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Meerut News: गोविंदपुरी में बीमारियों का प्रकोप, 61 मरीज मिले
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माछरा। गोविंदपुरी में बीमारियों का प्रकोप जारी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रविवार को लगाए गए चिकित्सा शिविर में विभिन्न बीमारियों के 61 मरीज मिले। इनमें बुखार के 5, बदन दर्द और कमजोरी के 25, जोड़ों में दर्द और सिर दर्द के 17, खांसी-जुकाम के 13 और एक मरीज गेस्टराईट्रिस का मिला। बुखार के मरीजों की डेंगू-चिकनगुनिया जांच के लिए सैंपल एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में भेजे गए हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माछरा से गांव गोविन्दपुरी डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है। कुल आबादी करीब 4220 है। सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि चार आशा कार्यकर्ताओं के जरिये 210 घरों का सर्वे कराया गया। अभी तक यहां चिकनगुनिया के सात, स्क्रब टायफस के तीन और डेंगू पांच मरीज मिल चुके हैं। इन मरीजों का फॉलोअप कराया जा रहा है। गांव में नालियां साफ कराई जा रही हैं। जहां पानी भरा है, वहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। सीएचसी माछरा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तरुण राजपूत का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग कैंप लगाकर डोर टू डोर रोगियों की जांच कर दवाइयां वितरित कर रहा है और बचाव के लिए जानकारी दी जा रही है।
गांव में हैंडपंपों का पानी खराब
गांववासियों संजय शर्मा, मनोज शर्मा और अमरीश कुमार का कहना है कि हैंडपंपों का पानी थोड़ी देर रखने के बाद पीला पड़ जाता है, लेकिन गांववाले उसे पीने को मजबूर हैं। गांव में दो बडे तालाब हैं, जो गंदगी से भरे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने समय से एंटी लार्वा का छिड़काव और फागिंग नहीं कराई। अमित और दीपांशु का कहना है कि गांव में जगह-जगह गंदगी फैली है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माछरा से गांव गोविन्दपुरी डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है। कुल आबादी करीब 4220 है। सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि चार आशा कार्यकर्ताओं के जरिये 210 घरों का सर्वे कराया गया। अभी तक यहां चिकनगुनिया के सात, स्क्रब टायफस के तीन और डेंगू पांच मरीज मिल चुके हैं। इन मरीजों का फॉलोअप कराया जा रहा है। गांव में नालियां साफ कराई जा रही हैं। जहां पानी भरा है, वहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। सीएचसी माछरा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तरुण राजपूत का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग कैंप लगाकर डोर टू डोर रोगियों की जांच कर दवाइयां वितरित कर रहा है और बचाव के लिए जानकारी दी जा रही है।
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गांव में हैंडपंपों का पानी खराब
गांववासियों संजय शर्मा, मनोज शर्मा और अमरीश कुमार का कहना है कि हैंडपंपों का पानी थोड़ी देर रखने के बाद पीला पड़ जाता है, लेकिन गांववाले उसे पीने को मजबूर हैं। गांव में दो बडे तालाब हैं, जो गंदगी से भरे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने समय से एंटी लार्वा का छिड़काव और फागिंग नहीं कराई। अमित और दीपांशु का कहना है कि गांव में जगह-जगह गंदगी फैली है।
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