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प्रशासन के आदेश के विपरीत पुलिस कर रही मनमानी
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प्रशासन के आदेश के विपरीत पुलिस कर रही मनमानी
मेरठ। कोरोना संक्रमण काल में शहर के व्यापारियों को पुलिस प्रशासन ने फुटबाल बना दिया है। प्रशासन जो आदेश करता है, पुलिस उसके विपरीत काम करती है। ऐसे में व्यापारी रोजाना पुलिस उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। बाजार खुलने के आदेश के बावजूद पुलिस अपने मनमाने तरीके से आदेश पालन करा रही है, जिससे लेकर व्यापारी परेशान हैं।
लॉकडाउन हटने के बाद शहर के बाजारों के खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। जिसमें प्रशासन ने दायीं और बायीं पटरी का रोस्टर लागू कर दिया। रोस्टर के तहत पुलिस ने जमकर खेल किया। कई जगह उगाही करते हुए विपरीत पटरी की दुकानें खुलवाई तो बंदी के समय में यदि दुकान बंद करने में 15 मिनट की देरी हुई तो उस व्यापारी का भी उत्पीड़न किया। यही नहीं दुकान बंद करके अपने घर लौटते व्यापारियों को तो रोजाना ही पुलिस के उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। बुधवार को जिलाधिकारी ने दायीं-बायीं पटरी का रोस्टर समाप्त कर सोमवार से शुक्रवार तक बाजार खोलने का आदेश जारी किया। इस आदेश में बताया कि सुबह 9 बजे से रात्रि 8 बजे तक बाजार खुलेंगे। जिलाधिकारी ने इस आदेश की प्रति एडीएम सिटी, प्रशासन और एसडीएम, एसीएम और एसएसपी को भेजी। उन्होंने इस आदेश का पालन कराने का निर्देश दिया।
पुलिस ने सुबह से कर दी मनमानी
बृहस्पतिवार सुबह जब शारदा रोड का बाजार खुला तो पुलिस वालों ने वहां पहुंच कर रोस्टर का पालन कराने की बात कही। जब व्यापारियों ने डीएम के आदेश का हवाला दिया तो पुलिस वालों ने ऐसे किसी आदेश की जानकारी होने से इंकार कर दिया। जिस पर जमकर हंगामा हुआ।
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गंगानगर पुलिस ने तो एसीएम ही बदल दिया
गंगानगर पुलिस ने दूसरा कारनामा कर दिखाया। बृहस्पतिवार शाम 6.30 बजे से ही थानाध्यक्ष की गाड़ी बाजार में शाम 7 बजे से बंद करने का आदेश देते हुए घूमना शुरू हो गई। कुछ व्यापारियों ने रात्रि 8 बजे तक आदेश बताए तो गंगानगर पुलिस ने एसीएम प्रथम सुनीता सिंह के आदेश उन्हें थमा दिए, जिसमें सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक बाजार खोलने के आदेश हैं। एसीएम प्रथम सुनीता सिंह ने बताया कि गंगानगर क्षेत्र उनके अंतर्गत नहीं है। उनके क्षेत्र के बाजार कंटेनमेंट एरिया में हैं। ऐसे में उन्होंने सुबह और शाम एक-एक घंटे की कटौती की है। गंगानगर क्षेत्र में मवाना रोड की बायीं पटरी एसीएम सिविल लाइन क्षेत्र में आती है तो बाकी का एरिया एसडीएम सदर के क्षेत्र में आता है। लेकिन गंगानगर पुलिस अपनी ही मनमानी पर उतरी हुई है।
कर्फ्यू और बाजार बंदी पर फंसा पेंच
शासन ने रात 8 बजे तक ही बाजार खोलने और तभी से कर्फ्यू लागू करने का आदेश दिया है। ऐसे में दुकानदार जब रात 8 बजे दुकान बंद कर घर जाता है तो कर्फ्यू शुरू हो जाता है और पुलिस उसे रास्ते में रोककर उत्पीड़न करती है। इसे लेकर तमाम व्यापारियों में आक्रोश है।
मुख्यमंत्री और शासन में करेंगे शिकायत
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा पुलिस और प्रशासन के बीच बिल्कुल भी सामंजस्य नहीं है। पुलिस लॉकडाउन से ही व्यापारियों का लगातार उत्पीड़न कर रही है। अभी तक शहर का व्यापारी चुप था, लेकिन अब व्यापारी पुलिस को शक्ति का अहसास कराएगा। पूरे मामले पर मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की जाएगी। जरूरत हुई तो व्यापारी इस उत्पीड़न के खिलाफ अब सड़कों पर भी उतरेगा।
