{"_id":"6a8afcabdc2d9815690caa39","slug":"pledge-taken-to-protect-religion-and-culture-on-raksha-bandhan-meerut-news-c-228-1-mwn1001-105340-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: रक्षाबंधन पर धर्म और संस्कृति की रक्षा का लिया संकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: रक्षाबंधन पर धर्म और संस्कृति की रक्षा का लिया संकल्प
विज्ञापन
कस्बे के युवाओं को रक्षाबंधन पर्व के लिए जागरूक करते पांडव सेना के निदेशक स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। धर्म जागरण समन्वय, मेरठ प्रांत एवं भारतीय पांडव सेना के तत्वावधान में रविवार को कस्बे में धर्मरक्षा बंधन अभियान चलाया गया। लोगों को रक्षाबंधन के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी देते हुए धर्म, संस्कृति और समाज की रक्षा का संकल्प दिलाया।
भारतीय पांडव सेना के निदेशक रणधीर उपाध्याय ने कहा कि भारतीय जीवन-दर्शन चराचर जगत के कल्याण की कामना करने वाला प्राचीन दर्शन है। हिंदू समाज सर्वे भवन्तु सुखिनः और वसुधैव कुटुंबकम की भावना के साथ समन्वय और सहयोग में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों द्वारा स्थापित श्रेष्ठ आचार-विचार और जीवन पद्धति ही हिंदू धर्म की पहचान है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।
पूर्वजों और देवी-देवताओं का स्मरण करते हुए हिंदू धर्म, परंपराओं और त्योहारों के प्रति आस्था बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही अपने गांव और समाज में धर्म परिवर्तन के प्रयासों के प्रति जागरुक रहने तथा धर्म छोड़ चुके लोगों को पुनः अपनी परंपरा से जोड़ने का संकल्प भी लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय पांडव सेना के निदेशक रणधीर उपाध्याय ने कहा कि भारतीय जीवन-दर्शन चराचर जगत के कल्याण की कामना करने वाला प्राचीन दर्शन है। हिंदू समाज सर्वे भवन्तु सुखिनः और वसुधैव कुटुंबकम की भावना के साथ समन्वय और सहयोग में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों द्वारा स्थापित श्रेष्ठ आचार-विचार और जीवन पद्धति ही हिंदू धर्म की पहचान है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।
विज्ञापन
पूर्वजों और देवी-देवताओं का स्मरण करते हुए हिंदू धर्म, परंपराओं और त्योहारों के प्रति आस्था बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही अपने गांव और समाज में धर्म परिवर्तन के प्रयासों के प्रति जागरुक रहने तथा धर्म छोड़ चुके लोगों को पुनः अपनी परंपरा से जोड़ने का संकल्प भी लिया।
विज्ञापन