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Meerut News: 140 से अधिक पशुओं का हुआ उपचार
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जानीखुर्द। किठौली में पशु चिकित्सा विभाग के कैम्प में हिस्सा लेते किसान फोटो विभाग
- किठोली में पशुपालन विभाग आपके द्वार कैंप का हुआ आयोजन
जानीखुर्द। किठोली गांव में पशुपालन विभाग आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को पशुपालकों को जागरूक करने एवं पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु एक प्रचार-प्रसार कैंप का आयोजन किया गया। कैंप का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को विभागीय योजनाओं और पशुओं को होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव की जानकारी देना रहा।
अधिकारियों द्वारा पशुपालकों को विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, गलघोंटू, खुरपका-मुंहपका एवं लंपी वायरस जैसी बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराने का आह्वान किया गया। साथ ही उन्नत नस्ल सुधार के लिए वर्गीकृत वीर्य, पशुपालन विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल की उपयोगिता तथा आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवा एमवीयू 1962 के बारे में जानकारी दी गई। कैंप के दौरान 140 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सा सेवा प्रदान की गई।
इसमें मुख्य रूप से गोवंश में लंपी टीकाकरण, बांझपन की समस्या का उपचार तथा पशुओं को पेट के कीड़ों से बचाने के लिए निशुल्क कृमिनाशक दवाओं का वितरण शामिल रहा। आयोजन में मेरठ मंडल के अपर निदेशक डॉ. मानव, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनंदा पांडे, मोबाइल वेटनरी यूनिट के चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप शर्मा, फार्मासिस्ट राजबहादुर तथा सोहनवीर का योगदान रहा। कार्यक्रम में स्थानीय पशुपालक हरेंद्र, ज्ञानेंद्र, बॉबी, नवीन, उदयवीर आदि उपस्थित रहे। सभी पशुपालकों ने इस पहल की सराहना की और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने का संकल्प लिया।
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जानीखुर्द। किठोली गांव में पशुपालन विभाग आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को पशुपालकों को जागरूक करने एवं पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु एक प्रचार-प्रसार कैंप का आयोजन किया गया। कैंप का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को विभागीय योजनाओं और पशुओं को होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव की जानकारी देना रहा।
अधिकारियों द्वारा पशुपालकों को विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, गलघोंटू, खुरपका-मुंहपका एवं लंपी वायरस जैसी बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराने का आह्वान किया गया। साथ ही उन्नत नस्ल सुधार के लिए वर्गीकृत वीर्य, पशुपालन विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल की उपयोगिता तथा आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवा एमवीयू 1962 के बारे में जानकारी दी गई। कैंप के दौरान 140 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सा सेवा प्रदान की गई।
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इसमें मुख्य रूप से गोवंश में लंपी टीकाकरण, बांझपन की समस्या का उपचार तथा पशुओं को पेट के कीड़ों से बचाने के लिए निशुल्क कृमिनाशक दवाओं का वितरण शामिल रहा। आयोजन में मेरठ मंडल के अपर निदेशक डॉ. मानव, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनंदा पांडे, मोबाइल वेटनरी यूनिट के चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप शर्मा, फार्मासिस्ट राजबहादुर तथा सोहनवीर का योगदान रहा। कार्यक्रम में स्थानीय पशुपालक हरेंद्र, ज्ञानेंद्र, बॉबी, नवीन, उदयवीर आदि उपस्थित रहे। सभी पशुपालकों ने इस पहल की सराहना की और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने का संकल्प लिया।
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