ मवाना पंकज लवानिया, थाना पुलिस तथा पशु चिकित्सक डॉ. ओम प्रीति की मौजूदगी में देर रात मृत गोवंश का पोस्टमार्टम कराया गया।
बृहस्पतिवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप शर्मा ने गोशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ से मृत्यु होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। ठंड के कारण मौत की आशंका पर उन्होंने कहा कि अत्यधिक सर्दी भी एक संभावित कारण हो सकती है। उन्होंने बताया कि गोशाला में गोवंश की संख्या के अनुपात में स्थान कम है, जिससे व्यवस्था पर दबाव पड़ता है।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
वहीं ग्रामीणों ने गोशाला की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गोवंश के आश्रय स्थल में ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे, जबकि इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
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