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पाकिस्तानी पत्नी के जरिये जुड़ा आईएसआई से
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 01 Oct 2016 02:57 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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आसिफ अली आईएसआई अधिकारी जाहिर से पाकिस्तानी पत्नी के जरिये जुड़ा था। गृह मंत्रालय की जांच में इसका खुलासा होने के बाद तत्कालीन सीओ रूपेश कुमार ने चार्जशीट में इस महत्वपूर्ण साक्ष्य को जोड़ा था।
स्थानीय देहली गेट निवासी आईएसआई एजेंट आसिफ अली भारतीय है जबकि उसकी पत्नी रुखसार पाकिस्तानी है। परिवार में एक बेटा और बेटी है। पुलिस अफसरों के अनुसार पत्नी से मुलाकात के बहाने आसिफ का पाकिस्तान ज्यादा आना-जाना था। रुखसार आसिफ से पाकिस्तान में ही रुकने की जिद करती थी। लेकिन तब तक आसिफ आईएसआई के अधिकारी जाहिर के जरिये आईएसआई से जुड़ चुका था। वह पाकिस्तान जाने के दौरान करीब 20 बार से ज्यादा जाहिर से मिला। आईएसआई का भरोसा जीत चुके आसिफ को जाहिर ने ही वह लैपटॉप सौंपा था जिसे आसिफ ने बबीना झांसी में तैनात एक आर्मी अफसर के ड्राइवर सुनीत तक पहुंचाया था। पुलिस अफसरों का दावा है कि आसिफ के आईएसआई से जुड़ने की जानकारी रुखसार को थी।
इस मामले में गृह मंत्रालय ने ही सुबूत जुटाकर मेरठ पुलिस को भेजे थे। लेकिन तब तक पुलिस केस में चार्जशीट लगा चुकी थी। जिसके बाद तत्कालीन सीओ कोतवाली रूपेश कुमार ने कोर्ट से अनुमति लेकर चार्जशीट में यह महत्वपूर्ण साक्ष्य जोड़े। विवेचक अजय अग्रवाल ने चार्जशीट में रुखसार और जाहिर का जिक्र किया।
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एक बार मिलवा दो
शुक्रवार को जब आसिफ को कोर्ट में पेश किया गया तो उसने पत्नी रुखसार से एक बार मिलने की इच्छा जतायी। मीडिया के सवालों पर उसने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
आईएसआई एजेंट आसिफ कोर्ट में पेश
आईएसआई एजेंट आसिफ अली को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। हालांकि उसके साथी के कोर्ट न पहुंचने पर न्यायालय ने सुनवाई के लिए आगामी पांच अक्तूबर की तिथि नियत की है।
आर्मी इंटेलीजेंस और एसटीएफ ने कोतवाली इलाके से पाक आईएसआई एजेंट आसिफ अली को 16 अगस्त 2016 को दबोचा था। इसका मुकदमा कोतवाली थाने में दर्ज हुआ था। आसिफ की निशानदेही पर सुरक्षा एजेंसियों ने बबीना कैंट झांसी से एक आर्मी अफसर के ड्राइवर सुनीत को गिरफ्तार किया। आसिफ के पास से आर्मी के गोपनीय दस्तावेज और मेरठ कैंट का नक्शा, जबकि सुनीत से पाक आईएसआई अधिकारी जाहिर द्वारा दिया गया लैपटॉप बरामद हुआ था। जिससे भारत की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान भेजी जाती थीं। विवेचक इंस्पेक्टर कोतवाली अजय अग्रवाल ने आसिफ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
आसिफ अली और सुनीत को शुक्रवार को एडीजे स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन की कोर्ट में पेश होना था। पुलिस ने आसिफ को तो कोर्ट में पेश किया। लेकिन सुनीत किसी कारणवश कोर्ट में पेश नहीं हुआ। जिसके चलते कोर्ट ने पांच अक्तूबर की तिथि नियत करते हुए दोनों एजेंटों को एक साथ पेश करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि चार्ज फ्रेम होने के बाद इस मुकदमे में ट्रायल शुरू हो जाएगा।
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स्थानीय देहली गेट निवासी आईएसआई एजेंट आसिफ अली भारतीय है जबकि उसकी पत्नी रुखसार पाकिस्तानी है। परिवार में एक बेटा और बेटी है। पुलिस अफसरों के अनुसार पत्नी से मुलाकात के बहाने आसिफ का पाकिस्तान ज्यादा आना-जाना था। रुखसार आसिफ से पाकिस्तान में ही रुकने की जिद करती थी। लेकिन तब तक आसिफ आईएसआई के अधिकारी जाहिर के जरिये आईएसआई से जुड़ चुका था। वह पाकिस्तान जाने के दौरान करीब 20 बार से ज्यादा जाहिर से मिला। आईएसआई का भरोसा जीत चुके आसिफ को जाहिर ने ही वह लैपटॉप सौंपा था जिसे आसिफ ने बबीना झांसी में तैनात एक आर्मी अफसर के ड्राइवर सुनीत तक पहुंचाया था। पुलिस अफसरों का दावा है कि आसिफ के आईएसआई से जुड़ने की जानकारी रुखसार को थी।
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इस मामले में गृह मंत्रालय ने ही सुबूत जुटाकर मेरठ पुलिस को भेजे थे। लेकिन तब तक पुलिस केस में चार्जशीट लगा चुकी थी। जिसके बाद तत्कालीन सीओ कोतवाली रूपेश कुमार ने कोर्ट से अनुमति लेकर चार्जशीट में यह महत्वपूर्ण साक्ष्य जोड़े। विवेचक अजय अग्रवाल ने चार्जशीट में रुखसार और जाहिर का जिक्र किया।
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एक बार मिलवा दो
शुक्रवार को जब आसिफ को कोर्ट में पेश किया गया तो उसने पत्नी रुखसार से एक बार मिलने की इच्छा जतायी। मीडिया के सवालों पर उसने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
आईएसआई एजेंट आसिफ कोर्ट में पेश
आईएसआई एजेंट आसिफ अली को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। हालांकि उसके साथी के कोर्ट न पहुंचने पर न्यायालय ने सुनवाई के लिए आगामी पांच अक्तूबर की तिथि नियत की है।
आर्मी इंटेलीजेंस और एसटीएफ ने कोतवाली इलाके से पाक आईएसआई एजेंट आसिफ अली को 16 अगस्त 2016 को दबोचा था। इसका मुकदमा कोतवाली थाने में दर्ज हुआ था। आसिफ की निशानदेही पर सुरक्षा एजेंसियों ने बबीना कैंट झांसी से एक आर्मी अफसर के ड्राइवर सुनीत को गिरफ्तार किया। आसिफ के पास से आर्मी के गोपनीय दस्तावेज और मेरठ कैंट का नक्शा, जबकि सुनीत से पाक आईएसआई अधिकारी जाहिर द्वारा दिया गया लैपटॉप बरामद हुआ था। जिससे भारत की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान भेजी जाती थीं। विवेचक इंस्पेक्टर कोतवाली अजय अग्रवाल ने आसिफ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
आसिफ अली और सुनीत को शुक्रवार को एडीजे स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन की कोर्ट में पेश होना था। पुलिस ने आसिफ को तो कोर्ट में पेश किया। लेकिन सुनीत किसी कारणवश कोर्ट में पेश नहीं हुआ। जिसके चलते कोर्ट ने पांच अक्तूबर की तिथि नियत करते हुए दोनों एजेंटों को एक साथ पेश करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि चार्ज फ्रेम होने के बाद इस मुकदमे में ट्रायल शुरू हो जाएगा।