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मेरठ। कोरोना संक्रमण काल में शहर के व्यापारियों को पुलिस प्रशासन ने फुटबाल बना दिया है। प्रशासन जो आदेश करता है, पुलिस उसके विपरीत काम करती है। ऐसे में व्यापारी रोजाना पुलिस उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। बाजार खुलने के आदेश के बावजूद पुलिस अपने मनमाने तरीके से आदेश पालन करा रही है, जिससे लेकर व्यापारी परेशान हैं।
लॉकडाउन हटने के बाद शहर के बाजारों के खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। जिसमें प्रशासन ने दायीं और बायीं पटरी का रोस्टर लागू कर दिया। रोस्टर के तहत पुलिस ने जमकर खेल किया। कई जगह उगाही करते हुए विपरीत पटरी की दुकानें खुलवाई तो बंदी के समय में यदि दुकान बंद करने में 15 मिनट की देरी हुई तो उस व्यापारी का भी उत्पीड़न किया। यही नहीं दुकान बंद करके अपने घर लौटते व्यापारियों को तो रोजाना ही पुलिस के उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। बुधवार को जिलाधिकारी ने दायीं-बायीं पटरी का रोस्टर समाप्त कर सोमवार से शुक्रवार तक बाजार खोलने का आदेश जारी किया। इस आदेश में बताया कि सुबह 9 बजे से रात्रि 8 बजे तक बाजार खुलेंगे। जिलाधिकारी ने इस आदेश की प्रति एडीएम सिटी, प्रशासन और एसडीएम, एसीएम और एसएसपी को भेजी। उन्होंने इस आदेश का पालन कराने का निर्देश दिया।
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पुलिस ने सुबह से कर दी मनमानी
बृहस्पतिवार सुबह जब शारदा रोड का बाजार खुला तो पुलिस वालों ने वहां पहुंच कर रोस्टर का पालन कराने की बात कही। जब व्यापारियों ने डीएम के आदेश का हवाला दिया तो पुलिस वालों ने ऐसे किसी आदेश की जानकारी होने से इंकार कर दिया। जिस पर जमकर हंगामा हुआ।
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गंगानगर पुलिस ने तो एसीएम ही बदल दिया
गंगानगर पुलिस ने दूसरा कारनामा कर दिखाया। बृहस्पतिवार शाम 6.30 बजे से ही थानाध्यक्ष की गाड़ी बाजार में शाम 7 बजे से बंद करने का आदेश देते हुए घूमना शुरू हो गई। कुछ व्यापारियों ने रात्रि 8 बजे तक आदेश बताए तो गंगानगर पुलिस ने एसीएम प्रथम सुनीता सिंह के आदेश उन्हें थमा दिए, जिसमें सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक बाजार खोलने के आदेश हैं। एसीएम प्रथम सुनीता सिंह ने बताया कि गंगानगर क्षेत्र उनके अंतर्गत नहीं है। उनके क्षेत्र के बाजार कंटेनमेंट एरिया में हैं। ऐसे में उन्होंने सुबह और शाम एक-एक घंटे की कटौती की है। गंगानगर क्षेत्र में मवाना रोड की बायीं पटरी एसीएम सिविल लाइन क्षेत्र में आती है तो बाकी का एरिया एसडीएम सदर के क्षेत्र में आता है। लेकिन गंगानगर पुलिस अपनी ही मनमानी पर उतरी हुई है।
कर्फ्यू और बाजार बंदी पर फंसा पेंच
शासन ने रात 8 बजे तक ही बाजार खोलने और तभी से कर्फ्यू लागू करने का आदेश दिया है। ऐसे में दुकानदार जब रात 8 बजे दुकान बंद कर घर जाता है तो कर्फ्यू शुरू हो जाता है और पुलिस उसे रास्ते में रोककर उत्पीड़न करती है। इसे लेकर तमाम व्यापारियों में आक्रोश है।
मुख्यमंत्री और शासन में करेंगे शिकायत
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा पुलिस और प्रशासन के बीच बिल्कुल भी सामंजस्य नहीं है। पुलिस लॉकडाउन से ही व्यापारियों का लगातार उत्पीड़न कर रही है। अभी तक शहर का व्यापारी चुप था, लेकिन अब व्यापारी पुलिस को शक्ति का अहसास कराएगा। पूरे मामले पर मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की जाएगी। जरूरत हुई तो व्यापारी इस उत्पीड़न के खिलाफ अब सड़कों पर भी उतरेगा।