भाजपा नेता की हत्या: जिला पंचायत चुनाव से पहले करवट बदल रही सियासत, गुटों में बंटी भाजपा
- बागपत-छपरौली क्षेत्र में लगातार तीन हत्याएं होने से बदल रहे सियासी समीकरण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बागपत जिला पंचायत चुनाव से पहले जिले में दबदबे की सियासत करवट बदल रही है। अब तक की जांच में संजय खोखर की हत्या सीधे तौर पर चुनाव से जुड़ी नहीं मिलती दिख रही है। लेकिन राजनीतिक व्यक्ति की हत्या हुई है, ऐसे में सियासी साजिश को भी पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।
छपरौली क्षेत्र में एक जून से लेकर अब तक तीन सनसनीखेज हत्या हुई है। इसके अलावा विधायक योगेश धामा को धमकी दिए जाने के प्रकरण की गूंज लखनऊ तक हुई है।
कूड़ी गांव में परमवीर तुगाना की हत्या की वजह जिला पंचायत चुनाव की रंजिश सामने आई थी। सुनील राठी का नाम सामने आ जाने के बाद मामले ने खूब तूल पकड़ा। इसके बाद विधायक योगेश धामा को धमकी मिली। संजय खोखर की हत्या के बाद जिले की सियासत नए मोड़ पर खड़ी है।
गुटों में बंटी भाजपा, संगठन के लिए मुश्किल
जिले में भाजपाई गुटों में बंटे हुए हैं। इससे संगठन को बड़ा नुकसान हुआ है। हर मुद्दे पर खुद भाजपाई ही पक्ष और विपक्ष में खड़े नजर आते हैं।
ईख के खेत में छिपकर बैठे थे हमलावर, वारदात से पहले की थी रैकी
छपरौली में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की हत्या से पहले हमलावरों ने रैकी की थी। हेवा-तिलवाड़ा मार्ग पर किसानों की आवाजाही रहती है। यही वजह रही कि हमलावरों ने वारदात के लिए सुनसान चक रोड का चयन किया। हमलावर खेतों के रास्ते ही ईख में छिपकर बैठ गए थे।
कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद से ही संजय खोखर अधिकतर समय घर में रह रहे थे। उनके नजदीकी और आसपास के लोग जानते थे कि वह रोज सुबह तिलवाड़ा मार्ग होते हुए अपनी ट्यूबवेल तक मॉर्निंग वॉक करने जाते थे। हमलावरों ने उनकी रैकी की।
छपरौली-तिलवाड़ा-हेवा मार्ग पर लोगों की आवाजाही रहती है। किसान भी सुबह के समय अधिक संख्या में आवागमन करते हैं। मुर्गी फार्म भी खुल जाने के कारण हमलावरों ने वारदात के लिए मार्ग से लिंक चकरोड का चयन किया।
यह भी संभव है कि घर से निकलते ही बदमाश उनके पीछे लग गए हों। जिस जगह वारदात को अंजाम दिया गया, उसके एक तरफ ट्यूबवेल है और दूसरी तरफ ईख का खेत। हमलावर क्षेत्र की पूरी भौगोलिक स्थिति से वाकिफ थे। पैदल ही आए और वारदात के बाद पैदल ही फरार हुए।