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किशोर और बालक के हत्यारोपी तांत्रिक असद के दोनों पैरों में पुलिस ने मारी गोली

Mon, 14 Jul 2025 01:56 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jul 2025 01:56 AM IST
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Police shot Tantrik Asad, accused of killing a teenager and a child, in both his legs
सरधना। तांत्रिक सिद्धी पाने के लिए रिहान (11) और उवैस (14) की हत्या के आरोपी असद ने रविवार को पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग कर दी। पुलिस उसे साक्ष्य एकत्र करने के लिए लेकर जा रही थी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी दोनों पैरों में पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। गिरफ्तार कर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपी के पिता इकरामुद्दीन और भाई आसिफ, आरिफ, जुबैर व रिहान को भी पुलिस ने हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
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नवाबगढ़ी गांव में तांत्रिक असद ने बृहस्पतिवार को पड़ोस में रहने वाले उवैस को घर से बुलाया और रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी थी। शव खाली पड़े जर्जर मकान में फेंक दिया था। पुलिस जांच में जुटी तो असद ने उवैस के अलावा तीन माह पूर्व गांव से लापता रिहान की हत्या करना भी स्वीकार किया था। रिहान का शव एक खेत में दबा दिया था। पूछताछ के बाद शनिवार देर रात पुलिस साक्ष्य एकत्र करने के लिए नगला ऑर्डर गांव के जंगल में लेकर पहुंची। यहां पहले से झाड़ियों में छिपाया हुआ तमंचा उठाकर आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
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घायल अवस्था में आरोपी को पहले सीएचसी और फिर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक तमंचा, एक खोखा, हत्या में प्रयोग की गई दो रस्सियां, रिहान की खून से सनी नीली पैंट बरामद होने का दावा किया है। पुलिस ने आरोपी के पिता और चारों भाइयों को भी गिरफ्तार किया है।
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एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पिता और भाई भी हत्या की साजिश में शामिल थे। ये सभी असद की मदद कर रहे थे। सभी को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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अगली बलि की तैयारी में था आरोपी, बच गई कई मासूमों की जान

संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नवाबगढ़ी गांव में दो मासूमों की नरबलि ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। तांत्रिक असद बच्चों की बलि देकर सिद्धि प्राप्त करना चाहता था। इस सनक में उसने रिहान और उवैस की बेरहमी से हत्या कर दी। ग्रामीणों के अनुसार इसके बाद भी आरोपी सनक थमी नहीं थी। उसने अगले बृहस्पतिवार को एक और बच्चे की बलि देने की योजना बना ली थी। यह बच्चा भी अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी उस बच्चे की हर गतिविधि और दिनचर्या की जानकारी जुटा रहा था।
बलि के लिए चुना सावन का पहला शुक्रवार
ग्रामीणों की माने तो असद ने विशेष तिथियों और धार्मिक अवसरों को ध्यान में रखते हुए बलि के लिए सावन माह के पहले शुक्रवार का चयन किया था। कहा जाता है कि यह दिन तांत्रिक क्रियाओं के लिए अत्यंत प्रभावशाली होता है। तीन माह पूर्व रिहान भी बृहस्पतिवार शाम को लापता हुआ था। उसकी हत्या भी शुक्रवार को ही की गई। उवैस की हत्या के बाद आरोपी की गिरफ्तारी से अगली वारदात टल गई। असद की हरकतें केवल अंधविश्वास नहीं मानी जा रही हैं। उसकी गतिविधियों और अपराध के तरीके से पुलिस और ग्रामीणों को संदेह है कि वह या तो किसी गंभीर मानसिक विकृति से ग्रस्त था, या फिर किसी संगठित तांत्रिक गिरोह से जुड़ा था।
डायरी और मोबाइल से खुलेंगे राज
ग्रामीणों ने बताया कि दिन में वह धार्मिक चर्चा करता, धार्मिक वेशभूषा में दिखता था, लेकिन रात होते ही तांत्रिक क्रियाओं के लिए नरबलि जैसे घिनौने अपराध की योजना बनाने लगता था। पुलिस ने उसकी डायरी, मोबाइल फोन और कुछ फोटोग्राफ जब्त किए हैं, इनकी मदद से पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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फिरौती की ऑडियो मिलने पर भी पुलिस ने दिखाई लापरवाही

- एक लाख रुपये लेकर मेरठ रोड तक पहुंच गए थे किशोर के पिता

सरधना। नवाबगढ़ी गांव में तंत्र क्रिया के लिए दो मासूमों की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उवैस के अपहरण और फिरौती की ऑडियो मिलने के बावजूद पुलिस ने इसे महज गुमशुदगी का मामला बताकर दरकिनार कर दिया। जबकि परिजनों ने असद पर शक भी जाहिर किया था। पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो शायद उवैस की जान बचाई जा सकती थी।
बृहस्पतिवार शाम साढ़े सात बजे उवैस नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जाने की बात कहकर घर से निकला था। करीब एक घंटे बाद ही पिता शकील के मोबाइल पर उवैस के ही नंबर से व्हाट्सएप पर पांच लाख रुपये की फिरौती देने का मेसेज आया। साथ में एक क्यूआर कोड भी भेजा गया। आरोपी ने उवैस का फोन अपने कब्जे में लेकर यह संदेश भेजा था। फिरौती का मेसेज मिलने के बाद पिता व अन्य परिजन डर के मारे एक लाख रुपये लेकर बताए गए स्थान मेरठ रोड स्थित एक फैक्टरी तक भी पहुंच गए थे। पुलिस ने उन्हें न कोई सहयोग दिया, न वहां किसी प्रकार की निगरानी की। इस दौरान समय बीतता गया और आरोपी ने उवैस की हत्या कर दी। इसी तरह की लापरवाही पुलिस ने तीन माह पूर्व रिहान के लापता होने के बाद भी की थी।

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गांव में भय और मातम का माहौल
इस वारदात के बाद गांव में भय और मातम का माहौल है। जिन परिवारों में इकलौती संतान है, वे अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए सीबीआई या किसी विशेष एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी जाए, जिससे न केवल असद का नेटवर्क सामने आए, बल्कि ऐसे विकृत मानसिकता वाले लोगों को समय रहते पकड़ा जा सके।

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