पीएम मोदी ने फिर किया क्रांतिधरा का जिक्र, इस बार चुनाव में यहां से हुई थी विवादित बयानों की शुरुआत
लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा ने अपनी रैली का आगाज मेरठ से ही किया था। शुक्रवार को फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी पत्रकार वार्ता में यह बात दोहराई। कहा कि क्रांतिधरा से ही हमने अपनी रैली की शुरुआत की। उन्होंने मेरठ और मध्यप्रदेश दोनों को क्रांति से जोड़ा। अहम बात यह रही कि मेरठ और आसपास के इन जिलों में हुई अन्य रैलियों में नेताओं ने ऐसे बोल बोले कि पूरे देश में इसकी गूंज हुई।
चुनावी महासमर में मेरठ से ही रैलियों को शुरू करने का राजनीतिक दलों का ट्रेंड रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव में भी नरेन्द्र मोदी ने मेरठ से ही चुनावी रैली शुरू की थी। बाद में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता हासिल की। तब से भाजपा यहां से रैली का आगाज अपने लिए शुभ मानती रही है। हालांकि मायावती तथा अन्य नेताओं ने भी मेरठ को सबसे पहले रैली के लिए चुना था।
इस बार भी 28 मार्च को मेरठ से ही नरेन्द्र मोदी ने चुनावी प्रचार की पहली रैली को संबोधित किया। इसका जिक्र उन्होंने शुक्रवार को हुई प्रेस वार्ता में किया। कहा कि क्रांतिधरा मेरठ से उन्होंने रैली शुरू की और मध्य प्रदेश में समापन किया। 1857 की क्रांति मेरठ से ही शुरू हुई थी और इस क्रांति में मध्य प्रदेश के आदिवासी भीमा नायक ने भी नेतृत्व किया था।
वेस्ट से ही फूटे थे विवादित बोल
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी गठबंधन की पहली रैली के लिए वेस्ट यूपी के देवबंद को चुना था। सात अप्रैल को आयोजित इस रैली में उन्होंने मुसलमानों को एकजुट हो जाने को कहा। इस पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया। इसके बाद तो जैसे रैलियों में इस तरह की बयानबाजी की होड़ शुरू हो गई।
यहां सीएम योगी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उनके पास अली है तो हमारे पास बजरंग बली। साथ ही वेस्ट यूपी से हरा वायरस खत्म करने की अपील की। इस पर भी निर्वाचन आयोग ने एक्शन लिया। इससे पहले योगी किनौनी की सभा में मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र भी कर चुके थे। वेस्ट यूपी की रैलियों से निकले ये बोल पूरे लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीति के पटल पर छाए रहे।
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