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नामांकन से पहले भाजपा को सपा का झटका
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 28 Dec 2015 01:03 AM IST
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर सपा-भाजपा के बीच शह-मात का खेल शुरू हो चुका है। नामांकन से पहले ही सपा ने भाजपा को तगड़ा झटका दिया है। अब तक सबसे ज्यादा सदस्यों का दावा करने वाली भाजपा के एक सदस्य को तोड़कर सपा ने अपने पाले में कर लिया है। इसे भाजपा के साथ ही दक्षिण विधायक रविंद्र भड़ाना के लिए भी झटका माना जा रहा है, क्योंकि कुसुम को उन्होंने ही चुनाव लड़ाया था।
जिला पंचायत चुनाव में भाजपा के 10 सदस्य जीत कर आये हैं। इनके दम पर भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सबसे आगे मानी जा रही है। अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया एक जनवरी को नामांकन के साथ शुरू होगी, लेकिन उससे पहले ही सपा ने भाजपा को झटका दे दिया। वार्ड-21 से चुनाव जीतकर आईं कुसुम भाजपा समर्थित थीं और उनके पति प्रदीप गुर्जर भाजपा प्रकोष्ठ में पदाधिकारी थे।
लेकिन, रविवार को प्रदीप ने सपा ज्वाइन कर ली और पार्टी ने भी उन्हें सीधे सपा जिला उपाध्यक्ष बना दिया। ऐसे में अब भाजपा के खाते से एक वोट कम हो गया है। कुसुम के सपा में जाने से दक्षिण विधायक रविंद्र भड़ाना की प्रतिष्ठा भी प्रभावित हुई है। वजह यह कि कुसुम को टिकट देने के लिए उन्होंने ही पैरवी की थी और चुनाव भी लड़वाया था।
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10 दिन पहले ही थी खबर
दूसरी तरफ, भाजपा के चुनाव प्रभारी जयकरण गुप्ता ने बताया कि कुसुम के जाने की खबर 10 दिन पहले ही मिल गई थी। उनके सपा में जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि अभी भी हमारे पास जरूरी समर्थन से ज्यादा सदस्य हैं। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का ही होगा। उन्होंने बताया कि अब चुनाव का संचालन प्रत्याशी कुलविंदर के पिता मुखिया गुर्जर, विधायक ठा. संगीत सोम और विधायक रविंद्र भड़ाना को सौंपा गया है। ये तीनों सक्रियता के साथ चुनाव का संचालन करेंगे।
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जिला पंचायत चुनाव में भाजपा के 10 सदस्य जीत कर आये हैं। इनके दम पर भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सबसे आगे मानी जा रही है। अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया एक जनवरी को नामांकन के साथ शुरू होगी, लेकिन उससे पहले ही सपा ने भाजपा को झटका दे दिया। वार्ड-21 से चुनाव जीतकर आईं कुसुम भाजपा समर्थित थीं और उनके पति प्रदीप गुर्जर भाजपा प्रकोष्ठ में पदाधिकारी थे।
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लेकिन, रविवार को प्रदीप ने सपा ज्वाइन कर ली और पार्टी ने भी उन्हें सीधे सपा जिला उपाध्यक्ष बना दिया। ऐसे में अब भाजपा के खाते से एक वोट कम हो गया है। कुसुम के सपा में जाने से दक्षिण विधायक रविंद्र भड़ाना की प्रतिष्ठा भी प्रभावित हुई है। वजह यह कि कुसुम को टिकट देने के लिए उन्होंने ही पैरवी की थी और चुनाव भी लड़वाया था।
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10 दिन पहले ही थी खबर
दूसरी तरफ, भाजपा के चुनाव प्रभारी जयकरण गुप्ता ने बताया कि कुसुम के जाने की खबर 10 दिन पहले ही मिल गई थी। उनके सपा में जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि अभी भी हमारे पास जरूरी समर्थन से ज्यादा सदस्य हैं। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का ही होगा। उन्होंने बताया कि अब चुनाव का संचालन प्रत्याशी कुलविंदर के पिता मुखिया गुर्जर, विधायक ठा. संगीत सोम और विधायक रविंद्र भड़ाना को सौंपा गया है। ये तीनों सक्रियता के साथ चुनाव का संचालन करेंगे।