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Meerut News: पर्चा खोने पर भी मरीजों को इलाज में नहीं होगी परेशानी, कंप्यूटर में दर्ज रहेगा रिकॉर्ड
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- मेडिकल में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हुई मॉड्यूल कार्यशाला
- अस्पताल में संग्रहित होगा मरीजों का विस्तृत डाटा, इलाज में मिलेगी सहायता
- मरीजों का ऑनलाइन किया जाएगा पंजीकरण, चिकित्सक देंगे ई-प्रिस्क्रिप्शन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में अब मरीजों का पंजीकरण ऑनलाइन होगा। चिकित्सक भी ई-प्रिस्क्रिप्शन देंगे। शनिवार को इसी संबंध में मेडिकल कॉलेज मेरठ में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अंतर्गत ओपीडी/आईपीडी मॉड्यूल कार्यशाला हुई। सभी ओपीडी में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।
कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. ज्ञानेश्वर टोंक ने बताया कि यह डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आभा आईडी के उपयोग के माध्यम से इस व्यवस्था को मेडिकल कॉलेज की सभी ओपीडी में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। मरीजों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। इसका सबसे बड़ा फायदा मरीजों को होगा। पर्चा खो जाने पर भी उनका पूरा रिकॉर्ड रहेगा, जिसके तहत उनका उपचार निर्बाध तरीके से चलता रहेगा।
डॉ. टोंक ने बताया कि अभी तक कॉलेज में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर डेंटल विभाग, सर्जरी और मेडिसिन विभाग में इसे लागू किया गया था। अब यह व्यवस्था सभी विभागों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
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एबीडीएम की नोडल अधिकारी प्रोफेसर आभा गुप्ता ने बताया कि यह प्रशिक्षण आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आयोजित किया गया है। अब ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों को ऑनलाइन ई-प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यशाला में ओपीडी/आईपीडी मॉड्यूल के उपयोग, ऑनलाइन पंजीकरण, ई-प्रिस्क्रिप्शन निर्माण, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में मेडिकल कॉलेज के विभिन्न क्लीनिकल विभागों के संकाय सदस्यों एवं जूनियर रेजिडेंट्स ने सहभागिता की। इस दौरान डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. स्नेह लता वर्मा, डॉ. रिजवान, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. लोकेश कुमार सिंह, डॉ. सोनम गुप्ता, डॉ. प्रतिभा अग्रवाल, डॉ. ज्योति चौधरी, डॉ. सचिन गर्ग, डॉ. अनूप राज, डॉ. मनोज कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन बाल रोग विभाग के डॉ. रंजन कुमार ने किया।
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- अस्पताल में संग्रहित होगा मरीजों का विस्तृत डाटा, इलाज में मिलेगी सहायता
- मरीजों का ऑनलाइन किया जाएगा पंजीकरण, चिकित्सक देंगे ई-प्रिस्क्रिप्शन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में अब मरीजों का पंजीकरण ऑनलाइन होगा। चिकित्सक भी ई-प्रिस्क्रिप्शन देंगे। शनिवार को इसी संबंध में मेडिकल कॉलेज मेरठ में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अंतर्गत ओपीडी/आईपीडी मॉड्यूल कार्यशाला हुई। सभी ओपीडी में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।
कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. ज्ञानेश्वर टोंक ने बताया कि यह डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आभा आईडी के उपयोग के माध्यम से इस व्यवस्था को मेडिकल कॉलेज की सभी ओपीडी में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। मरीजों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। इसका सबसे बड़ा फायदा मरीजों को होगा। पर्चा खो जाने पर भी उनका पूरा रिकॉर्ड रहेगा, जिसके तहत उनका उपचार निर्बाध तरीके से चलता रहेगा।
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डॉ. टोंक ने बताया कि अभी तक कॉलेज में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर डेंटल विभाग, सर्जरी और मेडिसिन विभाग में इसे लागू किया गया था। अब यह व्यवस्था सभी विभागों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
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एबीडीएम की नोडल अधिकारी प्रोफेसर आभा गुप्ता ने बताया कि यह प्रशिक्षण आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आयोजित किया गया है। अब ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों को ऑनलाइन ई-प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यशाला में ओपीडी/आईपीडी मॉड्यूल के उपयोग, ऑनलाइन पंजीकरण, ई-प्रिस्क्रिप्शन निर्माण, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में मेडिकल कॉलेज के विभिन्न क्लीनिकल विभागों के संकाय सदस्यों एवं जूनियर रेजिडेंट्स ने सहभागिता की। इस दौरान डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. स्नेह लता वर्मा, डॉ. रिजवान, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. लोकेश कुमार सिंह, डॉ. सोनम गुप्ता, डॉ. प्रतिभा अग्रवाल, डॉ. ज्योति चौधरी, डॉ. सचिन गर्ग, डॉ. अनूप राज, डॉ. मनोज कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन बाल रोग विभाग के डॉ. रंजन कुमार ने किया।