{"_id":"5fbec6718ebc3e9bf1366275","slug":"patient-more-beds-less-getting-home-from-home-isolation-meerut-news-mrt512698245","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीज ज्यादा बेड कम...होम आइसोलेशन से मिल रहा ‘दम’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीज ज्यादा बेड कम...होम आइसोलेशन से मिल रहा ‘दम’
विज्ञापन
मरीज ज्यादा बेड कम...होम आइसोलेशन से मिल रहा ‘दम’
- अभी 1650 बेड हैं आरक्षित और एक्टिव मरीज हो गए हैं 1805
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कोरोना के सक्रिय मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है और यह संख्या प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरक्षित बेड़ों की संख्या से भी अधिक हो गई है। होम आइसोलेशन की वजह से राहत है। अगर सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता तो स्थिति भयावह हो सकती थी।
अभी 1650 आरक्षित किए हुए हैं और मंगलवार तक सक्रिय मरीजों की संख्या 1805 थी। इनमें से 1048 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। बाकी बचे 757 मरीजों में भी 602 ही अस्पतालों में भर्ती हैं, बाकी 155 में से भी कुछ होम आइसोलेशन में होंगे और कुछ अस्पतालों में।
फिर भी जिस रफ्तार से मरीज मिल रहे हैं उससे आने वाले दिनों में बेड़ों को लेकर परेशानी बढ़ सकती है। मरीजों के मिलने की रफ्तार छुट्टी होने वाले मरीजों से ज्यादा है। नवंबर में 3667 मरीज मिले हैं, जबकि छुट्टी 3436 की हुई है। इनमें भी अधिकांश होम आइसोलेशन वाले हैं। वैसे भी अस्पतालों में बेहतर इलाज ना मिलने के मामले सामने आते रहते हैं। अगर सारे मरीज ही अस्पतालों में भर्ती कराए गए होते तो हालात बेहतर नहीं होते।
विज्ञापन
निजी अस्पताल जोड़े जा रहे
बेड की संख्या बढ़ाने के लिए निजी अस्पतालों को जोड़ा जा रहा है। आईआईएमटी गंगानगर और न्यूट्रीमा जुड़ गए हैं। शासन से अनुमति मिलते ही 80 से 100 बेड और बढ़ जाएंगे। यह सही है कि ज्यादातर लोग होम आइसोलेशन में हैं, जिस कारण अभी आरक्षित बेड खाली चल रहे हैं। - डॉ. प्रशांत कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी
विज्ञापन
- अभी 1650 बेड हैं आरक्षित और एक्टिव मरीज हो गए हैं 1805
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कोरोना के सक्रिय मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है और यह संख्या प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरक्षित बेड़ों की संख्या से भी अधिक हो गई है। होम आइसोलेशन की वजह से राहत है। अगर सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता तो स्थिति भयावह हो सकती थी।
अभी 1650 आरक्षित किए हुए हैं और मंगलवार तक सक्रिय मरीजों की संख्या 1805 थी। इनमें से 1048 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। बाकी बचे 757 मरीजों में भी 602 ही अस्पतालों में भर्ती हैं, बाकी 155 में से भी कुछ होम आइसोलेशन में होंगे और कुछ अस्पतालों में।
विज्ञापन
फिर भी जिस रफ्तार से मरीज मिल रहे हैं उससे आने वाले दिनों में बेड़ों को लेकर परेशानी बढ़ सकती है। मरीजों के मिलने की रफ्तार छुट्टी होने वाले मरीजों से ज्यादा है। नवंबर में 3667 मरीज मिले हैं, जबकि छुट्टी 3436 की हुई है। इनमें भी अधिकांश होम आइसोलेशन वाले हैं। वैसे भी अस्पतालों में बेहतर इलाज ना मिलने के मामले सामने आते रहते हैं। अगर सारे मरीज ही अस्पतालों में भर्ती कराए गए होते तो हालात बेहतर नहीं होते।
विज्ञापन
निजी अस्पताल जोड़े जा रहे
बेड की संख्या बढ़ाने के लिए निजी अस्पतालों को जोड़ा जा रहा है। आईआईएमटी गंगानगर और न्यूट्रीमा जुड़ गए हैं। शासन से अनुमति मिलते ही 80 से 100 बेड और बढ़ जाएंगे। यह सही है कि ज्यादातर लोग होम आइसोलेशन में हैं, जिस कारण अभी आरक्षित बेड खाली चल रहे हैं। - डॉ. प्रशांत कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी