यूपी: इस जिले में एक जून से शुरू हो जाएगा पीएनजी शवदाह गृह, कुल लागत आएगी 35 लाख
मेरठ में कोरोना महामारी की शुरुआत से ही सूरजकुंड श्मशान में पीएनजी शवदाह गृह की मांग की जा रही है। पार्किंग में प्लेटफार्म बनने के बाद भी शवों का सही ढंग से अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है।
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मेरठ में कोरोना महामारी की शुरुआत से ही सूरजकुंड श्मशान में पीएनजी शवदाह गृह की मांग की जा रही है। पार्किंग में प्लेटफार्म बनने के बाद भी शवों का सही ढंग से अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आर्य समाज और गंगा मोटर कमेटी संयुक्त रूप से कार्य कर एक जून से पीएनजी शवदाह गृह शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए फरीदाबाद की कंपनी को टोकन मनी भेज दी गई है।
शहर में सभी कोरोना प्रोटोकॉल वाले शवों का अंतिम संस्कार सूरजकुंड श्मशान में ही किया जा रहा है। मृत्यु का आंकड़ा प्रतिदिन 70 से 80 तक पहुंच रहा है। श्मशान में बने प्लेटफार्म कम पड़ रहे हैं। ऐसे में कुछ समय के लिए व्यवस्था बनाने के लिए पार्किंग स्थल में प्लेटफार्म बनाए गए। लेकिन यहां अंतिम संस्कार को लेकर श्मशान के पास रहने वाले लोग विरोध कर रहे हैं। चिताओं की राख उनके घरों तक पहुंच रही है।
कमेटी के महामंत्री अनिल सिंघल ने बताया कि सभी पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि अब स्वयं ही पीएनजी शवदाह गृह शुरू कराया जाएगा। इसमें आर्य समाज से भी बड़ा सहयोग किया जा रहा है। आर्य समाज बुढ़ाना गेट के अध्यक्ष अशोक सुधाकर ने बताया कि आर्य समाज पीएनजी शवदाह गृह का संपूर्ण खर्च वहन करेगा।
कुल लागत आएगी 35 लाख
शवदाह गृह लगाने में मशीन, ट्रांसपोर्ट, कर आदि जोड़कर करीब 35 लाख रुपये का खर्च होगा। तीन कंपनियों की ओर से कोटेशन आई थी। इसमें फरीदाबाद की कंपनी को फाइनल किया गया है। इस संबंध में आर्य समाज के विवेश शेखर मनोज लाल सराफ से भी संपर्क किया गया है। इस शवदाह गृह में 45 मिनट में एक शव का संस्कार संपन्न हो सकेगा। एक दिन में 25 शवों का संस्कार हो पाएगा।
श्मशान घाट की दीवार को ऊंचा कराया जाए
पार्षद अंशुल गुप्ता सहित अन्य लोगों ने सूरजकुंड श्मशान घाट पर कोविड प्रोटोकॉल वाले शवों के अंत्येष्टि स्थल दीवार को ऊंचा कराने की मांग की है। इससे पास में रहने वाले लोगों को परेशानी नहीं होगी।
लकड़ी की जगह उपलों का प्रयोग बढ़ाने का सुझाव दिया
भाजपा पार्षद दल के नेता विपिन जिंदल ने नगर आयुक्त से मिलकर प्रस्तावित पीएनजी आधारित शवदाह गृह जल्द शुरू कराने और लकड़ी की जगह उपलों का प्रयोग बढ़ाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि लकड़ी का कम प्रयोग होगा तो काफी संख्या में पेड़ों का कटान रोका जा सकेगा।
बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार कराया
कंकरखेड़ा क्षेत्र के कासमपुर में रविवार को एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु हो गई। अंतिम संस्कार के लिए परिवार में कोई व्यक्ति न होने की जानकारी पर स्वयं सेवक महिला के घर पहुंचे। उन्होंने अंतिम संस्कार करवाया।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के महानगर सेवा प्रमुख संजय यादव ने बताया कि बुजुर्ग महिला अकेली रहती थी। परिवार में कोई सदस्य नहीं है। स्वयंसेवकों ने पहले पूरे घर को सैनिटाइज कराया और फिर शव को लेकर श्मशान घाट पहुंचे। यहां संस्कार करवाया गया। इस दौरान उनके साथ नगर कार्यवाह निपुण, नगर सेवा प्रमुख संजय, आनंद, सभासद सतनाम नामी, विद्यार्थी प्रमुख आर्यमन आदि मौजूद रहे।
मोहल्ले की ओर लगाई जाएगी टीन शेड
सूरजकुंड श्मशान में मोहल्ले की तरफ टीन शेड लगाई जाएगी। कोविड प्रोटोकॉल वाले शवों के अंतिम संस्कार के लिए पार्किंग से अलग व्यवस्था की जाएगी ताकि स्थानीय लोगों को परेशानी न हो। सूरजकुंड क्षेत्र के लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन के आदेश पर विशेष सचिव ने नगर आयुक्त से मामले की जानकारी ली। इसके बाद दिशा निर्देश जारी किए।
रोजाना जलने वाली चिताओं की राख से श्मशान घाट के पास करीब 150 परिवार परेशान हैं। उन्होंने विरोध करते हुए कई बार हंगामा भी किया। स्थानीय लोगों की शिकायत पर भाजपा नेता आशीष अग्रवाल ने कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन और उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को अवगत कराया। इसके बाद ही अब नगर आयुक्त को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। उनसे कहा गया है कि दो दिन में टीन शेड लगाने जैसी व्यवस्था की जाए।
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