Meerut: ISI के लिए जासूसी करने के आरोपी को भेजा जेल, पूछताछ में हुए कई बड़े खुलासे
आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोपी सुरक्षा सहायक सत्येंद्र सिवाल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी की रिमांड की मांग पर आज सुनवाई होगी।
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आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोपी सुरक्षा सहायक सत्येंद्र सिवाल को एटीएस के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सात फरवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं, आरोपी को पुलिस रिमांड पर दिए जाने की मांग वाली अर्जी पर कोर्ट आज सुनवाई करेगा।
एटीएस की ओर से आरोपी को दस दिन की पुलिस रिमांड पर देने की मांग वाली अर्जी देकर सरकारी वकील एमके सिंह ने कहा कि आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर उसके साथियों के बारे में पता करना है। आरोपी का संबंध किन-किन हैंडलर्स से था तथा उसके द्वारा किसके जरिए कितनी रकम प्राप्त की गई, इस बारे में भी जानकारी करनी है।
कोर्ट में सरकारी वकील एमके सिंह बताया कि आरोपी को मेरठ से गिरफ्तार किया गया था। वह भारतीय विदेश मंत्रालय में कार्यरत था तथा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गुप्त सूचनाएं भेज रहा था। आरोपी आईएसआई हैंडलर्स के ग्रुप में शामिल होकर देशविरोधी कामों में लिप्त था। यह भी बताया गया कि इस दौरान वह पैसों के लालच में भारतीय दूतावास, रक्षा व विदेश मंत्रालय तथा भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों की गतिविधियों के बारे में सूचनाएं दे रहा था।
मास्को स्थित भारतीय दूतावास में सुरक्षा सहायक सतेंद्र सिवाल को आईएसआई महिला एजेंट ने खुद को भारतीय बताकर हनी ट्रैप में फंसाया था। महिला ने सतेंद्र को बताया था कि वो आजकल कनाडा में रहती है। उसके पिता का वहां बिजनेस है। लंबे समय तक सतेंद्र को महिला के बारे में शक ही नहीं हुआ कि जो महिला उससे मोहब्बत की बातें कर रही है, वो दरअसल पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की एजेंट है।
हापुड़ के शाह महीउद्ददीनपुर उर्फ श्यामपुर गांव निवासी सतेंद्र सिवाल विदेश मंत्रालय में मल्टी टास्किंग स्टाफ के तौर पर काम करता था। ऐसे में आईएसआई महिला एजेंट ने फेसबुक पर पूजा नाम से प्रोफाइल बनाकर उससे दोस्ती की बातें करनी शुरू की। उसने सतेंद्र को बताया कि वह भारत की रहने वाली है, लेकिन आजकल वो कनाडा में रहती है। उसने सतेंद्र को बताया कि उसे पिता कनाडा में ही बड़े बिजनेसमैन हैं। सतेंद्र उसकी बातों में फंसता चला गया।
शुरुआत में उसने सतेंद्र को बताया कि उसे अपने एक प्रोजेक्ट के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय और सेना की कुछ जानकारियां चाहिए। सतेंद्र हनी ट्रैप में फंसकर अपने मंत्रालय के अलावा दूसरी वो जानकारियां भी देने लगा जो उसके कार्यक्षेत्र में नहीं थीं। एटीएस सूत्रों की मानें तो आखिरी तक भी सतेंद्र को इस बात का आभास नहीं हुआ कि जिस महिला पूजा से वह बात कर रहा है वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की हैंडलर है।
बैंक अकाउंट की चल रही जांच
सतेंद्र के बैंक अकाउंट की एटीएस जांच में जुटी है। अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई कि उसके अकाउंट में कितनी रकम आई।