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सीएम के ड्रीम प्रोजेक्टों की घोषणा का एक साल पूरा, निर्माण का इंतजार
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मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में शामिल प्रोजेक्टों का निर्माण भी अभी तक शुरू नहीं हो सका है। इन प्रोजेक्ट की घोषणा को छह महीने से लेकर एक वर्ष का समय पूरा हो चुका है। अभी तक ये प्रोजेक्ट छह चरणों की स्वीकृति में ही अटके हैं। चौधरी चरण सिंह कांवड़ गंगनहर पटरी और खेल विश्वविद्यालय का निर्माण शुरू किया जाना था, लेकिन अभी तक इन प्रोजेक्टों पर कई विभागों से स्वीकृति का ही कार्य किया जा रहा है।
चौधरी चरण सिंह कांवड़ गंगनहर दायीं पटरी
गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों के लिए महत्वपूर्ण 111.490 किमी के दायीं पटरी के निर्माण की घोषणा अक्तूबर-2020 में हुई। इसके बाद दिसंबर-2020 में शासनादेश जारी कर दिया गया। 628 करोड़ 74 लाख 26 हजार रुपये मार्ग के लिए स्वीकृत किए गए। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की राशि अवमुक्त कर दी गई। इसमें सेतु की तरफ से सरधना के पास ब्रिज बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन अभी तक लोकनिर्माण विभाग का कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए पहले वन विभाग, भारत सरकार की टीम का निरीक्षण और अब मुख्य सचिव प्रदेश सरकार के पास पटरी निर्माण की फाइल है। मुख्य सचिव की स्वीकृति के बाद ही लोक निर्माण विभाग कार्य शुरू करेगा। इस पटरी के लिए एक लाख दस हजार पौधों को हटाया जाना है। इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास पिछले वर्ष दीपावली पर करने की योजना तय हुई थी।
खेल विश्वविद्यालय
छह महीने पहले इस ड्रीम प्रोजेक्ट की घोषणा की गई। सरधना के सलावा में बनाए जाने वाले खेल विश्वविद्यालय के लिए भी अभी वन विभाग और प्रशासन के बीच बातचीत चल रही है। निगरानी के लिए लोक निर्माण विभाग को नियुक्त किया गया है। अभी तक इस प्रोजेक्ट का न तो शिलान्यास किया गया है और न ही कोई निर्माण कार्य आगे बढ़ सका है। यहां भी लगभग एक हजार पौधों का कटान किया जाना है। 700 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए महज अभी 20 करोड़ रुपये ही मिले हैं।
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हमारी तरफ से तैयारी पूरी
कांवड़ नहर पटरी निर्माण में हमारी तरफ से तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। कई चरण इसके निर्माण से पहले किए गए हैं। खेल विवि में भी वन विभाग से स्वीकृति मिलनी है।
- संदीप कुमार, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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चौधरी चरण सिंह कांवड़ गंगनहर दायीं पटरी
गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों के लिए महत्वपूर्ण 111.490 किमी के दायीं पटरी के निर्माण की घोषणा अक्तूबर-2020 में हुई। इसके बाद दिसंबर-2020 में शासनादेश जारी कर दिया गया। 628 करोड़ 74 लाख 26 हजार रुपये मार्ग के लिए स्वीकृत किए गए। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की राशि अवमुक्त कर दी गई। इसमें सेतु की तरफ से सरधना के पास ब्रिज बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन अभी तक लोकनिर्माण विभाग का कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए पहले वन विभाग, भारत सरकार की टीम का निरीक्षण और अब मुख्य सचिव प्रदेश सरकार के पास पटरी निर्माण की फाइल है। मुख्य सचिव की स्वीकृति के बाद ही लोक निर्माण विभाग कार्य शुरू करेगा। इस पटरी के लिए एक लाख दस हजार पौधों को हटाया जाना है। इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास पिछले वर्ष दीपावली पर करने की योजना तय हुई थी।
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खेल विश्वविद्यालय
छह महीने पहले इस ड्रीम प्रोजेक्ट की घोषणा की गई। सरधना के सलावा में बनाए जाने वाले खेल विश्वविद्यालय के लिए भी अभी वन विभाग और प्रशासन के बीच बातचीत चल रही है। निगरानी के लिए लोक निर्माण विभाग को नियुक्त किया गया है। अभी तक इस प्रोजेक्ट का न तो शिलान्यास किया गया है और न ही कोई निर्माण कार्य आगे बढ़ सका है। यहां भी लगभग एक हजार पौधों का कटान किया जाना है। 700 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए महज अभी 20 करोड़ रुपये ही मिले हैं।
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हमारी तरफ से तैयारी पूरी
कांवड़ नहर पटरी निर्माण में हमारी तरफ से तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। कई चरण इसके निर्माण से पहले किए गए हैं। खेल विवि में भी वन विभाग से स्वीकृति मिलनी है।
- संदीप कुमार, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग