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मेडिकल में नहीं लगे ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट
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मेडिकल में नहीं लगे ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट
मेरठ। संभावित तीसरी लहर से निपटने की ये कैसी तैयारी है? मेडिकल कॉलेज में अभी तक ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट नहीं लगे हैं। करीब एक माह पहले जिलाधिकारी ने निर्देश दिए थे कि सात अगस्त 2021 तक इन्हें शुरू कर दिया जाए। मेडिकल कॉलेज में इनका सेटअप भी तैयार कर दिया गया है, मगर अभी तक जेनरेशन प्लांट आए ही नहीं हैं।
मेडिकल कॉलेज में जो तीन ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाए जाने हैं, उनमें से दो 1000 एलपीएम क्षमता के हैं है और तीसरा 960 एलपीएम क्षमता का है। प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि दो प्लांट मनोचिकित्सा विभाग और एक सुपर स्पेशयलिटी ब्लॉक के पास लगना है। तीनों के सेटअप तैयार कर दिए गए हैं। ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट बंगलूरू से आने हैं, जो अभी तक नहीं आए हैं। एक प्लांट के बृहस्पतिवार रात तक आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि देरी की वजह यह है कि एक ही कंपनी से ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लेने हैं। निजी अस्पताल बड़ी संख्या में प्लांट लगवा रहे हैं, इसलिए उपलब्धता की कमी है, जिस कारण देर हो रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए गए प्लांट
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दौराला, मवाना, हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़ व किठौर अस्पताल के ऑक्सीजन जनरेशनन प्लांट क्रियाशील हो गए हैं, अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, पीएल शर्मा जिला अस्पताल व कैंट अस्पताल बेगमपुल में भी ऑक्सीजन जनरेशनन प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिस पर कार्य चल रहा है।
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मेरठ। संभावित तीसरी लहर से निपटने की ये कैसी तैयारी है? मेडिकल कॉलेज में अभी तक ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट नहीं लगे हैं। करीब एक माह पहले जिलाधिकारी ने निर्देश दिए थे कि सात अगस्त 2021 तक इन्हें शुरू कर दिया जाए। मेडिकल कॉलेज में इनका सेटअप भी तैयार कर दिया गया है, मगर अभी तक जेनरेशन प्लांट आए ही नहीं हैं।
मेडिकल कॉलेज में जो तीन ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाए जाने हैं, उनमें से दो 1000 एलपीएम क्षमता के हैं है और तीसरा 960 एलपीएम क्षमता का है। प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि दो प्लांट मनोचिकित्सा विभाग और एक सुपर स्पेशयलिटी ब्लॉक के पास लगना है। तीनों के सेटअप तैयार कर दिए गए हैं। ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट बंगलूरू से आने हैं, जो अभी तक नहीं आए हैं। एक प्लांट के बृहस्पतिवार रात तक आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि देरी की वजह यह है कि एक ही कंपनी से ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लेने हैं। निजी अस्पताल बड़ी संख्या में प्लांट लगवा रहे हैं, इसलिए उपलब्धता की कमी है, जिस कारण देर हो रही है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए गए प्लांट
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दौराला, मवाना, हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़ व किठौर अस्पताल के ऑक्सीजन जनरेशनन प्लांट क्रियाशील हो गए हैं, अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, पीएल शर्मा जिला अस्पताल व कैंट अस्पताल बेगमपुल में भी ऑक्सीजन जनरेशनन प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिस पर कार्य चल रहा है।
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