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मुल्हैड़ा में चुनावी संघर्ष में एक घायल की मौत, गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
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मुल्हैड़ा में चुनावी संघर्ष में एक घायल की मौत, गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
सरधना। मुल्हैड़ा गांव में तीन दिन पूर्व चुनावी रंजिश में संघर्ष में घायल हुए रोडवेज चालक की शुक्रवार देर रात अस्पताल में मौत हो गई। शनिवार को मृतक खालिद का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा। गमगीन माहौल में कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जबकि दूसरे घायल की जिला अस्पताल में हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक पक्ष की तहरीर पर 19 लोगों तथा ग्राम प्रधान पक्ष की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुल्हैडा गांव में नव निर्वाचित प्रधान कुलदीप पक्ष के साजिद और हारे हुए प्रधान पक्ष के नफीस के बीच ग्राम पंचायत चुनाव के बाद से ही तनाव चल रहा था। बृहस्पतिवार शाम दोनों पक्षों में लाठी डंडे व धारदार हथियार चले और पथराव हुआ। लेकिन मुल्हैड़ा चौकी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। देर रात फिर से दोनों पक्षों में जमकर संघर्ष हो गया। धारदार हथियार चले और फायरिंग भी हुई। संघर्ष में नफीस पक्ष के खालिद, अलीहसन, हसरत व नाजिम समेत पांच लोग घायल हुए। साजिद पक्ष के भी कुछ लोगों को चोट आई। रोडवेज बस चालक खालिद को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जबकि हसरत व अन्य को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को देर रात खालिद (45) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
संघर्ष से एक घंटा पहले गांव आया था खालिद
छोटे भाई कामिल ने बताया कि खालिद लोनी डिपो में रोडवेज बस पर चालक के रूप में काम करता था। वह बृहस्पतिवार को शाम ही गांव आया था। किसी को क्या पता था कि उसकी मौत उसे यहां खींचकर लाई है। कामिल ने बताया कि जिला अस्पताल में हसरत की हालत गंभीर बनी हुई है।
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सीओ ने दिया जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन
खालिद की मौत से उसके परिजनों में पुलिस के प्रति रोष फैल गया। ग्रामीण शव को मेरठ-करनाल हाईवे पर रखकर जाम लगाने की तैयारी कर रहे थे। इसकी जानकारी खुफिया विभाग व पुलिस को लगी तो उनके हाथ-पांव फूल गए। सीओ आरपी शाही, थानाध्यक्ष बृजेश कुमार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने खालिद पक्ष के लोगों व अन्य ग्रामीणों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। ग्रामीणों ने सीओ आरपी शाही से कहा कि ग्राम प्रधान कुलदीप व नफीस के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें हिरासत से कैसे छोड़ा, जिस पर सीओ कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
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सरधना। मुल्हैड़ा गांव में तीन दिन पूर्व चुनावी रंजिश में संघर्ष में घायल हुए रोडवेज चालक की शुक्रवार देर रात अस्पताल में मौत हो गई। शनिवार को मृतक खालिद का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा। गमगीन माहौल में कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जबकि दूसरे घायल की जिला अस्पताल में हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक पक्ष की तहरीर पर 19 लोगों तथा ग्राम प्रधान पक्ष की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुल्हैडा गांव में नव निर्वाचित प्रधान कुलदीप पक्ष के साजिद और हारे हुए प्रधान पक्ष के नफीस के बीच ग्राम पंचायत चुनाव के बाद से ही तनाव चल रहा था। बृहस्पतिवार शाम दोनों पक्षों में लाठी डंडे व धारदार हथियार चले और पथराव हुआ। लेकिन मुल्हैड़ा चौकी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। देर रात फिर से दोनों पक्षों में जमकर संघर्ष हो गया। धारदार हथियार चले और फायरिंग भी हुई। संघर्ष में नफीस पक्ष के खालिद, अलीहसन, हसरत व नाजिम समेत पांच लोग घायल हुए। साजिद पक्ष के भी कुछ लोगों को चोट आई। रोडवेज बस चालक खालिद को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जबकि हसरत व अन्य को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को देर रात खालिद (45) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
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संघर्ष से एक घंटा पहले गांव आया था खालिद
छोटे भाई कामिल ने बताया कि खालिद लोनी डिपो में रोडवेज बस पर चालक के रूप में काम करता था। वह बृहस्पतिवार को शाम ही गांव आया था। किसी को क्या पता था कि उसकी मौत उसे यहां खींचकर लाई है। कामिल ने बताया कि जिला अस्पताल में हसरत की हालत गंभीर बनी हुई है।
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सीओ ने दिया जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन
खालिद की मौत से उसके परिजनों में पुलिस के प्रति रोष फैल गया। ग्रामीण शव को मेरठ-करनाल हाईवे पर रखकर जाम लगाने की तैयारी कर रहे थे। इसकी जानकारी खुफिया विभाग व पुलिस को लगी तो उनके हाथ-पांव फूल गए। सीओ आरपी शाही, थानाध्यक्ष बृजेश कुमार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने खालिद पक्ष के लोगों व अन्य ग्रामीणों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। ग्रामीणों ने सीओ आरपी शाही से कहा कि ग्राम प्रधान कुलदीप व नफीस के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें हिरासत से कैसे छोड़ा, जिस पर सीओ कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।