तलाक न देने पर पति को जेल में खिला दिया ज़हर, जानिए कैसे जेल में जहर लेकर पहुंची
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जिला कारागार में पिता की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी को पत्नी ने ज़हर दे दिया। बंदी की हालत बिगडऩे पर जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। घटना को अंजाम देने के बाद पत्नी समेत ससुराल पक्ष जिला कारागार से चुपचाप खिसक गए। पत्नी पति से तलाक लेना चाहती हैं। पति के तलाक नहीं देने पर पत्नी ने पति को जेल में जान से मारने की साजिश रची।
नजीबाबाद के मोहल्ला जाफ्तागंज निवासी तसलीम (36) जिला कारागार में अपने पिता अलीहसन की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। दो साल पहले तसलीम ने अपने पिता को मौत के घाट उतारा था। छह माह पहले उसे उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। तसलीम का आरोप है कि उसने पिछली मिलाई पर अपनी पत्नी रेशमा से गुप्त बीमारी की दवाई मंगाई थी। रविवार को पत्नी रेशमा, ससुर मुन्ना, साला नफीस व साढू सिराजू तसलीम से मिलाई करने जेल आए थे। पत्नी रेशमा हाथ में बंधी पट्टी के भीतर दवाई छिपाकर लाई थी। तसलीम ने बताया कि पत्नी रेशमा ने उसे एक तो पिसी हुई और दूसरा कैप्सूल की दवाई खिलाई। दवाई खाते ही उसे उल्टी आई तो पत्नी रेशमा ने कहा कि घर की बनाई हुई दवाई है इसलिए यह कड़बी है। दवाई देने के बाद पत्नी, ससुर, साला व साढू जेल से निकल गए। करीब साढ़े बारह बजे तसलीम की हालत बिगड़ गई, और उल्टी आने लगी। जेल प्रशासन ने उसको आनन-फानन में जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। चिकित्सकों ने बताया कि बंदी तसलीम की हालत फिलहाल स्थिर है। जिला अस्पताल में होश में आने पर तसलीम ने बताया कि तीन साल पहले ही उसने रेशमा के साथ दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से उसके चार बच्चे हैं।