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Meerut News: एक जिला-एक व्यंजन से वेस्ट यूपी के स्वादों को मिलेगी वैश्विक उड़ान
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मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एक जिला-एक व्यंजन योजना में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर की अहम जिम्मेदारी मिली है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और निर्यात प्रोत्साहन विभाग ने विश्वविद्यालय को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सात जिलों मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, सहारनपुर और शामली के पारंपरिक व्यंजनों की पहचान, दस्तावेजीकरण और वैज्ञानिक मूल्यांकन का दायित्व सौंपा है।
उत्तर प्रदेश दिवस 2026 पर शुरू की गई यह योजना एक जिला-एक उत्पाद की तर्ज पर तैयार है। उद्देश्य है प्रत्येक जिले के विशिष्ट और ऐतिहासिक व्यंजन को संरक्षित कर गुणवत्ता मानकीकरण, आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, जीआई टैगिंग और प्रभावी मार्केटिंग के माध्यम से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना। इससे स्थानीय हलवाई, किसान, महिला स्वयं सहायता समूह और युवा उद्यमियों को नए रोजगार अवसर मिलेंगे तथा क्यूलिनरी टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
विश्वविद्यालय प्रत्येक जिले से कम से कम दो पारंपरिक खाद्य उत्पादों का चयन कर उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सांस्कृतिक महत्व और प्रामाणिकता का अध्ययन करेगा। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने इसे प्रदेश की पाक विरासत को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया। योजना समन्वयक प्रो. बिंदु शर्मा के अनुसार फील्ड स्टडी और विशेषज्ञ संवाद के आधार पर तैयार रिपोर्ट में गुणवत्ता सुधार और ब्रांड विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश दिवस 2026 पर शुरू की गई यह योजना एक जिला-एक उत्पाद की तर्ज पर तैयार है। उद्देश्य है प्रत्येक जिले के विशिष्ट और ऐतिहासिक व्यंजन को संरक्षित कर गुणवत्ता मानकीकरण, आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, जीआई टैगिंग और प्रभावी मार्केटिंग के माध्यम से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना। इससे स्थानीय हलवाई, किसान, महिला स्वयं सहायता समूह और युवा उद्यमियों को नए रोजगार अवसर मिलेंगे तथा क्यूलिनरी टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
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विश्वविद्यालय प्रत्येक जिले से कम से कम दो पारंपरिक खाद्य उत्पादों का चयन कर उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सांस्कृतिक महत्व और प्रामाणिकता का अध्ययन करेगा। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने इसे प्रदेश की पाक विरासत को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया। योजना समन्वयक प्रो. बिंदु शर्मा के अनुसार फील्ड स्टडी और विशेषज्ञ संवाद के आधार पर तैयार रिपोर्ट में गुणवत्ता सुधार और ब्रांड विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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