{"_id":"6a6dfc89f8f7426d340b7460","slug":"outbreak-of-viral-fever-rises-with-the-change-in-weather-meerut-news-c-73-1-mct1008-108137-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: मौसम बदलते ही बढ़ा वायरल बुखार का प्रकोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: मौसम बदलते ही बढ़ा वायरल बुखार का प्रकोप
विज्ञापन
सरूरपुर। सीएचसी ओपीडी में चिकित्सक से परामर्श लेते मरीज। संवाद
- सीएचसी में रोज पहुंच रहे 300 से अधिक मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरूरपुर में स्थित सीएचसी में इन दिनों प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज उपचार और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है। बुखार के साथ कई मरीज पेट दर्द की शिकायत लेकर भी सीएचसी पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण स्वास्थ्य केंद्र में दिनभर मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही बनी हुई है।
सरूरपुर सीएचसी में सुबह के समय मरीजों की भीड़ दिखाई दी। मरीज पर्चा बनवाकर चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए कतार में खड़े थे। चिकित्सकों के अनुसार सुबह 10 बजे से 11 बजे के बीच करीब 80 मरीजों को बुखार और अन्य मौसमी बीमारी संबंधी शिकायतों पर परामर्श दिया जा चुका था। जबकि ओपीडी खत्म होने तक करीब तीन सौ मरीजों को परामर्श दिया गया है। जिसमें दस लोगों को जांच भी कराई गई है।
डॉ. देव सिंह बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चों में भी बुखार की शिकायत अधिक सामने आ रही है। इसके अलावा कुछ मरीज बुखार, चिकनगुनिया के साथ पेट दर्द की शिकायत भी बता रहे हैं। बदलते मौसम में स्वास्थ्य को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
विज्ञापन
बीमार होने पर क्या करें
- बच्चों को बुखार आने या स्वास्थ्य संबंधी अन्य परेशानी होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा देने से बचना चाहिए।
- मौसम परिवर्तन के दौरान साफ-सफाई और खानपान पर ध्यान देना भी जरूरी है।
- घर के आसपास गंदगी या दूषित पानी से बचाव करने की जरूरत है।
- लोगों को पीने के पानी की स्वच्छता पर भी ध्यान देना चाहिए।
मौसमी फल और सब्जियां खाने की सलाह
डॉ. देव सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार के मरीज बढ़े हैं। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की अपील की। बुखार से बचाव और स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए मौसमी फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए। साथ ही साफ-सफाई रखने, पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी।
दवाइयां पूरी, एंटीबायोटिक की कमी आने की संभावना
मरीजों की संख्या बढ़ने के बीच सीएचसी में दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी जानकारी ली गई। चिकित्सा अधिकारी के अनुसार अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध हैं और मरीजों को आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। हालांकि एंटीबायोटिक दवाओं की कमी आने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा सीएचसी में पट्टी और बीटाडीन ट्यूब की भी कमी बताई गई है।
कई दिनों से बुखार की शिकायत
-कस्बा हर्रा निवासी मरीज परवीन ने बताया कि उन्हें पिछले दो दिनों से बुखार है। उन्होंने कस्बे में चिकित्सक से इलाज कराया लेकिन आराम नहीं मिलने पर वह सीएचसी पहुंची है।
-गांव जसड़ सुल्तानगर निवासी फरमान ने बताया कि उसकी आठ साल की बेटी को बुखार के साथ पेट दर्द की भी शिकायत है।
-गुलजार ने बताया कि परिवार में बच्चे को बुखार आने के बाद सीएचसी में उपचार के लिए लेकर आए हैं।
-रोशन पाल निवासी पांचली बुजुर्ग ने बताया कि उन्हें तीन दिन पहले बुखार आया था। इसके बाद से उन्हें कमजोरी बनी हुई है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरूरपुर में स्थित सीएचसी में इन दिनों प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज उपचार और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है। बुखार के साथ कई मरीज पेट दर्द की शिकायत लेकर भी सीएचसी पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण स्वास्थ्य केंद्र में दिनभर मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही बनी हुई है।
सरूरपुर सीएचसी में सुबह के समय मरीजों की भीड़ दिखाई दी। मरीज पर्चा बनवाकर चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए कतार में खड़े थे। चिकित्सकों के अनुसार सुबह 10 बजे से 11 बजे के बीच करीब 80 मरीजों को बुखार और अन्य मौसमी बीमारी संबंधी शिकायतों पर परामर्श दिया जा चुका था। जबकि ओपीडी खत्म होने तक करीब तीन सौ मरीजों को परामर्श दिया गया है। जिसमें दस लोगों को जांच भी कराई गई है।
विज्ञापन
डॉ. देव सिंह बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चों में भी बुखार की शिकायत अधिक सामने आ रही है। इसके अलावा कुछ मरीज बुखार, चिकनगुनिया के साथ पेट दर्द की शिकायत भी बता रहे हैं। बदलते मौसम में स्वास्थ्य को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
विज्ञापन
बीमार होने पर क्या करें
- बच्चों को बुखार आने या स्वास्थ्य संबंधी अन्य परेशानी होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा देने से बचना चाहिए।
- मौसम परिवर्तन के दौरान साफ-सफाई और खानपान पर ध्यान देना भी जरूरी है।
- घर के आसपास गंदगी या दूषित पानी से बचाव करने की जरूरत है।
- लोगों को पीने के पानी की स्वच्छता पर भी ध्यान देना चाहिए।
मौसमी फल और सब्जियां खाने की सलाह
डॉ. देव सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार के मरीज बढ़े हैं। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की अपील की। बुखार से बचाव और स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए मौसमी फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए। साथ ही साफ-सफाई रखने, पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी।
दवाइयां पूरी, एंटीबायोटिक की कमी आने की संभावना
मरीजों की संख्या बढ़ने के बीच सीएचसी में दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी जानकारी ली गई। चिकित्सा अधिकारी के अनुसार अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध हैं और मरीजों को आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। हालांकि एंटीबायोटिक दवाओं की कमी आने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा सीएचसी में पट्टी और बीटाडीन ट्यूब की भी कमी बताई गई है।
कई दिनों से बुखार की शिकायत
-कस्बा हर्रा निवासी मरीज परवीन ने बताया कि उन्हें पिछले दो दिनों से बुखार है। उन्होंने कस्बे में चिकित्सक से इलाज कराया लेकिन आराम नहीं मिलने पर वह सीएचसी पहुंची है।
-गांव जसड़ सुल्तानगर निवासी फरमान ने बताया कि उसकी आठ साल की बेटी को बुखार के साथ पेट दर्द की भी शिकायत है।
-गुलजार ने बताया कि परिवार में बच्चे को बुखार आने के बाद सीएचसी में उपचार के लिए लेकर आए हैं।
-रोशन पाल निवासी पांचली बुजुर्ग ने बताया कि उन्हें तीन दिन पहले बुखार आया था। इसके बाद से उन्हें कमजोरी बनी हुई है।