फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   panchayat chunav meerut

पंचायत चुनाव की सियासी पिच पर धुरंधरों के छूटे पसीने

Mon, 02 Nov 2015 02:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 02 Nov 2015 02:41 AM IST
विज्ञापन
panchayat chunav meerut
पंचायत चुनाव धुरंधरों की पोल खोल गया। मंत्री हों या कद्दावर नेता, सभी को मतदाताओं ने ऐसा नकारा कि उनके माथे पर पसीना साफ नजर आया। बड़ी जीत तो दूर कई तो सम्मानजनक हार भी नहीं ले पाए। इस उठापटक में चाहे मंत्री हों या वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष, सभी को मतदाताओं ने जता दिया कि दावे चाहे कितने कर लिए जाएं लेकिन जनता का फैसला ही निर्णायक होता है।
विज्ञापन


इस बार का पंचायत चुनाव पिछले चुनावों से कुछ अलग होने के कारण रोचक था। इसमें कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से दांव पर थी। इनमें कई ऐसे नेता भी रहे जो काम और व्यवहार के बल पर जीत का दावा ठोक रहे थे तो सत्ता बल पर भी जीत का दावा लेकर कई मैदान में डटे थे। मतदाताओं के आगे किसी की दाल नहीं गली और चुनाव परिणाम ने सबकी कलई खोलकर रख दी।
विज्ञापन


कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर ने अपने सर्वाधिक प्रभावशाली वार्ड से बेटे नवाजिश मंजूर को अध्यक्ष पद की दावेदारी के साथ मैदान में उतारा था। लेकिन मुस्लिम मतों के बराबर बंटवारे और हिंदू मतों के उनके विरोध के ध्रुवीकरण ने सारा खेल बिगाड़ दिया। सपा एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल ने भी अपने भतीजे अजय अग्रवाल को इसी सोच के साथ वार्ड 22 से मैदान में उतारा था, लेकिन यहां पर सपा में ही उनके विरोधी गुट ने उनको घेर लिया और सारी कवायद धरी रह गयी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह सपा में हैं, लेकिन वार्ड परिसीमन और फिर आरक्षण को लेकर वह बगावती सुर में आ गए। मनिंदरपाल सिंह अकेले दम पर अपने काम और व्यवहार की बात कहकर लगातार तीसरी बार जीत का सपना लेकर मैदान में उतरे तो अपनी पत्नी सिंपल सिंह को भी इस बार चुनाव लड़वा दिया। लेकिन मतदाताओं ने इस बार दोनों को ही नकार दिया। वहीं, अप्रत्यक्ष रुप से सरधना विधायक संगीत सोम, विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि, राज्य एससीएसटी आयोग के उपाध्यक्ष मुकेश सिद्धार्थ की प्रतिष्ठा इस चुनाव से जुड़ी थी और सभी को झटका लगा है।


वहीं, दूसरी तरफ बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने एक बार फिर इस चुनाव में अपनी पकड़ मजबूती से दिखायी है। वार्ड चार से जहां उनके करीबी दोस्त बंटी सांधन जीत की तरफ बढ़ते नजर आए तो वार्ड छह और आठ में वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह को भी झटका उन्हीं के कारण मिला। इसके साथ ही उन्होंने कई वार्ड में अपने समर्थन से कई के गणित को बिगाड़ा। इनके साथ ही भाजपा दक्षिण विधायक रविंद्र भड़ाना भी वार्ड 21 से भाजपा प्रत्याशी कुसुम चौहान को जिताने में कामयाब हुए और अपनी प्रतिष्ठा बचायी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed