फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   pk ke saamne bharke

पीके टीम के सामने भड़के कांग्रेसी

Mon, 16 May 2016 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 16 May 2016 02:52 AM IST
विज्ञापन
pk ke saamne bharke
कांग्रेस के प्रशांत किशाेर कार्यक्रम में बोलते हुए - फोटो : अमर उजाला
 कांग्रेस में जान फूंकने पीके (प्रशांत किशोर) की तीन सदस्यीय टीम रविवार को मेरठ पहुंची। टीम के सामने भड़के कांग्रेसियों ने केंद्रीय नेेतृत्व और स्थानीय बड़े नेताओं पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और शोषण करने के आरोप लगाए। साथ ही बाहरी प्रत्याशी को मेरठ से टिकट देने पर भी नाराजगी जतायी।
विज्ञापन

पीके टीम के सदस्य प्रांजल वर्मा, वकार और विकल बिजली बंबा बाईपास स्थित गांधी इंस्टीट्यूट पहुंचे। जहां उन्होंने जिला और महानगर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिवों के साथ बैठक कर मेरठ में कांग्रेस की जमीन टटोलनी शुरू की। कांग्रेसियों ने कहा कि स्थानीय कार्यकर्ता वर्षों से पार्टी के लिए काम करते आए हैं। इसके बाद भी पार्टी बाहर से प्रत्याशी थोप देती है।  
विज्ञापन

कांग्रेसियों ने वर्ष 2012 के विधानसभा और 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का कारण रालोद से गठबंधन और बाहरी प्रत्याशी का चुनाव लड़ना बताया। वहीं, आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी दल से गठबंधन न करने की सलाह दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भूमि अधिग्रहण, कताई मिल चलाना, सांप्रदायिक विवाद खत्म कराना आदि मुद्दे बताकर अभी से सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने की मांग की। इसके बाद टीम शाम को वरिष्ठ नेताओं, पूर्व पार्षद, प्रदेश पदाधिकारियों और पीसीसी सदस्यों से मिली।

बैठक में जिलाध्यक्ष विनय प्रधान, महानगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा किशनी, पूर्व विधायक जय नारायण शर्मा, मेरठ जोन प्रभारी सलमान सईद, सरदार मनजीत सिंह कोछड़, मेहरबान आलम, तारिक कुरैशी, पंडित नवनीत, आदित्य शर्मा, सैयद सलीमउद्दीन शाह, रेखा नागपाल, सलीम पठान, हरिकिशन वर्मा आदि मौजूद रहे। पीके टीम सोमवार को कांग्रेस कार्यालय पर ब्लॉक प्रमुख, सभी प्रकोष्ठों के अध्यक्षों और एनएसयूआई के पदाधिकारियों से मिलेगी।
टीम के मुख्य प्वाइंट
-2012 के विस और 2014 के लोस चुनाव में हार का कारण
- आगामी विस चुनाव घोषणा पत्र में प्रदेश और लोकल स्तर के क्या मुद्दे होने चाहिए
- गठबंधन हो या नहीं, क्या रणनीति बनानी चाहिए
- प्रदेश में कांग्रेस का कैसे प्रचार प्रसार हो
- संगठन में कहां कमी है, कैसे करें दूर, पुराने कांग्रेसियों को कैसे वापस लाएं

आईआईटी इंजीनियर की है टीम
प्रशांत किशोर की टीम में जहां विकल आईआईटी इंजीनियर हैं तो प्रांजल वर्मा और वकार आईआईटी इंजीनियर के साथ एमबीए भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed